सियासी मैदान में नारी शक्ति और अधिकार की जंग: कंगना रनौत ने ममता बनर्जी को 'जन्मजात महिला विरोधी' बताते हुए विपक्षी एकजुटता को घेरा
भारतीय राजनीति में महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के मुद्दे पर चल रही बहस के बीच, भारतीय जनता पार्टी की सांसद और प्रसिद्ध अभिनेत्री
- विपक्ष की महिला विरोधी राजनीति पर कंगना रनौत का प्रहार: ममता बनर्जी की नीतियों को बताया "सुरक्षा के नाम पर पाबंदी"
- बदलता बंगाल और महिला सुरक्षा का प्रश्न: भाजपा सांसद कंगना ने 8 बजे के बाद घर से बाहर न निकलने की सलाह को बताया दमनकारी
भारतीय राजनीति में महिला सशक्तिकरण और सुरक्षा के मुद्दे पर चल रही बहस के बीच, भारतीय जनता पार्टी की सांसद और प्रसिद्ध अभिनेत्री कंगना रनौत ने विपक्षी दलों और विशेष रूप से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। कंगना ने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के खिलाफ एक गहरी और सोची-समझी साजिश रची है, जिसका उद्देश्य उन्हें उनके मौलिक अधिकारों से वंचित करना है। उन्होंने ममता बनर्जी को 'जन्मजात महिला विरोधी' करार देते हुए कहा कि बंगाल की वर्तमान स्थिति महिलाओं के लिए अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गई है। कंगना के अनुसार, सरकार महिलाओं को सुरक्षा देने के बजाय उन पर पाबंदियां थोप रही है, जो आधुनिक लोकतंत्र में स्वीकार्य नहीं है। यह बयान उस समय आया है जब देश में 131वें संविधान संशोधन विधेयक और महिला आरक्षण जैसे गंभीर विषयों पर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर है। कंगना रनौत ने पश्चिम बंगाल के आंतरिक वातावरण का उल्लेख करते हुए एक गंभीर दावा किया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार महिलाओं से यह कहती है कि रात 8 बजे के बाद उन्हें घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। कंगना ने इसे महिलाओं की आजादी पर प्रहार बताया और तर्क दिया कि सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है, न कि महिलाओं को घर के भीतर कैद करना। उनके अनुसार, इस तरह की मानसिकता महिलाओं के प्रति दमनकारी सोच को दर्शाती है और यह संदेश देती है कि प्रशासन कानून-व्यवस्था को नियंत्रित करने में विफल रहा है। भाजपा सांसद ने जोर देकर कहा कि बंगाल में जिस तरह का भय का माहौल निर्मित किया गया है, वह प्रदेश की आधी आबादी को विकास की मुख्यधारा से अलग कर रहा है।
संसद के हालिया घटनाक्रमों और संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026 के गिरने को लेकर भी कंगना ने विपक्ष की घेराबंदी की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' (INDIA) ने महिला आरक्षण के मार्ग में बाधा उत्पन्न करके अपनी असलियत दिखा दी है। कंगना ने कहा कि जब भाजपा सरकार महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देकर उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठा रही है, तब विपक्षी दल केवल राजनीतिक स्वार्थों के चलते इसे रोकने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद उन्होंने महिलाओं के उत्थान से जुड़े विधेयकों का समर्थन करने के बजाय उसे गिराने में भूमिका निभाई। यह विरोधाभास दर्शाता है कि विपक्ष के लिए महिला सुरक्षा और प्रतिनिधित्व केवल चुनावी मुद्दे हैं, वास्तविक चिंता नहीं। कंगना रनौत ने अपनी कोलकाता यात्रा के दौरान कालीघाट मंदिर में मत्था टेका और बंगाल की बेटियों की सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में महिलाओं के साथ होने वाली हिंसक घटनाएं और प्रशासनिक उदासीनता इस बात का प्रमाण है कि सत्ता पक्ष केवल अपनी कुर्सी बचाने के लिए तुष्टीकरण और डर की राजनीति कर रहा है। राजनीतिक परिदृश्य में कंगना ने ममता बनर्जी की तुलना उन ताकतों से की जो महिलाओं को दोयम दर्जे का नागरिक बनाए रखना चाहती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में चुनावी लाभ के लिए 'वोट बैंक' की राजनीति इस कदर हावी हो गई है कि वहां की महिलाओं के मौलिक मानवाधिकारों की बलि दी जा रही है। कंगना के अनुसार, ममता बनर्जी का शासन महिलाओं के लिए सुरक्षा का भ्रम पैदा करता है, जबकि हकीकत में महिलाएं अपनी सामान्य गतिविधियों के लिए भी डरी हुई हैं। उन्होंने कहा कि एक महिला मुख्यमंत्री के कार्यकाल में महिलाओं को यह हिदायत दिया जाना कि वे समय सीमा के भीतर रहें, उनकी प्रशासनिक विफलता का सबसे बड़ा प्रमाण है।
विपक्षी एकता पर सवाल उठाते हुए कंगना ने कहा कि यह गठबंधन केवल मोदी विरोध के नाम पर बना है और इनके पास देश की महिलाओं के विकास के लिए कोई विजन नहीं है। उन्होंने कहा कि 131वें संविधान संशोधन विधेयक के विरोध में विपक्षी दलों द्वारा दिया गया तर्क कि इसे परिसीमन से क्यों जोड़ा गया है, केवल एक बहाना है। असल में, ये दल कभी नहीं चाहते कि संसद और विधानसभाओं में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित हो। कंगना ने ममता बनर्जी को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वे वास्तव में महिलाओं की हितैषी हैं, तो उन्हें अपने राज्य में ऐसा वातावरण तैयार करना चाहिए जहाँ एक महिला रात के किसी भी पहर बिना किसी भय के सुरक्षित घूम सके। आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के संदर्भ में कंगना ने विश्वास जताया कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं अब इस 'साजिश' को समझ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को सशक्त बनाने और उन्हें सुरक्षा का वह वातावरण देने के लिए प्रतिबद्ध है जिसकी वे हकदार हैं। कंगना ने ममता बनर्जी के उस बयान का भी खंडन किया जिसमें उन्होंने भाजपा पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाया था। भाजपा सांसद के अनुसार, लोकतंत्र की हत्या तब होती है जब जनता की चुनी हुई प्रतिनिधि महिलाओं को घर में रहने की सलाह देती हैं और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास करती हैं। यह जुबानी जंग अब बंगाल की गलियों से लेकर संसद के गलियारों तक गूंज रही है।
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