भोजपुरी पावरस्टार पवन सिंह की राज्यसभा में एंट्री की चर्चा तेज, बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से दिल्ली में आधे घंटे की गहन मुलाकात।
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में 'पावरस्टार' के नाम से मशहूर अभिनेता और गायक पवन सिंह अब राजनीतिक क्षेत्र में भी सुर्खियों में हैं। बिहार से राज्यसभा
भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री में 'पावरस्टार' के नाम से मशहूर अभिनेता और गायक पवन सिंह अब राजनीतिक क्षेत्र में भी सुर्खियों में हैं। बिहार से राज्यसभा सदस्य बनने की संभावना उनके लिए मजबूत होती दिख रही है, खासकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से। गुरुवार 26 फरवरी 2026 को दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ उनकी लगभग आधे घंटे की बंद कमरे में बैठक हुई। इस मुलाकात ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, क्योंकि यह ठीक राज्यसभा चुनावों के ऐलान के समय हुई है। पवन सिंह पहले से ही पार्टी से जुड़े हुए हैं और उनकी लोकप्रियता बिहार के ग्रामीण और युवा वर्ग में काफी है, जो पार्टी के लिए एक मजबूत कारक साबित हो सकती है। बिहार विधानसभा में एनडीए की मजबूत स्थिति के कारण पांच में से अधिकांश सीटें जीतने की संभावना है, जिसमें बीजेपी दो या अधिक सीटों पर दावा कर रही है।
इस मुलाकात के बाद पवन सिंह ने मीडिया से बातचीत में इसे पूरी तरह शिष्टाचार भेंट करार दिया। उन्होंने बताया कि उन्होंने बड़े भाई नितिन नवीन से सिर्फ आशीर्वाद लिया और मुलाकात बहुत सुखद रही। जब उनसे राज्यसभा टिकट के बारे में सीधे सवाल किया गया तो उन्होंने विनम्रता से जवाब दिया कि वे पार्टी के एक छोटे सिपाही हैं और शीर्ष नेतृत्व या मालिक जो फैसला लेंगे, वही अंतिम होगा। उनका यह बयान पार्टी के प्रति पूर्ण समर्पण दर्शाता है, लेकिन साथ ही अटकलों को भी बढ़ावा दे रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी मुलाकातें अक्सर महत्वपूर्ण फैसलों से पहले होती हैं, खासकर जब उम्मीदवारों की अंतिम सूची तैयार की जा रही हो। पवन सिंह की लोकप्रियता को देखते हुए पार्टी उन्हें राज्यसभा में भेजकर बिहार में अपनी पहुंच बढ़ाना चाह सकती है।
बिहार से राज्यसभा की पांच सीटें मार्च 2026 में खाली हो रही हैं, जिनके लिए चुनाव 16 मार्च को प्रस्तावित हैं। इनमें से दो सीटें वर्तमान में राष्ट्रीय जनता दल की हैं, दो जनता दल यूनाइटेड की और एक राष्ट्रीय लोक मोर्चा की। एनडीए की विधानसभा में मजबूत संख्या बल के कारण वह सभी पांच सीटें जीतने की स्थिति में है, बशर्ते छोटे दलों के कुछ विधायकों का समर्थन मिल जाए। बीजेपी के पास 89 विधायक हैं और वह कम से कम दो सीटों पर मजबूत दावेदार है। पार्टी के अंदर चर्चा है कि एक सीट पर पवन सिंह जैसे लोकप्रिय चेहरे को उतारा जा सकता है, जो बिहार के बाहरी इलाकों में पार्टी की छवि मजबूत कर सकता है। इससे पहले भी पवन सिंह ने लोकसभा चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में भाग लिया था और बाद में एनडीए का समर्थन किया था, जिससे उनकी राजनीतिक सक्रियता साफ दिखती है।
पवन सिंह की राजनीतिक यात्रा काफी उतार-चढ़ाव वाली रही है। पिछले साल उन्होंने लोकसभा चुनाव में करकट सीट से स्वतंत्र उम्मीदवारी की थी, जिसके कारण बीजेपी ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था। लेकिन बाद में अमित शाह और अन्य नेताओं की मौजूदगी में उनका एनडीए में वापस स्वागत हुआ। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले भी उनकी चर्चा उम्मीदवार के रूप में हुई थी, लेकिन अंततः उन्होंने चुनाव न लड़ने का फैसला किया। अब राज्यसभा के रास्ते संसद पहुंचने की संभावना उनके लिए एक नया अवसर है। उनकी भोजपुरी गीतों और फिल्मों की लोकप्रियता बिहार के कुशवाहा और अन्य पिछड़े वर्गों में गहरी पैठ रखती है, जो पार्टी के लिए जातीय समीकरण साधने में मददगार साबित हो सकती है।
राज्यसभा चुनावों में एनडीए की स्थिति मजबूत है, लेकिन कुछ छोटे दलों जैसे एआईएमआईएम के पांच और बसपा के एक विधायक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। यदि विपक्ष इनका समर्थन हासिल कर ले तो एक या दो सीटें प्रभावित हो सकती हैं, लेकिन वर्तमान में एनडीए सभी सीटें जीतने की ओर अग्रसर दिख रहा है। बीजेपी के अंदर पवन सिंह के नाम पर विचार चल रहा है, क्योंकि उनकी सेलिब्रिटी स्टेटस पार्टी को मीडिया और जनता के बीच अलग पहचान दे सकती है। मुलाकात के दौरान चर्चा का मुख्य विषय पार्टी की रणनीति और बिहार में आगामी राजनीतिक चुनौतियां रही होंगी। पवन सिंह की मौजूदगी पार्टी के युवा और मनोरंजन प्रेमी वोटरों को आकर्षित करने का माध्यम बन सकती है।
पवन सिंह ने मुलाकात के बाद दिए बयानों में पार्टी के प्रति निष्ठा जताई है, लेकिन उन्होंने किसी भी तरह की पुष्टि नहीं की। राजनीतिक सूत्रों के अनुसार, ऐसी बैठकें अक्सर टिकट वितरण से पहले अंतिम मंजूरी के लिए होती हैं। यदि पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजती है तो यह बिहार में बीजेपी की नई रणनीति का हिस्सा होगा, जहां सेलिब्रिटी चेहरों को संसद में जगह देकर जनसंपर्क बढ़ाया जा रहा है। इससे पहले भी कई राज्यों में ऐसे प्रयोग सफल रहे हैं। पवन सिंह की लोकप्रियता को देखते हुए उनका नाम अन्य दावेदारों जैसे उपेंद्र कुशवाहा या अन्य नेताओं से अलग खड़ा होता है। राज्यसभा में पहुंचने पर वे बिहार की सांस्कृतिक और सामाजिक मुद्दों को मजबूती से उठा सकते हैं।
What's Your Reaction?







