IRB इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में 10% से ज्यादा का उछाल: बोनस शेयर एडजस्टमेंट के बाद निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी।

आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स लिमिटेड के शेयरों में सोमवार सुबह के सत्र में व्यापक खरीदारी देखी गई। कंपनी का शेयर बीएसई (BSE) पर 20.53 रुपये

Mar 30, 2026 - 12:23
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IRB इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में 10% से ज्यादा का उछाल: बोनस शेयर एडजस्टमेंट के बाद निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी।
IRB इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में 10% से ज्यादा का उछाल: बोनस शेयर एडजस्टमेंट के बाद निवेशकों की बढ़ी दिलचस्पी।
  • स्टॉक मार्केट अपडेट: एक्स-बोनस होते ही IRB इंफ्रा के शेयरों ने पकड़ी रफ्तार, रिकॉर्ड डेट से पहले खरीदारी का दिखा जोर
  • इन्फ्रा सेक्टर की दिग्गज कंपनी ने दिया 1:1 का बोनस; जानें निवेशकों के लिए क्या हैं इस तेजी के मायने और भविष्य के संकेत

आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स लिमिटेड के शेयरों में सोमवार सुबह के सत्र में व्यापक खरीदारी देखी गई। कंपनी का शेयर बीएसई (BSE) पर 20.53 रुपये के स्तर पर खुला और कुछ ही समय में लगभग 10.89 प्रतिशत की बढ़त के साथ 22.70 रुपये के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। इस तेजी का सीधा संबंध कंपनी द्वारा घोषित बोनस शेयर इश्यू से है। जब कोई कंपनी बोनस शेयर जारी करती है, तो शेयर की कीमत उसी अनुपात में कम (एडजस्ट) हो जाती है, जिससे वह खुदरा निवेशकों के लिए अधिक सस्ती और आकर्षक बन जाती है। सोमवार को शेयर की कीमत पिछले बंद भाव 20.47 रुपये (एडजस्टेड) से बढ़कर कारोबार करती दिखी, जो बाजार के सकारात्मक रुख को दर्शाती है। कंपनी ने 13 फरवरी 2026 को हुई बोर्ड बैठक में 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर देने का प्रस्ताव रखा था, जिसे 23 मार्च 2026 को पोस्टल बैलट के माध्यम से शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई। इस अनुपात का अर्थ है कि प्रत्येक एक मौजूदा शेयर के बदले शेयरधारकों को एक अतिरिक्त पूर्ण चुकता इक्विटी शेयर मुफ्त में दिया जाएगा। कंपनी ने इस कॉर्पोरेट एक्शन के लिए 1 अप्रैल 2026 (बुधवार) को 'रिकॉर्ड डेट' के रूप में तय किया है। चूंकि 31 मार्च को महावीर जयंती के उपलक्ष्य में बाजार बंद रहेगा, इसलिए 30 मार्च ही वह अंतिम दिन था जब निवेशकों को बोनस के लिए पात्र होने हेतु शेयर खरीदने थे, जिससे बाजार में वॉल्यूम और कीमतों में इजाफा हुआ।

बोनस शेयर जारी करना किसी भी कंपनी के लिए अपनी तरलता (Liquidity) बढ़ाने का एक प्रभावी तरीका होता है। आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा यह कदम उठाए जाने के पीछे का उद्देश्य अपने शेयरधारकों को पुरस्कृत करना और स्टॉक को व्यापक आधार वाले निवेशकों के लिए सुलभ बनाना है। हालांकि बोनस शेयर जारी करने से कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन (बाजार पूंजीकरण) में कोई बदलाव नहीं आता, लेकिन इससे बाजार में शेयरों की संख्या दोगुनी हो जाती है। यह कंपनी के मजबूत रिजर्व और भविष्य की विकास योजनाओं में प्रबंधन के भरोसे का संकेत माना जाता है, जिसे निवेशकों ने हाथों-हाथ लिया है। सेबी (SEBI) के नवीनतम नियमों के अनुसार, बोनस शेयरों के आवंटन की प्रक्रिया अब काफी तेज हो गई है। आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर के मामले में, बोनस शेयरों के आवंटन की संभावित तारीख 2 अप्रैल 2026 रखी गई है। इसके तुरंत बाद ये बोनस शेयर निवेशकों के डीमैट खातों में जमा कर दिए जाएंगे और अगले कार्य दिवस से ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध होंगे। यह पहली बार है जब कंपनी ने अपने इतिहास में बोनस शेयर जारी करने का निर्णय लिया है।

इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर एक स्थापित नाम है, जिसके पास लगभग 80,000 करोड़ रुपये का एसेट बेस है। कंपनी देश के 12 राज्यों में टोल सड़कों और राजमार्गों के विकास और रखरखाव का कार्य करती है। हाल ही में कंपनी ने फरवरी 2026 के लिए अपने टोल राजस्व में सालाना आधार पर 22% की वृद्धि दर्ज की थी, जो कुल 746 करोड़ रुपये रही। वित्तीय वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के नतीजों में कंपनी ने श्रम संहिताओं के कार्यान्वयन के कारण कुछ एकमुश्त खर्चों के बावजूद परिचालन आय में अच्छी बढ़त दिखाई थी। राजस्व और लाभ के इन आंकड़ों ने निवेशकों के विश्वास को मजबूत किया है।

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि स्टॉक की कीमतों में मौजूदा उछाल केवल तकनीकी एडजस्टमेंट नहीं है, बल्कि यह कंपनी के बुनियादी ढांचे की मजबूती पर भी आधारित है। हालांकि पिछले एक साल में स्टॉक ने उतार-चढ़ाव देखा है और अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तर 27.19 रुपये से कुछ नीचे ट्रेड कर रहा है, लेकिन लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह एक आकर्षक विकल्प बना हुआ है। कंपनी द्वारा लगातार डिविडेंड (लाभांश) देने का ट्रैक रिकॉर्ड भी रहा है। फरवरी 2026 में ही कंपनी ने 0.07 रुपये प्रति शेयर का तीसरा अंतरिम डिविडेंड दिया था, जो आय सृजन के मामले में कंपनी की निरंतरता को दर्शाता है। नियमों के अनुसार, केवल वे निवेशक ही बोनस शेयर के हकदार होंगे जिनके नाम 1 अप्रैल 2026 को कंपनी के रिकॉर्ड बुक में दर्ज होंगे। टी+1 सेटलमेंट प्रणाली के कारण, सोमवार (30 मार्च) को की गई खरीदारी बुधवार तक खातों में प्रतिबिंबित हो जाएगी। जो निवेशक इस तारीख के बाद शेयर खरीदेंगे, उन्हें बोनस का लाभ नहीं मिलेगा। फिलहाल, शेयर बाजार में आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर के प्रति निवेशकों का जो उत्साह दिख रहा है, वह बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बढ़ते निवेश और कंपनी की हालिया रणनीतिक घोषणाओं का ही परिणाम है। आने वाले हफ्तों में यह देखना दिलचस्प होगा कि बोनस शेयरों की लिस्टिंग के बाद स्टॉक किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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