बिहार चुनाव 2025: शहाबुद्दीन की सियासी विरासत को आगे बढ़ाएंगे बेटे ओसामा, आरजेडी ने रघुनाथपुर से थमाया टिकट। 

बिहार की राजनीति में एक बार फिर वंशवाद का पुराना दौर दिखाई दे रहा है। सिवान के दिवंगत बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के इकलौते बेटे ओसामा शहाब को राष्ट्रीय जनता दल

Oct 15, 2025 - 11:58
 0  56
बिहार चुनाव 2025: शहाबुद्दीन की सियासी विरासत को आगे बढ़ाएंगे बेटे ओसामा, आरजेडी ने रघुनाथपुर से थमाया टिकट। 
बिहार चुनाव 2025: शहाबुद्दीन की सियासी विरासत को आगे बढ़ाएंगे बेटे ओसामा, आरजेडी ने रघुनाथपुर से थमाया टिकट। 

बिहार की राजनीति में एक बार फिर वंशवाद का पुराना दौर दिखाई दे रहा है। सिवान के दिवंगत बाहुबली नेता मोहम्मद शहाबुद्दीन के इकलौते बेटे ओसामा शहाब को राष्ट्रीय जनता दल ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए रघुनाथपुर विधानसभा सीट से टिकट दे दिया है। यह फैसला आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव ने लिया है, जो शहाबुद्दीन परिवार के साथ पुराने रिश्तों को मजबूत करने का संकेत देता है। रघुनाथपुर के मौजूदा विधायक हरिशंकर यादव ने अपनी सीट से हाथ खींच लिया है और ओसामा को खुला समर्थन देने का ऐलान किया है। यह कदम न केवल शहाबुद्दीन की राजनीतिक विरासत को जीवित रखने की कोशिश है, बल्कि सिवान क्षेत्र में मुस्लिम-यादव गठजोड़ को फिर से मजबूत करने का प्रयास भी लगता है। बिहार विधानसभा चुनाव नवंबर 2025 में होने हैं, और यह टिकट वितरण ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है।

मोहम्मद शहाबुद्दीन बिहार की राजनीति के एक ऐसे नाम थे, जिनका जिक्र आते ही बाहुबली की छवि उभरती है। वे 1996 से 2004 तक सिवान से चार बार सांसद रहे। आरजेडी के प्रमुख नेताओं में शुमार शहाबुद्दीन को अपराधी गतिविधियों के कई मामलों में सजा भी हुई। 2016 में दिल्ली के तिहाड़ जेल में उनकी मौत हो गई। उनकी पत्नी हीना शहाब ने 2009, 2014 और 2019 में सिवान लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा, लेकिन हर बार हार गईं। 2024 के लोकसभा चुनाव में वे निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतरीं, लेकिन फिर असफल रहीं। हीना शहाब ने हाल ही में आरजेडी में वापसी की है और पार्टी ने उन्हें अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है। ओसामा शहाब, जो शहाबुद्दीन के इकलौते बेटे हैं, अब परिवार की सियासी पारी को आगे बढ़ाने जा रहे हैं। ओसामा की उम्र करीब 25-26 साल बताई जाती है। वे अभी तक राजनीति से दूर रहे हैं, लेकिन परिवार की परंपरा को निभाने के लिए मैदान में उतर रहे हैं।

रघुनाथपुर विधानसभा सीट सिवान जिले में आती है और यह शहाबुद्दीन का पारंपरिक गढ़ रही है। 2020 के विधानसभा चुनाव में यहां से आरजेडी के हरिशंकर यादव ने जीत हासिल की थी। उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी के मनोज कुमार सिंह को 17,965 वोटों से हराया था। कुल वोटरों की संख्या 1,58,840 थी और मतदान प्रतिशत 53.52 रहा। 2015 के चुनाव में भी हरिशंकर यादव ही विजयी हुए थे। यह सीट आरजेडी का मजबूत किला मानी जाती है, जहां मुस्लिम और यादव वोटरों की अच्छी-खासी संख्या है। ओसामा को टिकट मिलने से पार्टी को उम्मीद है कि शहाबुद्दीन के नाम का जादू फिर चलेगा। स्थानीय लोग बताते हैं कि शहाबुद्दीन के समय में सिवान क्षेत्र में विकास कार्यों के साथ-साथ सामाजिक न्याय का पैगाम भी फैला था। एक स्थानीय शिक्षिका शबाना खातून ने कहा कि शहाबुद्दीन ने कभी मुसलमानों को कमजोर महसूस नहीं होने दिया। अब ओसामा से यही उम्मीद है।

हरिशंकर यादव का सीट छोड़ना इस फैसले का सबसे बड़ा पहलू है। वे दो बार विधायक रह चुके हैं और क्षेत्र में उनकी अच्छी पकड़ है। लेकिन पार्टी हाईकमान के निर्देश पर उन्होंने ओसामा के लिए रास्ता साफ कर दिया। यादव ने एक सभा में कहा कि शहाबुद्दीन साहब की विरासत को बचाना हम सबका कर्तव्य है। मैं ओसामा को पूरा साथ दूंगा। यह कदम आरजेडी के भीतर एकता का संदेश देता है। लालू प्रसाद यादव ने रघुनाथपुर में राष्ट्रीय जनता दल कार्यकर्ता सम्मेलन में ओसामा का नाम फाइनल किया। उसी सम्मेलन में सिवान सीट से अवध बिहारी चौधरी को भी टिकट देने की घोषणा हुई। अवध बिहारी 2024 लोकसभा चुनाव में सिवान से आरजेडी के उम्मीदवार थे। इन फैसलों से महागठबंधन की रणनीति साफ हो रही है। आरजेडी कुल 144 सीटों पर लड़ने का दावा कर रही है, जबकि कांग्रेस को 20 और वाम दलों को 10 सीटें मिलेंगी।

यह टिकट वितरण रातोंरात हुआ, जिससे पटना के सियासी दफ्तरों में हलचल मच गई। आरजेडी ने मंगलवार रात को कई उम्मीदवारों के नाम घोषित किए, जिनमें तेजस्वी यादव को रघोपुर से, मुकेश रोशन को महुआ से और ओसामा को रघुनाथपुर से शामिल है। विपक्षी गठबंधन एनडीए में भी टिकट बंटवारे को लेकर खींचतान चल रही है। भाजपा ने 71 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की है। बिहार चुनाव में वंशवाद का बोलबाला है। पप्पू यादव, आनंद मोहन और शहाबुद्दीन जैसे नेताओं के बेटे मैदान में हैं। राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के अनुसार, बिहार में 1200 परिवारों का राजनीति पर कब्जा है। ओसामा का प्रवेश इसी कड़ी का हिस्सा है।

सिवान क्षेत्र की राजनीति हमेशा से तनावपूर्ण रही है। शहाबुद्दीन और खान बंधुओं के बीच पुरानी दुश्मनी जगजाहिर है। 2005 के विधानसभा चुनाव में शहाबुद्दीन ने रघुनाथपुर से खान बंधुओं के पिता को टिकट देने से इनकार कर दिया था, जिससे बगावत हुई। अब लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के रईस खान को सिवान, रघुनाथपुर या बरहरा से टिकट की मांग है। अगर एनडीए रईस को रघुनाथपुर से उतारता है, तो पुरानी दुश्मनी फिर भड़क सकती है। 2022 के विधान परिषद चुनाव में रईस ने ओसामा पर गोली चलाने का आरोप लगाया था। सिवान लोकसभा क्षेत्र छह विधानसभा क्षेत्रों पर फैला है- सिवान, जिरादेई, दरौली, रघुनाथपुर, दरौंदा और बरहरा। इनमें से पांच पर महागठबंधन का कब्जा है।

ओसामा की उम्मीदवारी से मुस्लिम और यादव वोटरों में उत्साह है। एक स्थानीय युवक ने कहा कि शहाबुद्दीन साहब का नाम ही काफी है। वे विकास के साथ न्याय देते थे। लेकिन कुछ लोग चिंतित हैं कि बाहुबली की छवि फिर हावी हो जाएगी। आरजेडी का फोकस सामाजिक न्याय और रोजगार पर है। तेजस्वी यादव ने युवाओं के लिए नौकरियों का वादा किया है। एनडीए विकास और कल्याण योजनाओं पर जोर दे रहा है। नीतीश कुमार सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लग रहे हैं। चुनाव आयोग ने विशेष गहन संशोधन करवाया है, जिससे वोटर लिस्ट पर सवाल उठे हैं।

हीना शहाब ने अप्रैल 2025 में धनौती गांव में एक सभा में ओसामा की उम्मीदवारी की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि रघुनाथपुर हमारा पारंपरिक क्षेत्र है। लोगों ने हमेशा साथ दिया। अब अगली पीढ़ी को आगे बढ़ना है। हीना और ओसामा की आरजेडी में वापसी ने स्थानीय समीकरण बदल दिए हैं। हरिशंकर यादव को टिकट न मिलने से कुछ असंतोष है, लेकिन पार्टी अनुशासन ने सब संभाल लिया। ओसामा अब प्रचार में जुटेंगे। वे सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं और युवाओं से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

यह चुनाव बिहार की राजनीति का टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है। आरजेडी को उम्मीद है कि ओसामा से सिवान में वापसी होगी। एनडीए इसे चुनौती के रूप में देख रहा है। बिहार में जातिगत समीकरण महत्वपूर्ण हैं। मुस्लिम-यादव गठजोड़ आरजेडी की ताकत है। दलित और पिछड़े वोट एनडीए के पक्ष में जाते हैं। चुनाव 6 और 11 नवंबर को होंगे, नतीजे 14 नवंबर को। सभी दल डिजिटल कैंपेन पर जोर दे रहे हैं। तेजस्वी के एआई वीडियो वायरल हो रहे हैं।

Also Read- ओवैसी का बीजेपी-RSS पर तीखा प्रहार: CJI गवई पर जूता फेंकने वाले पर केस क्यों नही? कहा- योगी के राज्य में दलितों पर अत्याचार चरम पर।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow