Politics News: अहमदाबाद विमान हादसा- पीएम मोदी आज करेंगे घटनास्थल का दौरा, NSG ने बरामद किया ब्लैक बॉक्स, DGCA की जांच शुरू।
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (उड़ान AI171) के भयावह हादसे ...
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए एयर इंडिया के बोइंग 787 ड्रीमलाइनर (उड़ान AI171) के भयावह हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हादसे में 242 यात्रियों और चालक दल के 241 लोगों की मृत्यु हो गई, जिसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे। एकमात्र जीवित बचे यात्री, ब्रिटिश नागरिक विशवास कुमार रमेश, की कहानी चमत्कार से कम नहीं है। इस त्रासदी के बाद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार, 13 जून 2025 को सुबह 8:30 बजे अहमदाबाद पहुंचेंगे, जहां वे घटनास्थल का दौरा करेंगे, घायलों से मिलेंगे, और राहत कार्यों का जायजा लेंगे। राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) ने विमान का ब्लैक बॉक्स बरामद कर लिया है, और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने जांच शुरू कर दी है।
- घटनास्थल का दौरा और पीएम की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे को "हृदय विदारक" और "स्तब्ध करने वाला" बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "अहमदाबाद की त्रासदी ने हमें स्तब्ध और दुखी कर दिया है। यह दुख शब्दों से परे है। मैं प्रभावित लोगों के साथ हूं और मंत्रियों व अधिकारियों के संपर्क में हूं, जो राहत कार्यों में जुटे हैं।" पीएम मोदी शुक्रवार सुबह अहमदाबाद पहुंचेंगे, जहां वे मेघानी नगर में दुर्घटना स्थल का दौरा करेंगे और बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल, जहां विमान गिरा, का जायजा लेंगे। इसके बाद, वे सिविल अस्पताल में भर्ती घायलों से मुलाकात करेंगे और उनके दर्द को समझेंगे।
पीएम ने नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू और गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात की और उन्हें तत्काल अहमदाबाद पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया। नायडू और शाह गुरुवार शाम को ही अहमदाबाद पहुंच गए और उन्होंने स्थानीय प्रशासन, DGCA, और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के अधिकारियों के साथ बैठक की। पीएम का यह दौरा न केवल प्रभावित परिवारों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि जांच और राहत कार्यों को गति देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।12 जून 2025 को दोपहर 1:38 बजे, एयर इंडिया की उड़ान AI171, जो अहमदाबाद से लंदन गैटविक जा रही थी, रनवे 23 से उड़ान भरने के 59 सेकंड बाद मेघानी नगर में बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विमान में 230 यात्री और 12 चालक दल के सदस्य सवार थे, जिनमें 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली, और 1 कनाडाई नागरिक शामिल थे। हादसे से पहले, कैप्टन सुमित सभरवाल, जिनके पास 8,200 घंटों का उड़ानdrink अनुभव था, ने मेडे कॉल जारी किया, लेकिन इसके बाद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से संपर्क टूट गया।
विमान के हॉस्टल से टकराने के बाद आग लग गई, जिससे भारी तबाही हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विमान केवल 625 फीट की ऊंचाई तक पहुंचा और फिर तेजी से नीचे गिर गया। इस हादसे में कम से कम 265 लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जिनमें 5 एमबीबीएस छात्र, एक पीजी रेजिडेंट डॉक्टर, और एक सुपरस्पेशलिस्ट डॉक्टर की पत्नी शामिल हैं।
- ब्लैक बॉक्स की बरामदगी और DGCA जांच
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) ने दुर्घटना स्थल से विमान का ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर) बरामद कर लिया है। यह ब्लैक बॉक्स जांच के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह विमान के अंतिम क्षणों, इंजन की स्थिति, और चालक दल की बातचीत का डेटा प्रदान करेगा। DGCA ने विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के साथ मिलकर औपचारिक जांच शुरू कर दी है, जो अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के प्रोटोकॉल के अनुसार होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लैक बॉक्स का विश्लेषण करने में 2-4 सप्ताह लग सकते हैं, लेकिन अगर डिवाइस क्षतिग्रस्त है, तो इसमें अधिक समय लग सकता है। जांच में विमान की तकनीकी खराबी, मानवीय त्रुटि, या अन्य कारकों की भूमिका का पता लगाया जाएगा। बोइंग ने बयान जारी कर कहा कि वह AAIB के साथ पूरी तरह सहयोग करेगा।
- एकल उत्तरजीवी की कहानी
विशवास कुमार रमेश, जो सीट 11A पर आपातकालीन निकास के पास बैठा था, इस हादसे का एकमात्र जीवित बचा यात्री है। सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि रमेश गंभीर रूप से घायल और मानसिक आघात में हैं, लेकिन उनकी स्थिति स्थिर है। रमेश ने बताया, "हर तरफ शव थे। मैं डर गया था। मैं उठा और भागा।" उनकी यह कहानी इस त्रासदी की भयावहता को दर्शाती है।
- राहत और बचाव कार्य
हादसे के तुरंत बाद, NDRF की छह टीमें, अग्निशमन दल, और पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किए। सिविल अस्पताल में 265 शव लाए गए, जिनमें से कई की पहचान डीएनए विश्लेषण के बाद होगी। 60 से अधिक घायल लोगों को अस्पताल में भर्ती किया गया, जिनमें से 22 को छुट्टी दे दी गई है। टाटा समूह ने मृतकों के परिवारों के लिए 1 करोड़ रुपये की मुआवजा राशि और घायलों के इलाज के लिए सहायता की घोषणा की है।
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
इस हादसे ने वैश्विक स्तर पर शोक की लहर पैदा की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इसे "विमानन इतिहास का सबसे भयानक हादसा" बताया और जांच के लिए सहायता की पेशकश की। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने 53 ब्रिटिश नागरिकों की मृत्यु पर दुख व्यक्त किया और जांच के लिए एक टीम भेजने की घोषणा की। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, और अन्य नेताओं ने भी शोक संदेश भेजे।
- प्रभावितों में प्रमुख हस्तियां
हादसे में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मृत्यु ने देश को गहरा सदमा पहुंचाया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, और अन्य नेताओं ने उनके योगदान को याद किया। इसके अलावा, राजस्थान के 11 निवासियों, जिनमें एक नवविवाहिता खुशबू राजपुरोहित शामिल थीं, की मृत्यु ने स्थानीय समुदायों को शोक में डुबो दिया।
- विमानन सुरक्षा पर सवाल
यह हादसा बोइंग 787 ड्रीमलाइनर का पहला घातक हादसा है, जिसने इस मॉडल की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। विमानन विशेषज्ञ संजय लाजर ने बताया कि वीडियो में विमान का लैंडिंग गियर नीचे होने का संकेत तकनीकी खराबी की ओर इशारा करता है। DGCA ने सभी बोइंग 787 विमानों की जांच के लिए विचार शुरू कर दिया है।
अहमदाबाद विमान हादसा भारत के सबसे भयावह विमानन हादसों में से एक है। पीएम मोदी का दौरा और सरकार की त्वरित कार्रवाई प्रभावितों के प्रति संवेदनशीलता दर्शाती है। ब्लैक बॉक्स की बरामदगी और DGCA की जांच से जल्द ही हादसे के कारणों का पता चलने की उम्मीद है।
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