टी20 वर्ल्ड कप 2026 की दहलीज पर भारत- सूर्यकुमार-गिल की खराब फॉर्म और टीम संयोजन की अनिश्चितताएं बढ़ा रही चिंता। 

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आयोजन की घड़ी तेजी से करीब आ रही है, जो भारत और श्रीलंका में फरवरी-मार्च 2026 में होगा। भारतीय टीम के लिए यह टूर्नामेंट

Dec 12, 2025 - 12:17
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टी20 वर्ल्ड कप 2026 की दहलीज पर भारत- सूर्यकुमार-गिल की खराब फॉर्म और टीम संयोजन की अनिश्चितताएं बढ़ा रही चिंता। 
टी20 वर्ल्ड कप 2026 की दहलीज पर भारत- सूर्यकुमार-गिल की खराब फॉर्म और टीम संयोजन की अनिश्चितताएं बढ़ा रही चिंता। 

टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आयोजन की घड़ी तेजी से करीब आ रही है, जो भारत और श्रीलंका में फरवरी-मार्च 2026 में होगा। भारतीय टीम के लिए यह टूर्नामेंट खिताब बचाने का मौका होगा, लेकिन वर्तमान परिस्थितियां चिंताजनक नजर आ रही हैं। टीम का संयोजन अभी पूरी तरह तय नहीं हो पाया है, जबकि कप्तान सूर्यकुमार यादव और उप-कप्तान शुभमन गिल की बल्लेबाजी फॉर्म 2025 में लगातार कमजोर बनी हुई है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हालिया टी20 सीरीज में दोनों के असफल प्रदर्शन ने इन कमजोरियों को उजागर कर दिया है। टीम प्रबंधन ने अभी तक 10 टी20 मैचों का शेड्यूल तय किया है, लेकिन संयोजन में बदलाव की गुंजाइश कम है, जिससे प्रमुख खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ रहा है। टी20 वर्ल्ड कप 2026 का फॉर्मेट 2024 संस्करण जैसा ही रहेगा, जिसमें 20 टीमें चार ग्रुपों में बंटी होंगी। भारत ग्रुप ए में पाकिस्तान, अमेरिका, नामीबिया और नीदरलैंड्स के साथ होगा। सुपर 8 चरण तक पहुंचने के लिए ग्रुप स्टेज मजबूत प्रदर्शन जरूरी होगा। भारतीय टीम ने 2024 में खिताब जीतने के बाद रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविंद्र जडेजा जैसे दिग्गजों के संन्यास के बाद नई शुरुआत की है। सूर्यकुमार यादव को कप्तान बनाया गया, जबकि शुभमन गिल को उप-कप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई। यह बदलाव 2024 टी20 वर्ल्ड कप के तुरंत बाद हुआ, जब गौतम गंभीर को मुख्य कोच नियुक्त किया गया। टीम का लक्ष्य 2026 तक बहुमुखी संयोजन तैयार करना है, लेकिन वर्तमान फॉर्म ने चुनौतियां बढ़ा दी हैं।

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने 2025 में 19 टी20 मैच खेले, जिनमें तीन हार शामिल हैं। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरी टी20 में 51 रनों की हार के दौरान सूर्यकुमार ने केवल 5 रन बनाए। 2025 में उनके 19 पारियों में कुल 201 रन हैं, औसत 14.35 और स्ट्राइक रेट 126.41। उनका सर्वोच्च स्कोर 47* रहा, लेकिन कोई अर्धशतक नहीं। यह फॉर्म 2024 की तुलना में काफी कमजोर है, जब उन्होंने औसत 26 के साथ चार अर्धशतक ठोके थे। टीम प्रबंधन ने सूर्यकुमार को कप्तान बनाए रखने का फैसला लिया है, लेकिन उनकी बल्लेबाजी पर सवाल उठ रहे हैं। सहायक कोच रयान टेन डोएसचेट ने कहा कि सूर्यकुमार की मानसिकता में सुधार दिख रहा है, खासकर ऑस्ट्रेलिया दौरे के अंतिम चरण में। फिर भी, कप्तान के रूप में उनकी भूमिका के साथ बल्लेबाजी में निरंतरता जरूरी है। शुभमन गिल की स्थिति भी समान रूप से जटिल है। 2025 में 14 टी20 पारियों में उन्होंने 263 रन बनाए, औसत 23.90 और स्ट्राइक रेट 142.93। उनका सर्वोच्च स्कोर 47 रहा, बिना किसी अर्धशतक के। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरी टी20 में गिल गोल्डन डक पर आउट हो गए, जो उनकी लगातार असफलताओं की कड़ी में एक और कड़ी जोड़ गया। जुलाई 2024 के बाद से उनका कोई अर्धशतक नहीं आया, जबकि फरवरी 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ शतक उनका आखिरी प्रमुख प्रदर्शन था। अंतिम 10 पारियों में वे केवल एक बार 40 से आगे गए। गिल ने एशिया कप 2025 से टी20 में वापसी की, जहां उन्हें उप-कप्तान बनाया गया। सूर्यकुमार ने कहा कि गिल श्रीलंका सीरीज से ही ओपनिंग में थे, और उनकी वापसी टीम के लिए महत्वपूर्ण है। सहायक कोच ने गिल के दबाव को स्वीकार किया, लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर उनकी मानसिकता में बदलाव को सकारात्मक बताया।

टीम संयोजन की अनिश्चितताएं 2026 वर्ल्ड कप के लिए सबसे बड़ी बाधा बन रही हैं। चयन समिति ने न्यूजीलैंड के खिलाफ जनवरी 2026 की पांच मैचों की सीरीज के लिए वर्ल्ड कप स्क्वाड को समान रखने का फैसला किया है। दक्षिण अफ्रीका सीरीज अंतिम परीक्षण होगी, उसके बाद बदलाव सीमित रहेंगे। आईसीसी नियमों के अनुसार, अंतिम 15 सदस्यीय स्क्वाड टूर्नामेंट से एक महीने पहले जमा करना होगा, जिससे प्रयोग की गुंजाइश कम है। सूर्यकुमार ने कहा कि पिछले 5-6 सीरीज में संयोजन स्थिर रहा है, और इसे जारी रखा जाएगा। फिर भी, ओपनिंग, मिडिल ऑर्डर और बॉलिंग में विकल्पों की बहुलता समस्या पैदा कर रही है। ओपनिंग में अभिषेक शर्मा और शुभमन गिल का संयोजन अपनाया गया है, लेकिन गिल की असफलता से सवाल उठे हैं। यशस्वी जायसवाल को बाहर रखा गया, जबकि संजू सैमसन ने 2024 में तीन शतक ठोके थे। दक्षिण अफ्रीका सीरीज में सैमसन को ऊपरी क्रम में मौका मिला, लेकिन गिल की उप-कप्तानी ने उन्हें प्राथमिकता दी। मिडिल ऑर्डर में तिलक वर्मा, हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे और अक्षर पटेल जैसे खिलाड़ी स्थिर हैं। हार्दिक ने चोट से उबरकर वापसी की, और उनकी मौजूदगी संतुलन प्रदान करती है। विकेटकीपिंग में जितेश शर्मा और संजू सैमसन के बीच प्रतिस्पर्धा है, जबकि ऋषभ पंत की अनुपस्थिति लंबे समय से बनी हुई है। बॉलिंग में जसप्रीत बुमराह, अर्शदीप सिंह, वरुण चक्रवर्ती और कुलदीप यादव प्रमुख हैं। हार्दिक और अक्षर की ऑलराउंड क्षमता अतिरिक्त मजबूती देती है। दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरी टी20 में बॉलिंग में फुल टॉस और महंगे ओवरों ने 213/4 का स्कोर Allowed किया, जो अनुशासन की कमी दर्शाता है। प्रबंधन ने स्पिनरों पर जोर दिया है, क्योंकि टूर्नामेंट उपमहाद्वीपीय पिचों पर होगा। वॉशिंगटन सुंदर और हरशित राणा जैसे खिलाड़ी गहराई प्रदान करते हैं।

2025 में भारत ने एशिया कप जीता और ऑस्ट्रेलिया दौरे पर सीरीज जीती, लेकिन दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पहली टी20 में 101 रनों की जीत के बाद दूसरी में हार ने असंगतियां उजागर कीं। सूर्यकुमार ने कहा कि अभिषेक पर निर्भरता हानिकारक साबित हुई, क्योंकि टॉप ऑर्डर ढह गया। 32/3 की स्थिति से टीम 162 पर सिमट गई। प्रबंधन ने 10 टी20 मैचों के शेड्यूल को वर्ल्ड कप की तैयारी का हिस्सा बताया, जिसमें दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड सीरीज शामिल हैं। अन्य टीमों जैसे ऑस्ट्रेलिया और बांग्लादेश को कोई टी20 मैच नहीं मिलेगा, जो भारत के लिए फायदा है। संयोजन में स्थिरता लाने के लिए चयन समिति ने आईपीएल 2025 के प्रदर्शन को आधार बनाया। अभिषेक शर्मा ने 989 रन बनाए, जिसमें दो शतक शामिल हैं। तिलक वर्मा और रिंकू सिंह निचले क्रम को मजबूत करते हैं। हालांकि, यशस्वी जायसवाल, मोहम्मद सिराज और नितीश रेड्डी जैसे खिलाड़ी बाहर हो सकते हैं, क्योंकि टीम बहुमुखीपन पर जोर दे रही है। सूर्यकुमार ने कहा कि 2026 की तैयारी 2024 की जीत के तुरंत बाद शुरू हो गई थी, और एशिया कप पहला बड़ा परीक्षण था। टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत का लक्ष्य सुपर 8 में मजबूत स्थिति बनाना है। ग्रुप स्टेज में पाकिस्तान से भिड़ंत चुनौतीपूर्ण होगी, लेकिन घरेलू पिचें फायदा देंगी। सूर्यकुमार और गिल की फॉर्म सुधारने के लिए प्रबंधन मानसिक बदलाव पर काम कर रहा है। सहायक कोच ने कहा कि गिल को ज्यादा प्रयास करने से दबाव बढ़ रहा है, लेकिन सुधार के संकेत दिख रहे हैं। टीम ने 2025 में 89% जीत दर हासिल की, लेकिन निरंतरता जरूरी है।

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