विराट कोहली का ऐतिहासिक प्रदर्शन- दक्षिण अफ्रीका ODI सीरीज में 20वीं प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड से रचा नया विश्व रिकॉर्ड

सीरीज का पहला मैच रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में खेला गया, जहां भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। भारतीय टीम ने 50 ओवरों में 349 र

Dec 7, 2025 - 10:58
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विराट कोहली का ऐतिहासिक प्रदर्शन- दक्षिण अफ्रीका ODI सीरीज में 20वीं प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड से रचा नया विश्व रिकॉर्ड
विराट कोहली का ऐतिहासिक प्रदर्शन- दक्षिण अफ्रीका ODI सीरीज में 20वीं प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड से रचा नया विश्व रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट टीम ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों की ODI सीरीज में 2-1 से जीत हासिल की, जिसमें विराट कोहली का प्रदर्शन सबसे प्रमुख रहा। कोहली ने सीरीज में कुल 302 रन बनाए, जो सबसे अधिक थे। उन्होंने पहले दो मैचों में शतक लगाए और तीसरे मैच में नाबाद 65 रनों की पारी खेली। इस असाधारण प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड प्रदान किया गया। इसी अवॉर्ड के साथ कोहली ने पुरुष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे अधिक प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड जीतने का विश्व रिकॉर्ड स्थापित कर लिया। यह उनका करियर में 20वां ऐसा अवॉर्ड था, जिससे वे सचिन तेंदुलकर के 19 अवॉर्ड्स के रिकॉर्ड को तोड़कर आगे निकल गए। इस सूची में बांग्लादेश के शाकिब अल हसन 17 अवॉर्ड्स के साथ तीसरे स्थान पर हैं, जबकि दक्षिण अफ्रीका के जैक्स कालिस के नाम 14 अवॉर्ड्स दर्ज हैं। श्रीलंका के सनथ जयसूर्या और ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर दोनों के नाम 13-13 अवॉर्ड्स हैं।

सीरीज का पहला मैच रांची के जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम कॉम्प्लेक्स में खेला गया, जहां भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी। भारतीय टीम ने 50 ओवरों में 349 रन बनाए, जिसमें कोहली ने 135 रनों की शानदार पारी खेली। यह उनकी ODI करियर की 52वीं सेंचुरी थी, जो उन्हें एक ही प्रारूप में सबसे अधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज के रूप में स्थापित करती है। कोहली ने 120 गेंदों का सामना किया, जिसमें 11 चौके और 7 छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। रोहित शर्मा ने 57 रनों का योगदान दिया, जबकि केएल राहुल ने अंतिम ओवरों में 60 रनों की उपयोगी पारी खेली। दक्षिण अफ्रीका की ओर से ओट्टनाइल बार्टमैन ने दो विकेट लिए। लक्ष्य का पीछा करते हुए दक्षिण अफ्रीका 332 रन ही बना सकी और 17 रनों से हार गई। कोहली को इस मैच का प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। भारत ने इस जीत से सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली।

दूसरा मैच रायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में हुआ, जहां दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। भारत ने फिर से मजबूत बल्लेबाजी की और 50 ओवरों में 358 रन बनाए। कोहली ने 102 रनों की पारी खेली, जो 93 गेंदों में 11 चौकों से सजी थी। रुतुराज गायकवाड़ ने 105 रनों का शानदार योगदान दिया, जबकि केएल राहुल नाबाद 66 रनों पर रहे। दोनों टीमों के बीच तीसरे विकेट के लिए कोहली और गायकवाड़ ने 195 रनों की साझेदारी की, जो दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भारत की सबसे बड़ी साझेदारी थी। लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका ने एडेन मार्कराम के 110 रनों की शतकीय पारी के दम पर 359 रनों का लक्ष्य चार विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। मार्कराम ने 101 रनों की साझेदारी की, जबकि डेवाल्ड ब्रेविस ने 54 और मैथ्यू ब्रेट्ज़के ने 68 रनों का योगदान दिया। भारत इस मैच में 4 विकेट से हार गया और सीरीज 1-1 से बराबर हो गई। कोहली की शतकीय पारी के बावजूद टीम को हार का सामना करना पड़ा।

तीसरा और निर्णायक मैच विशाखापत्तनम के डॉ. वाई.एस. राजशेखर रेड्डी एकाना क्रिकेट स्टेडियम में खेला गया। दक्षिण अफ्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और 50 ओवरों में 270 रन बनाए। क्विंटन डी कॉक ने 106 रनों की शतकीय पारी खेली, जो उनके सातवें ODI शतक के खिलाफ भारत थे। टीम ने सात विकेट खोए। भारत ने लक्ष्य का पीछा 41 ओवरों में नौ विकेट शेष रहते हासिल कर लिया। यशस्वी जायसवाल ने नाबाद 116 रनों की अपनी पहली ODI सेंचुरी लगाई, जबकि रोहित शर्मा ने 75 रनों का योगदान दिया। कोहली ने 45 गेंदों पर नाबाद 65 रन बनाए, जिसमें स्ट्राइक रेट 144 का रहा। उन्होंने जीत का अंतिम चौका लगाकर पारी समाप्त की। इस जीत से भारत ने सीरीज 2-1 से जीत ली। कोहली का सीरीज में औसत 151 और स्ट्राइक रेट 117 रहा, जो उनके फॉर्म का प्रमाण था।

कोहली का यह प्रदर्शन उनके ODI करियर का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। सीरीज में उनके दो शतक और एक अर्धशतक ने न केवल टीम को जीत दिलाई, बल्कि व्यक्तिगत रिकॉर्ड भी गढ़े। ODI में उनके 11 प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड्स अब सनथ जयसूर्या के बराबर हैं, जबकि सचिन तेंदुलकर के 14 अवॉर्ड्स अभी भी आगे हैं। कुल मिलाकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कोहली के 20 अवॉर्ड्स ने उन्हें इस सूची में शीर्ष पर पहुंचा दिया। शाकिब अल हसन के 17 अवॉर्ड्स के साथ वे तीसरे स्थान पर हैं। कोहली ने सीरीज के दौरान अपनी बल्लेबाजी को नियंत्रित रखा, विशेष रूप से मध्य ओवरों में। पहले मैच में उनकी 135 रनों की पारी ने भारत को 300 से अधिक का स्कोर दिया, जबकि दूसरे में 102 रनों ने टीम को मजबूत आधार प्रदान किया। तीसरे मैच में नाबाद 65 ने चेज को आसान बना दिया।

इस सीरीज ने भारतीय बल्लेबाजी की ताकत को उजागर किया। रोहित शर्मा ने तीन मैचों में कुल 189 रन बनाए, जिसमें एक शतक और एक अर्धशतक शामिल था। यशस्वी जायसवाल ने तीसरे मैच में अपनी पहली सेंचुरी के साथ डेब्यू सीरीज में प्रभाव डाला। रुतुराज गायकवाड़ ने दूसरे मैच में शतक लगाकर अपनी जगह मजबूत की। केएल राहुल ने कप्तानी संभाली और बल्ले से भी योगदान दिया। गेंदबाजी में अर्शदीप सिंह और प्रसिद्ध कृष्णा ने महत्वपूर्ण विकेट लिए, जबकि कुलदीप यादव ने स्पिन विभाग को संभाला। दक्षिण अफ्रीका की ओर से क्विंटन डी कॉक और एडेन मार्कराम ने प्रतिस्पर्धी प्रदर्शन किया, लेकिन टीम कुल मिलाकर 1-2 से पीछे रही।

कोहली का रिकॉर्ड तोड़ना उनके लंबे सफर का हिस्सा है। उन्होंने 2008 में डेब्यू किया और तब से ODI में 53 शतक लगा चुके हैं। यह सीरीज 2025 की अंतिम ODI सीरीज थी, जिसमें कोहली ने 651 रन बनाए। उनका औसत 65.10 रहा, जिसमें तीन शतक और चार अर्धशतक शामिल थे। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनके कुल रन 28,000 के करीब पहुंच चुके हैं। इस रिकॉर्ड के साथ कोहली ने साबित किया कि उम्र उनके खेल को प्रभावित नहीं कर रही। सीरीज के दौरान उनके शॉट सिलेक्शन और स्ट्राइक रेट ने विरोधी गेंदबाजों को परेशान किया। पहले दो शतकों ने लगातार 11 ODI शतकों की स्ट्रीक बनाई, जो एक दुर्लभ उपलब्धि है।

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोहली का रिकॉर्ड हमेशा मजबूत रहा है। इस सीरीज से पहले उनके पास सात शतक थे, जो अब नौ हो चुके हैं। ODI में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सबसे अधिक शतक उनके नाम हैं। टीम ने इस सीरीज में घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाया, जहां पिचें बल्लेबाजी के अनुकूल रहीं। रांची में धीमी पिच पर कोहली ने अनुकूलन दिखाया, जबकि रायपुर में तेज स्कोरिंग की। विशाखापत्तनम में चेज के दौरान उनकी नाबाद पारी ने सीरीज सील की। दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे मैच में शानदार चेज किया, लेकिन तीसरे में बल्लेबाजी ढीली रही।

कोहली के 20 प्लेयर ऑफ द सीरीज अवॉर्ड्स विभिन्न प्रारूपों में फैले हैं। ODI में 11, टेस्ट में 3 और T20I में 7। यह विविधता उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाती है। सचिन तेंदुलकर के 19 अवॉर्ड्स में ODI के 14 शामिल थे, जो अभी भी मजबूत हैं। शाकिब अल हसन ने ऑलराउंड प्रदर्शन से 17 अवॉर्ड्स जीते, जबकि जैक्स कालिस ने 14 अवॉर्ड्स अपने नाम किए। सनथ जयसूर्या और डेविड वॉर्नर के 13-13 अवॉर्ड्स आक्रामक बल्लेबाजी से जुड़े हैं। कोहली का यह रिकॉर्ड भारतीय क्रिकेट के लिए गौरवपूर्ण है।

सीरीज समाप्ति पर कोहली ने कहा कि यह प्रदर्शन उनके लिए संतुष्टिदायक था। उन्होंने पिछले 2-3 वर्षों में ऐसी बल्लेबाजी न करने का उल्लेख किया। टीम के लिए यह जीत महत्वपूर्ण थी, क्योंकि यह 2025 की अंतिम सीरीज थी। भारत ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर आत्मविश्वास हासिल किया।

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