वरुण धवन की लाडली 'हिप डिस्प्लेसिया' की शिकार, ढाई महीने तक नन्ही जान ने झेला असहनीय दर्द, बेटी की बीमारी पर किताब लिखेंगे अभिनेता।

वरुण धवन ने अपनी बेटी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि जब उन्हें पहली बार इस बीमारी का पता चला, तो उनके पैरों

Mar 28, 2026 - 12:31
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वरुण धवन की लाडली 'हिप डिस्प्लेसिया' की शिकार, ढाई महीने तक नन्ही जान ने झेला असहनीय दर्द, बेटी की बीमारी पर किताब लिखेंगे अभिनेता।
वरुण धवन की लाडली 'हिप डिस्प्लेसिया' की शिकार, ढाई महीने तक नन्ही जान ने झेला असहनीय दर्द, बेटी की बीमारी पर किताब लिखेंगे अभिनेता।
  • नताशा और वरुण के लिए कठिन रहे शुरुआती दिन, नवजात शिशुओं में होने वाली इस गंभीर बीमारी पर अभिनेता ने तोड़ी चुप्पी

वरुण धवन ने अपनी बेटी के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि जब उन्हें पहली बार इस बीमारी का पता चला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई थी। हिप डिस्प्लेसिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें कूल्हे का जोड़ सही तरीके से विकसित नहीं होता है, जिससे कूल्हे की हड्डी अपनी जगह से खिसक जाती है या अस्थिर रहती है। वरुण के अनुसार, उनकी बेटी को जन्म के तुरंत बाद से ही इस समस्या का सामना करना पड़ा। एक नवजात बच्चे के लिए यह स्थिति न केवल शारीरिक रूप से कष्टदायक होती है, बल्कि माता-पिता के लिए भी उसे उस हालत में देखना मानसिक रूप से काफी पीड़ादायक होता है। अभिनेता ने स्वीकार किया कि उन ढाई महीनों में उन्होंने और उनके परिवार ने जिस अनिश्चितता और डर का सामना किया, वह शब्दों से परे है।

अभिनेता ने इस बात पर जोर दिया कि शुरुआती पहचान और सही उपचार इस बीमारी से निपटने के लिए सबसे महत्वपूर्ण कारक हैं। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी को लंबे समय तक एक विशेष प्रकार के 'ब्रेस' (एक प्रकार का बेल्ट या सांचा) में रहना पड़ा, ताकि उसके कूल्हे के जोड़ को सही स्थिति में वापस लाया जा सके। ढाई महीने तक उस नन्ही बच्ची को उस ब्रेस में बंधे रहना पड़ा, जिससे उसकी गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लग गई थी। वरुण ने बताया कि एक पिता के तौर पर उसे गोद में लेने या उसे हिलाने-डुलाने में भी उन्हें बहुत सावधानी बरतनी पड़ती थी। यह अनुभव उनके लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं था, क्योंकि वे अपनी बेटी के दर्द को महसूस कर सकते थे लेकिन उसे तुरंत दूर करने में असमर्थ थे।

इस कठिन समय ने वरुण धवन के जीवन के प्रति दृष्टिकोण को पूरी तरह से बदल दिया है। उन्होंने साझा किया कि वे इस पूरी यात्रा, अपने संघर्षों, डर और उस दौरान मिली सीखों को एक किताब के रूप में संकलित करना चाहते हैं। उनका उद्देश्य केवल अपनी कहानी सुनाना नहीं है, बल्कि उन अन्य माता-पिताओं को जागरूक करना और उनका समर्थन करना है जो इसी तरह की परिस्थितियों से गुजर रहे हैं। अभिनेता का मानना है कि नवजात बच्चों की हड्डियों के स्वास्थ्य के बारे में समाज में बहुत कम जानकारी है। उनकी प्रस्तावित किताब एक गाइड के रूप में काम कर सकती है जो लोगों को यह समझने में मदद करेगी कि हिप डिस्प्लेसिया क्या है और इसे समय रहते कैसे पहचाना जा सकता है।

इनसेट: क्या है हिप डिस्प्लेसिया (DDH)? डेवलपमेंटल डिस्प्लेसिया ऑफ द हिप (DDH) एक जन्मजात स्थिति है जिसमें कूल्हे का 'सॉकेट' पूरी तरह से 'बॉल' (फीमर का ऊपरी हिस्सा) को कवर नहीं करता है। यदि इसका समय पर इलाज न किया जाए, तो यह भविष्य में लंगड़ाकर चलने, जोड़ों के दर्द और शुरुआती उम्र में ही ऑस्टियोआर्थराइटिस का कारण बन सकता है। बच्चों में इसकी पहचान अल्ट्रासाउंड या शारीरिक परीक्षण के माध्यम से की जाती है।

वरुण ने अपनी पत्नी नताशा दलाल की मजबूती की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने बताया कि उन मुश्किल दिनों में नताशा ने जिस धैर्य और संयम का परिचय दिया, वह काबिले तारीफ था। एक नई मां के लिए अपनी पहली संतान को इस तरह के चिकित्सा उपचार से गुजरते देखना बेहद तनावपूर्ण होता है, लेकिन नताशा ने हर पल अपनी बेटी का ख्याल रखा और वरुण को भी संबल दिया। अभिनेता ने बताया कि वे दोनों बारी-बारी से अपनी बेटी की निगरानी करते थे ताकि उसे असहज महसूस न हो। इस दौरान वरुण को अपनी पेशेवर प्रतिबद्धताओं और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाने में भी काफी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन उनके लिए उनकी बेटी की सेहत सर्वोपरि रही।

चिकित्सकीय परामर्श और सही देखभाल की बदौलत अब वरुण की बेटी की स्थिति में काफी सुधार है और वह स्वस्थ होने की राह पर है। अभिनेता ने विशेषज्ञों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि वे समय पर डॉक्टर के पास नहीं जाते, तो स्थिति और भी बिगड़ सकती थी। उन्होंने अन्य अभिभावकों को सलाह दी कि वे अपने बच्चों के विकास के दौरान उनके चलने-फिरने या बैठने के तरीके पर पैनी नजर रखें। वरुण ने यह भी स्पष्ट किया कि हालांकि अब उनकी लाडली बेहतर है, लेकिन उस ढाई महीने के संघर्ष ने उनके दिल पर एक गहरी छाप छोड़ी है। यही वजह है कि वे अब इस विषय पर जागरूकता फैलाने को अपना एक मिशन मान रहे हैं। फिल्म जगत में वरुण को हमेशा एक ऊर्जावान और खुशमिजाज व्यक्तित्व के रूप में देखा जाता है, लेकिन इस खुलासे ने उनकी एक संवेदनशील और जिम्मेदार पिता वाली छवि को सबके सामने रखा है। उनके इस साहसी कदम की काफी सराहना हो रही है क्योंकि मशहूर हस्तियां अक्सर अपने निजी जीवन के संघर्षों को पर्दे के पीछे ही रखना पसंद करती हैं। वरुण का मानना है कि उनकी आपबीती साझा करने से उन परिवारों को हौसला मिलेगा जो अस्पताल के गलियारों में अपने बच्चों के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं।

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