कामिनी कौशल के निधन पर अमिताभ बच्चन का भावुक श्रद्धांजलि, बोले- एक-एक करके सभी हमें छोड़कर जा रहे हैं
1950 के दशक में कामिनी कौशल ने हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर में जगह बनाई। वे दिलीप कुमार, देव आनंद और राज कपूर जैसे दिग्गजों के साथ काम कर चुकीं। उनकी पहली प्रमुख स
बॉलीवुड की स्वर्णिम दौर की एक चमकती सितारा, दिग्गज अभिनेत्री कामिनी कौशल का 14 नवंबर 2025 को मुंबई में 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका जाना भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत माना जा रहा है। सात दशकों से अधिक समय तक सक्रिय रहने वाली यह अभिनेत्री न केवल पर्दे पर अपनी कला से लोगों को मंत्रमुग्ध करती रहीं, बल्कि निजी जीवन में भी सादगी और गरिमा का प्रतीक बनी रहीं। उनके निधन की खबर ने पूरे मनोरंजन जगत को शोक की लहर में डुबो दिया। सुपरस्टार अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में उन्हें याद करते हुए भावुक शब्द लिखे, जिसमें उन्होंने कामिनी कौशल को परिवार की पुरानी दोस्त बताया। अमिताभ ने लिखा कि विभाजन से पहले के पंजाब में उनके परिवारों के बीच गहरी दोस्ती थी। यह खबर न केवल फिल्म इंडस्ट्री के लिए दुखद है, बल्कि उन सभी के लिए जो पुराने दौर की यादें संजोए रखते हैं।
कामिनी कौशल का जन्म 24 फरवरी 1927 को लाहौर में उमा कश्यप के नाम से हुआ था। वे पंजाब के एक शिक्षित परिवार से ताल्लुक रखती थीं। उनके पिता हरबंस लाल कश्यप एक सरकारी अधिकारी थे, जबकि मां थी। उन्होंने लाहौर के फॉर्मन क्रिश्चियन कॉलेज से कला स्नातक की डिग्री प्राप्त की। विभाजन के बाद उनका परिवार भारत आ गया। कामिनी ने कभी अभिनय की औपचारिक शिक्षा नहीं ली, लेकिन उनकी प्राकृतिक अभिनय क्षमता ने उन्हें जल्द ही स्टार बना दिया। 1946 में चेतन आनंद की फिल्म निचला नगर से उनका डेब्यू हुआ। यह फिल्म इतनी खास थी कि कांस फिल्म फेस्टिवल में पाल्म डी'ओर जीतकर भारत का पहला अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार हासिल किया। कामिनी ने इसमें एक गरीब महिला की भूमिका निभाई, जो सामाजिक असमानता पर आधारित थी। फिल्म की सफलता ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया।
1950 के दशक में कामिनी कौशल ने हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम दौर में जगह बनाई। वे दिलीप कुमार, देव आनंद और राज कपूर जैसे दिग्गजों के साथ काम कर चुकीं। उनकी पहली प्रमुख सफलता 1948 की फिल्म शहीद थी, जिसमें दिलीप कुमार के साथ उनकी जोड़ी हिट रही। इसके बाद आई जिद्दी, नदिया के पार, आरजू और शबनम जैसी फिल्में, जहां उन्होंने सशक्त महिला किरदार निभाए। 1959 की फिल्म उपकार में उन्होंने एक मां की भूमिका निभाई, जो बाद में उनका ट्रेडमार्क बन गई। 1960 के दशक में उन्होंने द वर्ल्ड ऑफ सुनील दत्त और दो रास्ते जैसी फिल्मों में मां का किरदार निभाया। उनकी अभिनय शैली सरल लेकिन गहरी भावनाओं से भरी होती थी। वे कभी चीख-चिल्लाकर नहीं, बल्कि आंखों से भाव व्यक्त करतीं। फिल्मिस्तान स्टूडियो की हीरोइन के रूप में वे जानी-पहचानी हो गईं।
कामिनी कौशल का करियर सात दशकों तक चला। 1970 के दशक में उन्होंने प्रेम नगर, महा चोर और अनहोनी जैसी फिल्मों में काम किया। लेकिन 1980 के बाद वे मुख्य भूमिकाओं से हटीं और चरित्र भूमिकाओं की ओर मुड़ीं। उन्होंने धर्मेंद्र के साथ चार फिल्में कीं, जिनमें से एक थीं उनकी पहली सह-कलाकार। धर्मेंद्र ने उन्हें अपनी पहली हीरोइन कहा था। 2000 के दशक में वे टेलीविजन पर लौटीं। बीबीसी के सीरियल बनारसी में उन्होंने काम किया। हाल के वर्षों में उन्होंने कबीर सिंह (2019) में शाहिद कपूर की दादी की भूमिका निभाई, जहां उनकी सादगी ने दर्शकों को प्रभावित किया। 2022 में लाल सिंह चड्ढा में करीना कपूर के साथ उनका छोटा सा रोल भी यादगार रहा। उन्होंने 95 वर्ष की उम्र में यह फिल्म की। कुल मिलाकर उन्होंने 50 से अधिक फिल्मों में काम किया। उनकी नेट वर्थ करीब 5 करोड़ रुपये बताई जाती है, लेकिन वे हमेशा सादा जीवन जीती रहीं।
निजी जीवन में कामिनी कौशल ने विवाह को प्राथमिकता दी। 1949 में उन्होंने अपने जीजा बाबू ब्रह्मा सुगंधी से शादी की, जो उनकी बड़ी बहन के पति थे। बहन की दुर्खटना मृत्यु के बाद यह परंपरा के अनुसार हुआ। बाबू बॉम्बे पोर्ट ट्रस्ट के चीफ इंजीनियर थे। दंपति के तीन बेटे हुए- विदुर, राहुल और श्रवण। वे दो सौतेली बेटियों के साथ मुंबई में रहती थीं। कामिनी ने कभी विवादों से दूरी बनाई। वे परिवार को ही अपना सबसे बड़ा सहारा मानती थीं। बेटे विदुर ने अंतिम संस्कार किया। परिवार ने निजता बनाए रखने की अपील की। उनका अंतिम संस्कार 15 नवंबर को वर्ली कब्रिस्तान में हुआ, जहां परिवार के अलावा कुछ करीबी ही पहुंचे। उनके पालतू कुत्तों को भी विदाई दी गई।
कामिनी कौशल के निधन की खबर 14 नवंबर को सुबह फैली। परिवार के एक करीबी ने पीटीआई को पुष्टि की। उन्होंने कहा कि उम्र संबंधी स्वास्थ्य समस्याओं से उनका निधन हुआ। वे फरवरी 2026 में 99 वर्ष की होने वाली थीं। बॉलीवुड ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। शाहिद कपूर ने इंस्टाग्राम पर लिखा, "कामिनी जी, आपके साथ काम करना सम्मान था। आपकी गरिमा हमेशा याद रहेगी।" कियारा आडवाणी ने कहा, "आपकी विनम्रता और प्रतिभा प्रेरणा है।" करीना कपूर खान ने एक पुरानी फोटो शेयर कर हार्ट इमोजी भेजा। धर्मेंद्र ने उन्हें अपनी पहली सह-कलाकार बताते हुए शोक जताया। अनुपम खेर ने कहा कि वे भारतीय सिनेमा की नींव थीं। सोशल मीडिया पर #KaminiKaushal ट्रेंड किया। प्रशंसकों ने उन्हें "कृपा और बुद्धिमत्ता का प्रतीक" कहा।
सुपरस्टार अमिताभ बच्चन का श्रद्धांजलि सबसे भावुक रहा। 15 नवंबर को अपने ब्लॉग पर उन्होंने लिखा, "और एक और क्षति... पुराने दिनों की एक प्रिय पारिवारिक मित्र... जब कोई विभाजन नहीं था... कामिनी कौशल जी... किंवदंती कलाकार, एक आइकॉन, जिन्होंने हमारे उद्योग में अपार योगदान दिया और अंतिम समय तक हमारे साथ रहीं... उनका परिवार और मां जी का परिवार पूर्व विभाजन पूर्व पंजाब में बहुत करीबी मित्र थे।" अमिताभ ने बताया कि कामिनी की बड़ी बहन उनकी मां तेजी बच्चन की सहपाठी और घनिष्ठ मित्र थीं। वे एक समान विचारों वाली मित्र मंडली का हिस्सा थीं। बहन की दुर्घटना मृत्यु के बाद कामिनी का विवाह हुआ। अमिताभ ने लिखा, "एक बहुत ही सुखद, गर्मजोशी भरी, स्नेहपूर्ण और प्रतिभाशाली कलाकार ने हमें 98 वर्ष की आयु में छोड़ दिया... एक यादगार युग चला गया... सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री के लिए ही नहीं, बल्कि मित्रों के समूह के लिए भी... एक-एक करके सभी हमें छोड़कर जा रहे हैं... यह एक बेहद दुखद समय है।" यह पोस्ट उनके प्रशंसकों को भावुक कर गया। अमिताभ ने परिवार को सांत्वना दी।
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