Entertainment: सुनीता आहूजा का भक्ति भरा जन्मदिन, उज्जैन के काल भैरव मंदिर में लिया आशीर्वाद, वायरल हुआ वीडियो। 

बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने अपने 57वें जन्मदिन को मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना...

Jun 17, 2025 - 12:36
Jun 17, 2025 - 12:37
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Entertainment: सुनीता आहूजा का भक्ति भरा जन्मदिन, उज्जैन के काल भैरव मंदिर में लिया आशीर्वाद, वायरल हुआ वीडियो। 

बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने अपने 57वें जन्मदिन को मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित प्रसिद्ध काल भैरव मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के साथ मनाया। यह पल न केवल उनके लिए व्यक्तिगत रूप से खास था, बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और तस्वीरों के कारण यह देशभर में चर्चा का विषय बन गया। सुनीता, जो भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिकता में गहरी आस्था रखती हैं, ने इस अवसर पर हरे रंग का पारंपरिक सूट पहना और माथे पर चंदन का तिलक लगाकर भगवान काल भैरव की पूजा की। इस दौरान उनके पति गोविंदा और उनके बच्चे—बेटी टीना आहूजा और बेटा यशवर्धन आहूजा—उनके साथ मौजूद नहीं थे। सुनीता ने पिछले 12 सालों से अपने जन्मदिन को अकेले मनाने की परंपरा बनाए रखी है, जो उनकी स्वतंत्र और आत्मनिर्भर सोच को दर्शाता है।

  • काल भैरव मंदिर में भक्ति भरा पल

सुनीता आहूजा उज्जैन के काल भैरव मंदिर पहुंचीं, जो भगवान शिव के भयंकर रूप काल भैरव को समर्पित है। यह मंदिर शिप्रा नदी के तट पर स्थित है और अपनी अनूठी परंपराओं, विशेष रूप से भगवान को शराब चढ़ाने की प्रथा के लिए प्रसिद्ध है। मंदिर के गर्भगृह में सुनीता को हरे रंग के पारंपरिक सूट में देखा गया, जहां उन्होंने माथे पर चंदन और हल्दी का तिलक लगाया और भगवान के सामने हाथ जोड़कर प्रार्थना की। उनकी भक्ति और श्रद्धा की तस्वीरें और वीडियो पपराज़ी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए, जो जल्द ही वायरल हो गए।

सुनीता इस दौरान अकेली थीं, और न तो उनके पति गोविंदा और न ही उनके बच्चे उनके साथ थे। यह कोई नई बात नहीं थी, क्योंकि सुनीता ने एक साक्षात्कार में खुलासा किया था कि वह पिछले 12 सालों से अपने जन्मदिन को अकेले मनाती हैं। उन्होंने ‘द पावरफुल ह्यूमन्स’ के साथ साक्षात्कार में कहा, “मैंने अपने बच्चों और गोविंदा के लिए कई साल दिए। अब जब बच्चे बड़े हो गए हैं, मैं अपने लिए जीना चाहती हूं। मैं सुबह मंदिर या गुरुद्वारे जाती हूं, और रात 8 बजे के बाद अकेले केक काटती हूं और एक ड्रिंक लेती हूं।”  इस बार भी सुनीता ने अपनी परंपरा को कायम रखा और अपने जन्मदिन को आध्यात्मिक और आत्मकेंद्रित तरीके से मनाया। मंदिर में उनकी पूजा-अर्चना की तस्वीरों ने न केवल उनकी आस्था को दर्शाया, बल्कि उनके प्रशंसकों और सोशल मीडिया यूजर्स के बीच उनकी सादगी और स्वतंत्रता की भावना की सराहना भी की गई।

  • काल भैरव मंदिर: उज्जैन का आध्यात्मिक केंद्र

काल भैरव मंदिर उज्जैन के सबसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर 9वीं से 13वीं शताब्दी के बीच राजा भद्रसेन द्वारा बनवाया गया था और शैव परंपरा, विशेष रूप से कापालिक और अघोरा संप्रदायों से जुड़ा है। मंदिर में भगवान काल भैरव को शहर का कोतवाल माना जाता है, जो उज्जैन की रक्षा करते हैं। मंदिर की सबसे अनूठी प्रथा है भगवान को शराब चढ़ाना, जो एक उथले बर्तन में डाली जाती है और रहस्यमय तरीके से गायब हो जाती है। इस प्रथा ने मंदिर को न केवल स्थानीय भक्तों, बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों के बीच भी आकर्षण का केंद्र बनाया है। मंदिर की दीवारों पर मालवा शैली की प्राचीन चित्रकारी के अवशेष आज भी देखे जा सकते हैं, जो इसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध बनाते हैं। मंदिर में हर दिन सैकड़ों भक्त दर्शन के लिए आते हैं, और सुनीता का यहां आना उनके आध्यात्मिक झुकाव को दर्शाता है। वह पहले भी उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन के लिए जा चुकी हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि वह उज्जैन के धार्मिक महत्व को गहराई से समझती हैं।

सुनीता के काल भैरव मंदिर दर्शन की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। X पर @NewsReporterNe1 ने पोस्ट किया, “जन्मदिन पर सुनीता आहूजा ने किए बाबा काल भैरव के दर्शन। #SunitaAhuja #BirthdayBlessings #BabaKaalBhairav”। इस पोस्ट को हजारों लोगों ने लाइक और शेयर किया। कई यूजर्स ने सुनीता की सादगी और आस्था की सराहना की, जबकि कुछ ने उनके अकेले दर्शन करने पर सवाल उठाए। @Onlinetadka ने लिखा, “गोविंदा की बीवी ने उज्जैन में किए काल भैरव के दर्शन, सुनीता अहूजा को यूं पूजा करते देख भड़के यूजर्स, पूछा- पुजारी ने कितने पैसे लिए हैं।”  यह टिप्पणी 2023 में सुनीता के महाकालेश्वर मंदिर दर्शन के दौरान हुए विवाद की ओर इशारा करती है, जब उन्होंने मंदिर के गर्भगृह में हैंडबैग ले जाकर नियम तोड़ा था। उस समय उनकी तस्वीरें वायरल हुई थीं, और मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। इस बार, हालांकि, ऐसी कोई शिकायत सामने नहीं आई, और सुनीता की पूजा को भक्तिपूर्ण और सम्मानजनक माना गया।

  • सुनीता और गोविंदा

सुनीता और गोविंदा की शादी 11 मार्च 1987 को हुई थी, और उनके दो बच्चे—बेटी टीना और बेटा यशवर्धन—हैं। हाल के वर्षों में, उनके रिश्ते को लेकर कई अफवाहें उड़ी हैं, जिसमें तलाक की खबरें भी शामिल हैं। 2024 में गोविंदा के वकील ने पुष्टि की थी कि सुनीता ने तलाक के लिए अर्जी दी थी, लेकिन बाद में दोनों ने अपने मतभेद सुलझा लिए। सुनीता ने ‘द पावरफुल ह्यूमन्स’ के साथ साक्षात्कार में गोविंदा के करियर के पतन के लिए उनके गलत सलाहकारों को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा, “गोविंदा पिछले 17 सालों से क्यों गायब हैं? उनकी गलत सलाहकार मंडली इसका कारण है। मैं सच बोलती हूं, तो उन्हें बुरा लगता है।” 

सुनीता ने यह भी खुलासा किया कि वह और गोविंदा अब अलग-अलग रहते ody। उनकी इस टिप्पणी ने उनके रिश्ते में तनाव को उजागर किया और सोशल मीडिया पर चर्चा को जन्म दिया। हालांकि, 2025 में नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर में दोनों ने एक साथ पूजा की थी, जिससे उनके रिश्ते के सामान्य होने की खबरें सामने आईं। सुनीता आहूजा एक स्वतंत्र और स्पष्टवादी व्यक्तित्व के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने कई साक्षात्कारों में अपनी जीवनशैली और विचारों को खुलकर साझा किया है। वह अपनी शादी और गोविंदा के करियर के बारे में बेबाकी से बात करती हैं। उनके जन्मदिन को अकेले मनाने का फैसला उनकी आत्मनिर्भरता और आत्ममंथन की भावना को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “मैंने अपने बच्चों और पति के लिए बहुत कुछ किया। अब मैं अपने लिए जीना चाहती हूं।” यह दृष्टिकोण उनकी मजबूत और स्वतंत्र छवि को मजबूत करता है।

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सुनीता की उज्जैन यात्रा और काल भैरव मंदिर में उनकी पूजा ने एक बार फिर उनकी आध्यात्मिकता को सामने लाया। वह नियमित रूप से मंदिरों और गुरुद्वारों में जाती हैं, और उनकी यह परंपरा उनके जीवन में आस्था और अनुशासन के महत्व को दर्शाती है। सुनीता का जन्मदिन मंदिर में मनाना भारतीय संस्कृति में धार्मिकता और आध्यात्मिकता के महत्व को दर्शाता है। खासकर उज्जैन जैसे पवित्र शहर में, जहां महाकालेश्वर और काल भैरव जैसे मंदिरों का विशेष महत्व है, उनकी यह यात्रा लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी। यह घटना इस बात को भी उजागर करती है कि कैसे बॉलीवुड हस्तियां अपनी निजी जिंदगी में आध्यात्मिकता को अपनाती हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो ने सुनीता की सादगी और आस्था की सराहना की, लेकिन कुछ यूजर्स ने वीआईपी दर्शन पर सवाल उठाए। यह बहस भारतीय मंदिरों में वीआईपी संस्कृति और सामान्य भक्तों के लिए समानता के मुद्दे को फिर से सामने लाती है। सुनीता आहूजा का 57वां जन्मदिन काल भैरव मंदिर में मनाना न केवल उनकी आध्यात्मिकता का प्रतीक है, बल्कि उनकी स्वतंत्र और आत्मनिर्भर सोच को भी दर्शाता है। लाखों प्रशंसकों और एक चमकदार बॉलीवुड पृष्ठभूमि के बावजूद, उन्होंने अपने जन्मदिन को सादगी और भक्ति के साथ मनाया।

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