FICCI Frames 2025: 'नायक' फिल्म ने बेंचमार्क तो सेट किया, लेकिन परेशानी भी दी - देवेंद्र फडणवीस ने अक्षय कुमार से साझा किया मजेदार किस्सा।
मुंबई में मंगलवार को शुरू हुए FICCI Frames 2025 के 25वें संस्करण ने मीडिया और एंटरटेनमेंट जगत को एक नई ऊर्जा प्रदान की। यह एशिया का सबसे बड़ा सम्मेलन है, जो
मुंबई में मंगलवार को शुरू हुए FICCI Frames 2025 के 25वें संस्करण ने मीडिया और एंटरटेनमेंट जगत को एक नई ऊर्जा प्रदान की। यह एशिया का सबसे बड़ा सम्मेलन है, जो दो दिनों तक चलेगा। उद्घाटन सत्र में बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का साक्षात्कार लिया। इस बातचीत ने दर्शकों को हंसी और गहन विचारों से भर दिया। फडणवीस ने अनिल कपूर की फिल्म 'नायक: द रियल हीरो' का जिक्र करते हुए कहा कि लोग उनसे कहते हैं, 'नायक फिल्म की तरह काम करो'। लेकिन उन्होंने मजाक में जोड़ा कि फिल्म ने उन्हें प्रेरित तो किया, परेशानी भी दी। एक दिन में दुनिया बदलने की अपेक्षा से राजनीति में चुनौतियां बढ़ गईं। अक्षय ने हंसते हुए कहा कि वह ऐसे सवालों से सुधरने वाले नहीं हैं। साक्षात्कार में सिनेमा, राजनीति, साइबर क्राइम और महाराष्ट्र की फिल्म नीतियों पर खुलकर चर्चा हुई।
FICCI Frames 2025 का यह संस्करण 7 और 8 अक्टूबर को फेअरमॉन्ट होटल, सहार में आयोजित हो रहा है। थीम है 'फ्रेमिंग 25 ईयर्स ऑफ इंडियन एम एंड ई: ए सिल्वर ज्यूबिली ऑफ विजन, वॉयसेस एंड क्रिएटिविटी'। कार्यक्रम में 3000 से अधिक प्रतिभागी शामिल हैं, जिनमें फिल्म निर्माता, मीडिया लीडर, टेक्नोलॉजी विशेषज्ञ और नीति निर्माता हैं। उद्घाटन के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस थे, जिन्होंने रिबन काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। अक्षय कुमार ने साक्षात्कार की शुरुआत अपने पुराने वायरल सवाल से की। उन्होंने कहा, 'यह मेरी जिंदगी का दूसरा इंटरव्यू है। पहला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लिया था। अब मुख्यमंत्री साहब का। लेकिन मैं सुधरने वाला नहीं हूं।' यह इशारा 2019 के उस पल की ओर था, जब अक्षय ने मोदी से आम कैसे खाते हैं, पूछा था। सोशल मीडिया पर उसकी काफी मजाक उड़ी थी।
अक्षय ने फडणवीस से पूछा, 'आप नागपुर से हैं, और नागपुर को ऑरेंज सिटी कहते हैं। तो बताइए, संतरे कैसे खाते हैं?' फडणवीस ने हंसते हुए जवाब दिया, 'हां, मुझे संतरे पसंद हैं। मैं उन्हें काटकर नमक छिड़ककर खाता हूं।' यह जवाब सुनकर पूरा सभागार तालियों और ठहाकों से गूंज उठा। अक्षय ने खुद को ट्रोल होने का जिक्र किया और कहा कि वह जानबूझकर ऐसा ही पूछते रहेंगे। फडणवीस ने भी मजाक में कहा कि अक्षय हीरो ही बने रहें, विलेन की लाइन न पकड़ें। अक्षय ने अपनी आने वाली फिल्म 'हैवान' का जिक्र किया और पूछा कि क्या वह नकारात्मक भूमिका निभाएं। फडणवीस ने चुटकी ली, 'यह दूसरी लाइन मत पकड़िए।' यह हल्का-फुल्का पल सत्र का टोन सेट कर गया।
साक्षात्कार में सिनेमा और राजनीति के जुड़ाव पर गहराई से बात हुई। अक्षय ने पूछा कि कौन सी फिल्म ने फडणवीस को सबसे ज्यादा प्रभावित किया। मुख्यमंत्री ने अनिल कपूर की 'नायक: द रियल हीरो' का नाम लिया। उन्होंने कहा, 'यह फिल्म ने मुझे बहुत प्रेरित किया, लेकिन परेशानी भी दी। लोग कहते हैं, नायक की तरह काम करो। कैसे एक दिन में उसने दुनिया बदल दी। अब लोग सोचते हैं कि आप नायक हैं और हम नालायक।' फडणवीस ने अनिल कपूर से मिलने का किस्सा सुनाया। उन्होंने पूछा था, 'भाई, नायक क्यों बनाई? इससे तो हमारी मुश्किल बढ़ गई।' लेकिन उन्होंने जोर दिया कि फिल्में भावनाओं को जीवंत रखती हैं। राजनीति में सालों की थकान के बाद फिल्में उन्हें सामान्य इंसान महसूस कराती हैं। अक्षय ने सहमति जताई और कहा कि सिनेमा समाज को आईना दिखाता है।
फिल्म सिटी के विकास पर चर्चा हुई। फडणवीस ने बताया कि 2014-2019 के कार्यकाल में फिल्म सिटी को अपग्रेड करने की योजना बनी, लेकिन अमल नहीं हो सका। अब वह इसे वर्ल्ड क्लास इकोसिस्टम बनाएंगे। अक्षय ने अपील की कि इसे प्राथमिकता दें। मुख्यमंत्री ने वादा किया कि महाराष्ट्र एंटरटेनमेंट की असली राजधानी बनेगा। उन्होंने कहा, 'दादासाहेब फाल्के से लेकर आज के कंटेंट क्रिएटर्स तक, महाराष्ट्र का योगदान अनमोल है। यहां इकोसिस्टम के साथ वाइब्रेंसी भी है।' अक्षय ने मुंबई की ट्रैफिक जाम की शिकायत की। कहा, 'चार दिन पहले जूहू से कोलाबा 35 मिनट में पहुंच गया। पहले तो इतना समय लगता कि दाढ़ी दो बार बनानी पड़ती।' फडणवीस ने माफी मांगी और कहा कि मेट्रो व टनल प्रोजेक्ट्स से असुविधा हो रही है, लेकिन जल्द मुंबई को 'मुंबई इन 59 मिनट्स' बना देंगे।
सोशल मीडिया और साइबर क्राइम पर बातचीत दिलचस्प रही। फडणवीस ने कहा कि डिजिटल युद्ध आज की बड़ी चुनौती है। उन्होंने मांग की कि साइबर क्राइम पर ज्यादा फिल्में बनें। 'हमारे हीरो को अपराध के खिलाफ खड़ा दिखाना चाहिए।' अक्षय ने सहमति जताई और कहा कि सिनेमा जागरूकता फैला सकता है। जनरेशन जेड को मराठी सिनेमा से जोड़ने पर फडणवीस ने कहा कि प्रयास करेंगे। उन्होंने मराठी फिल्मों की विरासत का जिक्र किया और युवाओं को आकर्षित करने के लिए नई तकनीक का इस्तेमाल करने की बात कही। अक्षय ने प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की। फडणवीस ने कहा, 'मोदी जी असली हीरो हैं। उन्होंने 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला। भारत अब तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा।'
महाराष्ट्र पुलिस के मुद्दे पर अक्षय ने संवेदनशील सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि पुलिसवालों के जूते असुविधाजनक हैं। ड्रिल और फील्ड वर्क में हील वाले जूते दर्द देते हैं। इसे 'हील प्रॉब्लम' कहा। फडणवीस ने तुरंत कार्रवाई का वादा किया। कहा, 'कोई पहले कभी नहीं बताया। कल से ही डिजाइन बदलने का काम शुरू।' यह पल दर्शकों को भावुक कर गया। अक्षय ने कहा कि छोटे बदलाव बड़े असर डालते हैं। सत्र के अंत में दोनों ने एक-दूसरे को धन्यवाद दिया। फडणवीस ने अक्षय की फिल्मों की तारीफ की, खासकर सामाजिक मुद्दों पर।
FICCI Frames का यह संस्करण मीडिया क्रांति पर केंद्रित है। अन्य सत्रों में TRAI चेयरमैन अनिल कुमार लाहोटी ने ब्रॉडकास्टिंग ग्रोथ पर बात की। मेटा की संध्या देवनाथन ने डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर चर्चा की। AI के मीडिया में बदलाव पर सेशन हुए। कार्यक्रम में ग्लोबल इनोवेटर्स और पॉलिसी मेकर्स शामिल हैं। महाराष्ट्र सरकार ने एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां घोषित कीं। फडणवीस ने कहा कि राज्य कंटेंट कैपिटल बनेगा। अक्षय ने युवा क्रिएटर्स को प्रोत्साहित किया।
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