PM किसान की 22वीं किस्त पर हो सकता है संकट, e-KYC और आधार-बैंक लिंकिंग की चूक से अटक सकता है 2 हजार रुपये, कहीं आपने भी तो नहीं की ये गलती?
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में प्रदान की जाती है, लेकिन
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में प्रदान की जाती है, लेकिन 22वीं किस्त के जारी होने से पहले एक छोटी सी गलती लाखों किसानों के खातों में 2 हजार रुपये अटका सकती है। केंद्र सरकार ने 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को जारी की थी, जिसमें 9 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18 हजार करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए। अब 22वीं किस्त फरवरी 2026 के अंतिम सप्ताह में आने की उम्मीद है, लेकिन योजना के पोर्टल पर दर्ज गलत जानकारी, अधूरी e-KYC या आधार और बैंक खाते के बीच असंगति के कारण भुगतान रुक सकता है। यह समस्या इतनी आम है कि लगभग 1.14 करोड़ किसानों की पिछली किस्तें इसी कारण रुकी हुई हैं।
किसान भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे तुरंत अपने विवरण अपडेट करें, अन्यथा अगली किस्त का इंतजार लंबा हो सकता है। योजना की शुरुआत 2019 में हुई थी, जब केंद्र सरकार ने छोटे और सीमांत किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए इसकी घोषणा की। अब तक 21 किस्तें जारी हो चुकी हैं, जिनमें कुल 4.09 लाख करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। 11वीं किस्त सबसे बड़ी थी, जिसमें 10 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला। 22वीं किस्त के लिए पात्रता सुनिश्चित करने के लिए किसानों को आधार आधारित e-KYC अनिवार्य है, जो बायोमेट्रिक या OTP विधि से पूरा किया जा सकता है। यदि e-KYC लंबित है, तो पोर्टल पर 'पेंडिंग' स्टेटस दिखेगा और भुगतान रोका जाएगा। इसके अलावा, यदि बैंक खाते में दर्ज नाम आधार कार्ड से मेल नहीं खाता या खाता निष्क्रिय है, तो धनराशि वापस लौट सकती है। लाखों किसान इस गलती के शिकार हो चुके हैं, जहां सिस्टम मैचिंग न होने से किस्त डिलीवरी फेल हो जाती है।
e-KYC की प्रक्रिया सरल है, लेकिन कई किसान इसे नजरअंदाज कर देते हैं। आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाकर 'e-KYC' विकल्प चुनें, आधार नंबर दर्ज करें और OTP से सत्यापन पूरा करें। यदि ऑनलाइन समस्या हो, तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक e-KYC करवाएं। यह प्रक्रिया कुछ मिनटों में पूरी हो जाती है और अगली किस्त के लिए जरूरी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि e-KYC के बिना कोई भी किसान योजना का लाभ नहीं ले सकेगा। पिछले वर्षों में कई किसानों को इस कमी के कारण किस्तें रोक ली गईं, और अब 22वीं किस्त के लिए सख्ती बढ़ा दी गई है। यदि आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, तो पहले उसे अपडेट करें। दूसरी प्रमुख गलती आधार और बैंक खाते के बीच लिंकिंग न होना है। योजना के तहत भुगतान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से होता है, इसलिए आधार को बैंक खाते से जोड़ना अनिवार्य है। यदि IFSC कोड गलत है या खाता नंबर में त्रुटि है, तो धनराशि ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बैंक पासबुक या चेकबुक से विवरण दोबारा जांचें। पोर्टल पर 'बेनिफिशियरी स्टेटस' सेक्शन में जाकर आधार नंबर, मोबाइल या खाता नंबर डालकर स्टेटस चेक करें। यदि 'पेंडिंग' दिखे, तो तुरंत सुधार करें। कई मामलों में, बैंक खाते का नाम आधार से अलग होने के कारण ही समस्या आती है, जैसे मध्य नाम का अभाव या स्पेलिंग मिस्टेक।
भूमि रिकॉर्ड्स में अपडेट न होना भी 22वीं किस्त को अटकाने का बड़ा कारण है। यदि परिवार के किसी सदस्य की भूमि का हस्तांतरण हो गया है, लेकिन म्यूटेशन (नामांतरण) नहीं कराया गया, तो योजना में दर्ज जानकारी गलत मानी जाती है। इसके अलावा, यदि भूमि विवादित है या वार्षिक आय पात्रता सीमा से अधिक है, तो किस्त रोक दी जाती है। किसानों को स्थानीय राजस्व विभाग या कृषि कार्यालय में जाकर भूमि दस्तावेज अपडेट कराने चाहिए। योजना के तहत केवल छोटे और सीमांत किसान पात्र हैं, जिनकी भूमि 2 हेक्टेयर तक हो। बड़े जमींदार या आयकर दाता किसान बाहर हैं। 22वीं किस्त के लिए पोर्टल पर बेनिफिशियरी लिस्ट चेक करें, जहां नाम सर्च करने पर पात्रता दिखेगी। कई बार तकनीकी कारणों से भी भुगतान में देरी होती है, खासकर बड़े पैमाने पर ट्रांसफर के दौरान सर्वर लोड बढ़ जाता है। लेकिन अधिकांश देरी व्यक्तिगत गलतियों से ही होती है। यदि किस्त नहीं मिली, तो हेल्पलाइन 155261 या 1800-11-5526 पर कॉल करें। स्थानीय कृषि विभाग या CSC सेंटर से भी सहायता लें। सरकार ने किसानों को सलाह दी है कि वे नियमित रूप से पोर्टल पर विवरण अपडेट रखें। 21वीं किस्त में 9 करोड़ किसानों को लाभ मिला, लेकिन 1.14 करोड़ किसानों की किस्तें गलत जानकारी के कारण रुकीं। 22वीं किस्त में यह संख्या कम हो सकती है, यदि किसान समय पर सुधार करें।
भुगतान स्टेटस चेक करने की प्रक्रिया आसान है। पोर्टल पर 'फार्मर्स कॉर्नर' में 'नो योर स्टेटस' चुनें, आधार या मोबाइल नंबर डालें और सबमिट करें। स्क्रीन पर भुगतान मोड, स्टेटस और क्रेडिट डेट दिखेगी। यदि पेंडिंग हो, तो e-KYC का प्रॉम्प्ट आएगा। बेनिफिशियरी लिस्ट राज्यवार डाउनलोड करें, जहां नाम सर्च करें। यदि नाम न हो, तो रजिस्ट्रेशन दोबारा करें। योजना में 10 करोड़ से अधिक किसान पंजीकृत हैं, लेकिन अपडेट न होने से लाखों बाहर हो जाते हैं। 22वीं किस्त फरवरी 2026 में आने की संभावना है, जो चार मासिक चक्र पर आधारित है। पिछले चक्र नवंबर 2025 में था, उसके बाद मार्च-अप्रैल 2026 तक अगली हो सकती है।
लेकिन सरकार ने आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की। किसानों को सलाह है कि वे जनवरी 2026 तक सभी सुधार पूरे कर लें। योजना ने किसानों को खेती, बीज, खाद और घरेलू खर्चों के लिए सहायता दी है। लेकिन गलतियां सुधार न करने से लाभ से वंचित होना पड़ता है। कई किसानों को लगता है कि रजिस्ट्रेशन के बाद सब ऑटोमेटिक हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। नियमित अपडेट जरूरी है। यदि खाता फ्रोजन है या बंद, तो नया लिंक करें। भूमि दस्तावेजों में मिसमैच से भी समस्या आती है। CSC सेंटर पर मुफ्त सहायता उपलब्ध है। हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें, जहां ट्रैकिंग नंबर मिलेगा। सरकार ने डिजिटल प्लेटफॉर्म को मजबूत किया है, लेकिन किसानों को जागरूक रहना चाहिए।
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