ठंड में शुरू करें इन 3 सब्जियों की खेती वो भी कम खर्च में, होगी लाखों की कमाई, 10000 से शुरू करें ये प्लान
भिंडी की खेती भी जनवरी में शुरू की जा सकती है। एक एकड़ के लिए 1 से 1.5 किलोग्राम बीज पर्याप्त होता है। भिंडी के बीज की कीमत 1,500 से 2,000 रुपये के बीच रहती है। यह
जनवरी के ठंडे मौसम में खेत तैयार करने के लिए किसान तरबूज, भिंडी और मटर की खेती को बेहतर विकल्प मान रहे हैं। इन तीन सब्जियों को एक एकड़ खेत में उगाने की कुल लागत लगभग 10,000 रुपये रहती है। इसमें बीज, खाद, सिंचाई और अन्य छोटे-मोटे खर्च शामिल होते हैं। इन फसलों की अवधि 45 से 60 दिनों के बीच होती है जिसके बाद अच्छी उपज मिलने पर 2 से 3 लाख रुपये तक की कमाई संभव है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार ठंड में इन फसलों की मांग बाजार में अच्छी रहती है और उत्पादन लागत कम होने से मुनाफा ज्यादा मिलता है। तरबूज की बुवाई जनवरी में की जा सकती है जबकि भिंडी और मटर भी इस मौसम में सफलतापूर्वक उगाए जा सकते हैं। खेत की तैयारी के लिए मिट्टी को अच्छी तरह जोतना और समतल करना जरूरी है।
तरबूज की खेती के लिए जनवरी सबसे उपयुक्त महीना माना जाता है। एक एकड़ में तरबूज के लिए लगभग 400 से 500 ग्राम बीज की जरूरत पड़ती है। बीज की लागत 2,000 से 3,000 रुपये तक रहती है। खाद के रूप में गोबर की खाद और यूरिया का इस्तेमाल किया जाता है। सिंचाई के लिए ड्रिप सिस्टम या सामान्य तरीके अपनाए जा सकते हैं। तरबूज की फसल 50 से 60 दिनों में तैयार हो जाती है। बाजार में तरबूज की अच्छी कीमत मिलती है और एक एकड़ से 8 से 10 टन तक उपज प्राप्त हो सकती है। ठंड में तरबूज की मिठास और स्वाद बढ़ जाता है जिससे इसकी मांग ज्यादा रहती है।
भिंडी की खेती भी जनवरी में शुरू की जा सकती है। एक एकड़ के लिए 1 से 1.5 किलोग्राम बीज पर्याप्त होता है। भिंडी के बीज की कीमत 1,500 से 2,000 रुपये के बीच रहती है। यह फसल 45 से 50 दिनों में पहली टिपाई के लिए तैयार हो जाती है। भिंडी की कई फसलें ली जा सकती हैं और निरंतर टिपाई से अच्छी कमाई होती है। खाद और कीटनाशक का खर्च कम रहता है। बाजार में भिंडी की कीमत 40 से 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक रहती है। एक एकड़ से 4 से 6 टन भिंडी की उपज मिल सकती है। ठंड में भिंडी की गुणवत्ता बेहतर रहती है।
मटर की खेती जनवरी में बहुत सफल साबित होती है। एक एकड़ में 8 से 10 किलोग्राम बीज लगता है। मटर के बीज की लागत 2,000 से 3,000 रुपये के आसपास रहती है। यह फसल 50 से 60 दिनों में तैयार हो जाती है। मटर की उपज 10 से 12 क्विंटल प्रति एकड़ तक हो सकती है। बाजार में हरे मटर की अच्छी मांग रहती है और कीमत 50 से 100 रुपये प्रति किलोग्राम तक जाती है। मटर की जड़ें नाइट्रोजन फिक्सेशन करती हैं जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है। तीनों फसलों की कुल लागत 10,000 रुपये के आसपास रहती है जिसमें बीज, खाद और सिंचाई मुख्य खर्च हैं।
इन तीन फसलों को एक साथ या अलग-अलग हिस्सों में उगाया जा सकता है। कृषि विशेषज्ञ सदु गुप्ता के अनुसार इन फसलों की सफलता के लिए सही समय पर बुवाई, उचित दूरी और नियमित देखभाल जरूरी है। ठंड में कीटों का प्रकोप कम रहता है जिससे दवाइयों पर खर्च बचता है। बाजार में इन सब्जियों की मांग स्थिर रहती है और अच्छी कीमत मिलती है। फसल तैयार होने के बाद 45 से 60 दिनों में बिक्री से 2 से 3 लाख रुपये तक का मुनाफा प्राप्त किया जा सकता है। यह तरीका कम निवेश में ज्यादा लाभ देने वाला है।
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