सवाई माधोपुर का 263वां स्थापना दिवस भव्य अमरूद महोत्सव से होगा यादगार, पंच गौरव अभियान के तहत 18-19 जनवरी को दशहरा मैदान में उन्नत कृषि तकनीकी मेला 2026। 

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में 18 और 19 जनवरी 2026 को जिले का 263वां स्थापना दिवस बेहद भव्य और विशेष रूप से मनाया जाएगा। इस

Jan 12, 2026 - 12:39
 0  8
सवाई माधोपुर का 263वां स्थापना दिवस भव्य अमरूद महोत्सव से होगा यादगार, पंच गौरव अभियान के तहत 18-19 जनवरी को दशहरा मैदान में उन्नत कृषि तकनीकी मेला 2026। 
सवाई माधोपुर का 263वां स्थापना दिवस भव्य अमरूद महोत्सव से होगा यादगार, पंच गौरव अभियान के तहत 18-19 जनवरी को दशहरा मैदान में उन्नत कृषि तकनीकी मेला 2026। 

राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में 18 और 19 जनवरी 2026 को जिले का 263वां स्थापना दिवस बेहद भव्य और विशेष रूप से मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिला प्रशासन द्वारा पंच गौरव अभियान के अंतर्गत दशहरा मैदान में दो दिवसीय अमरूद महोत्सव एवं उन्नत कृषि तकनीकी मेला 2026 का आयोजन किया जा रहा है। इस महोत्सव का मुख्य उद्देश्य जिले की कृषि पहचान को नई ऊंचाई प्रदान करना, किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और खेती को लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करना है।

महोत्सव कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है। आयोजन में जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों से प्रतिदिन 10 हजार से अधिक किसानों के शामिल होने की संभावना जताई गई है। दो दिनों तक चलने वाले इस मेले में अमरूद की उन्नत खेती, आधुनिक कृषि तकनीकें, जैविक खेती, सिंचाई प्रबंधन और बाजार से जुड़ी जानकारी पर विशेष जोर दिया जाएगा। विभिन्न कृषि विशेषज्ञ, वैज्ञानिक और सफल किसान अपने अनुभव साझा करेंगे तथा किसानों के साथ सीधा संवाद करेंगे।

जिला कलेक्टर काना राम ने बताया कि सवाई माधोपुर जिले में अमरूद की खेती अब केवल परंपरागत खेती नहीं रह गई है बल्कि यह एक बड़ा व्यावसायिक क्षेत्र बन चुका है। वर्तमान में जिले के लगभग 20 हजार किसान करीब 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में अमरूद की व्यावसायिक खेती कर रहे हैं। इससे प्रतिवर्ष लगभग 4 लाख मैट्रिक टन अमरूद का उत्पादन हो रहा है जिसका अनुमानित बाजार मूल्य करीब 6 अरब रुपये है। अमरूद की लगातार बढ़ती मांग और बाजार में अच्छी कीमत मिलने के कारण यह खेती किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत साधन बन गई है।

अमरूद महोत्सव में विभिन्न किस्मों के अमरूद के पौधे, बीज, उन्नत तकनीकें और उत्पादों का प्रदर्शन किया जाएगा। मेले में अमरूद से बने विभिन्न उत्पाद जैसे जैम, जेली, पाउडर, चिप्स, जूस और अन्य मूल्यवर्धित वस्तुओं की प्रदर्शनी लगाई जाएगी। किसानों को इन उत्पादों के निर्माण और बाजार में बिक्री के तरीकों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे केवल कच्चे फल बेचने के बजाय मूल्यवर्धन करके अधिक लाभ कमा सकें।

महोत्सव के दौरान उन्नत कृषि तकनीकी मेला भी आयोजित किया जाएगा जिसमें ड्रिप सिंचाई, स्प्रिंकलर सिस्टम, सोलर पंप, जैविक खाद, कीटनाशकों का कम उपयोग और मशीनों के माध्यम से खेती के नए तरीके प्रदर्शित किए जाएंगे। विभिन्न कंपनियां और कृषि विभाग की योजनाओं के स्टॉल लगाए जाएंगे जहां किसान सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए पंजीकरण करवा सकेंगे।

इस आयोजन के माध्यम से जिले में अमरूद की खेती को और अधिक संगठित और लाभकारी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। सवाई माधोपुर में अमरूद की खेती मुख्य रूप से बाड़ी, चाक, गंगापुर और सवाई माधोपुर ब्लॉक में फैली हुई है। इन क्षेत्रों में अमरूद के बड़े-बड़े बागान हैं जो किसानों के लिए स्थिर आय का स्रोत बने हुए हैं। महोत्सव में इन सफल किसानों को भी मंच दिया जाएगा ताकि अन्य किसान उनके अनुभवों से लाभ उठा सकें।

जिला प्रशासन ने आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली हैं। दशहरा मैदान को सजाया जा रहा है और विभिन्न स्टेज, प्रदर्शनी क्षेत्र तथा बैठकों के लिए व्यवस्था की गई है। सुरक्षा की दृष्टि से भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। महोत्सव के दौरान कृषि संबंधी सेमिनार, प्रश्नोत्तरी और प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।

Also Read- पीएम किसान योजना में बड़ा अपडेट: 26 हजार से अधिक किसानों का लाभ रुकने का खतरा, eKYC और फार्मर आईडी अनिवार्य।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow