ईरान की Trump को खुली धमकी, 'मार-ए-लागो में धूप सेंकते वक्त Drone से हो सकता है हमला'।
Iran News: ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार जवाद...
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के वरिष्ठ सलाहकार जवाद लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड Trump को खुली धमकी दी है। ईरानी टेलीविजन पर दिए एक साक्षात्कार में लारीजानी ने कहा कि Trump अपने फ्लोरिडा स्थित आलीशान आवास मार-ए-लागो में भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने विवादास्पद ढंग से कहा, "जब Trump धूप में पेट के बल लेटे होंगे, तो एक छोटा सा Drone उनकी नाभि पर हमला कर सकता है। यह करना बहुत आसान है।" यह बयान 7 जुलाई 2025 को प्रसारित हुआ और इसके बाद से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मच गई है। यह धमकी 2020 में ईरानी कमांडर कासिम सुलेमानी की हत्या से जुड़ी है, जिसके लिए ईरान Trump को जिम्मेदार मानता है।
यह बयान ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में अमेरिका ने इजरायल के अनुरोध पर ईरान के परमाणु ठिकानों पर बमबारी की थी। इस हमले में ईरान के तीन परमाणु प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा, जिसके कारण ईरान का परमाणु कार्यक्रम पांच साल पीछे चला गया। ईरान ने इस हमले को 'युद्ध की घोषणा' करार दिया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। लारीजानी का बयान इसी तनाव का हिस्सा माना जा रहा है। उन्होंने साक्षात्कार में कहा, "Trump ने ऐसे कदम उठाए हैं कि अब वह अपने घर में धूप सेंकने जैसा सामान्य काम भी सुरक्षित रूप से नहीं कर सकते।" यह बयान न केवल Trump को निशाना बनाता है, बल्कि अमेरिका और उसके सहयोगी इजरायल के खिलाफ ईरान की आक्रामक नीति को भी दर्शाता है।
लारीजानी ने यह भी इशारा किया कि ईरान के पास ऐसी तकनीक और रणनीति है, जिससे वह Trump को उनके निजी आवास में भी निशाना बना सकता है। यह बयान ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) द्वारा पहले से चली आ रही धमकियों का हिस्सा है, जो सुलेमानी की हत्या का बदला लेने की बात कहते रहे हैं। जनवरी 2020 में बगदाद में अमेरिकी Drone हमले में सुलेमानी की मौत हुई थी, जिसके आदेश तत्कालीन राष्ट्रपति Trump ने दिए थे। तभी से ईरान ने Trump को अपना निशाना बनाया हुआ है।
- 'ब्लड पैक्ट' अभियान
लारीजानी का बयान एक ऑनलाइन क्राउडफंडिंग अभियान 'ब्लड पैक्ट' (फारसी में 'अहदे खून') के बाद आया है, जो Trump और खामेनेई के अन्य विरोधियों के खिलाफ बदले की कार्रवाई के लिए धन जुटा रहा है। इस अभियान ने 8 जुलाई 2025 तक 2.7 करोड़ डॉलर (लगभग 2300 करोड़ रुपये) से अधिक की राशि इकट्ठा कर ली थी। वेबसाइट का दावा है कि इसका लक्ष्य 10 करोड़ डॉलर जुटाना है, ताकि "ईश्वर के दुश्मनों और खामेनेई को धमकी देने वालों को न्याय के कठघरे में लाया जाए।" ईरान की सरकारी मीडिया, जैसे फार्स न्यूज एजेंसी, ने इस अभियान का समर्थन किया और लोगों से इसमें योगदान देने की अपील की।
ईरान के कट्टरपंथी अखबार 'कायहान', जो खामेनेई के करीबी लोगों द्वारा संचालित होता है, ने इसे "धार्मिक आदेश" बताया और कहा कि यह "इस्लामिक रिपब्लिक की रक्षा" का हिस्सा है। अखबार ने यह भी लिखा कि ईरान इजरायल को "खून में डुबो देगा।" इस तरह के बयान और अभियान से साफ है कि ईरान अपनी आक्रामक नीति को और तेज कर रहा है।
- Trump की प्रतिक्रिया
Trump ने इस धमकी को हल्के में लेते हुए इसे मजाक में उड़ा दिया। उन्होंने 8 जुलाई 2025 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर लिखा, "मुझे यकीन नहीं है कि मैं धूप सेंकता हूं। आखिरी बार मैंने धूप सेंकी थी, शायद सात साल का था।" Trump ने ईरान की धमकी को गंभीरता से लेने से इनकार किया, लेकिन अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीर खतरे के रूप में देख रही हैं। अमेरिका ने कुवैत, बहरीन, कतर और संयुक्त अरब अमीरात में अपने सैन्य ठिकानों को 'कोड रेड' अलर्ट पर रखा है। बीबीसी के उड़ान ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, अमेरिका ने हाल ही में 30 फाइटर जेट और टैंकर विमान यूरोप भेजे हैं, जो पश्चिम एशिया में संभावित कार्रवाई के लिए तैयार किए गए हैं।
इस धमकी ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही चेतावनी दी थी कि ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स Trump के खिलाफ साजिश रच रही है। इजरायल ने भी ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है, लेकिन Trump ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खामेनेई की हत्या के प्रस्ताव को वीटो कर दिया था। Trump ने कहा, "हम अभी खामेनेई को नहीं मार रहे, कम से कम अभी नहीं।" यह बयान दर्शाता है कि अमेरिका तनाव को और बढ़ाने से बच रहा है, लेकिन वह ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए तैयार है।
ईरान ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी हमले से उसके परमाणु ठिकानों को मामूली नुकसान हुआ, क्योंकि यूरेनियम को पहले ही गुप्त स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) ने Trump के दावे को खारिज किया कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम "दशकों पीछे" चला गया है।
लारीजानी की धमकी और 'ब्लड पैक्ट' अभियान ने ईरान-अमेरिका तनाव को नई ऊंचाई दी है। यह बयान न केवल Trump को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाता है, बल्कि दोनों देशों के बीच युद्ध की आशंका को भी बढ़ाता है। अमेरिका ने अपनी सैन्य तैयारियों को तेज कर दिया है, जबकि ईरान अपनी आक्रामक नीति पर कायम है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर नजर रखे हुए है, क्योंकि इसका प्रभाव वैश्विक शांति और स्थिरता पर पड़ सकता है। इस बीच, Trump की हल्की प्रतिक्रिया और अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता से साफ है कि यह मामला अभी और गंभीर हो सकता है। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव की जड़ें लंबी हैं। सुलेमानी की हत्या के बाद से ईरान ने बार-बार Trump को निशाना बनाने की धमकी दी है। हाल ही में ईरान ने इजरायल पर 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस-3' के तहत हाइपरसोनिक मिसाइलों से हमला किया, जिसे वह इजरायल और अमेरिका के खिलाफ जवाबी कार्रवाई मानता है। दूसरी ओर, अमेरिका ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाए और उसे कूटनीतिक रूप से अलग-थलग करने की कोशिश की। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि Trump की "अपमानजनक भाषा" के कारण परमाणु समझौते पर बातचीत संभव नहीं है। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से अमेरिका और इजरायल के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
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