पंजाब में सैन्य ठिकानों पर सीरियल ब्लास्ट की कोशिश, जालंधर और अमृतसर में एक ही रात दहले इलाके।

पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार की रात राज्य के

May 6, 2026 - 11:55
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पंजाब में सैन्य ठिकानों पर सीरियल ब्लास्ट की कोशिश, जालंधर और अमृतसर में एक ही रात दहले इलाके।
पंजाब में सैन्य ठिकानों पर सीरियल ब्लास्ट की कोशिश, जालंधर और अमृतसर में एक ही रात दहले इलाके।
  • सीमा सुरक्षा बल और थल सेना के कैंपों के बाहर धमाके, IED के इस्तेमाल से मची भारी अफरा-तफरी
  • रातभर चली धमाकों की गूंज, सुरक्षा एजेंसियों ने पंजाब में जारी किया हाई अलर्ट, जांच के लिए जुटीं कई टीमें

पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगलवार की रात राज्य के दो प्रमुख शहरों, जालंधर और अमृतसर में सैन्य संस्थानों के बेहद करीब हुए दो बम धमाकों ने सुरक्षा एजेंसियों के होश उड़ा दिए हैं। ये धमाके महज कुछ घंटों के अंतराल पर हुए, जिससे साफ संकेत मिलता है कि सुरक्षा घेरे को चुनौती देने की कोई बड़ी कोशिश की गई है। जालंधर में सीमा सुरक्षा बल (BSF) के पंजाब फ्रंटियर मुख्यालय के बाहर और अमृतसर के खासा स्थित आर्मी कैंप के पास हुई इन घटनाओं ने पूरे राज्य में हाई अलर्ट की स्थिति पैदा कर दी है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इन धमाकों में किसी की जान नहीं गई, लेकिन जिस तरह से रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया है, वह सुरक्षा के लिहाज से एक चिंताजनक विषय बन गया है। पंजाब के जालंधर शहर में मंगलवार शाम करीब 8:00 बजे पहली घटना दर्ज की गई। जालंधर के व्यस्ततम इलाकों में से एक, बीएसएफ चौक के पास स्थित बीएसएफ मुख्यालय के प्रवेश द्वार के समीप खड़ी एक एक्टिवा स्कूटी में अचानक जोरदार धमाका हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका इतना शक्तिशाली था कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और आसपास के क्षेत्र में धुएं का गुबार छा गया। शुरुआती दौर में पुलिस इसे टायर फटने या तकनीकी खराबी के कारण लगी आग मान रही थी, लेकिन जैसे ही धमाके की तीव्रता और घटनास्थल के पास मिले साक्ष्यों का मिलान किया गया, मामला संदिग्ध नजर आने लगा। सीसीटीवी फुटेज में स्कूटी के पास से एक संदिग्ध युवक को भागते हुए देखा गया है, जिसकी पहचान और तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं।

जालंधर की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अभी सक्रिय ही हुई थीं कि रात करीब 10:50 बजे अमृतसर के खासा इलाके से एक और धमाके की खबर ने प्रशासन की नींद उड़ा दी। अमृतसर के इस इलाके में भारतीय सेना का एक महत्वपूर्ण कैंप स्थित है। बताया जा रहा है कि मोटरसाइकिल सवार कुछ अज्ञात हमलावरों ने सेना के कैंप की चारदीवारी के पास एक विस्फोटक वस्तु फेंकी, जो दीवार से टकराते ही बड़े धमाके के साथ फट गई। धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि कई किलोमीटर दूर तक इसे सुना गया, जिससे स्थानीय निवासियों में दहशत फैल गई। खासा इलाका अटारी-वाघा बॉर्डर के काफी करीब है, जिससे इस घटना की संवेदनशीलता और भी बढ़ जाती है। सेना और पंजाब पुलिस ने तुरंत संयुक्त तलाशी अभियान शुरू कर इलाके की घेराबंदी कर दी। दोनों ही मामलों की प्रारंभिक फोरेंसिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि धमाकों के लिए 'इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस' (IED) का इस्तेमाल किया गया था। जालंधर में स्कूटी की डिक्की के भीतर विस्फोटक सामग्री रखे होने की संभावना जताई जा रही है, जबकि अमृतसर में इसे 'फेंककर हमला करने' (Throw and Blast) की तकनीक से अंजाम दिया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने धमाकों वाली जगहों से छर्रे, रसायनों के अवशेष और इलेक्ट्रॉनिक सर्किट के टुकड़े बरामद किए हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि ये महज दुर्घटनाएं नहीं थीं, बल्कि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा थीं। इन धमाकों की तीव्रता 'लो-इंटेंसिटी' (कम तीव्रता) की बताई जा रही है, जिसका उद्देश्य शायद जान-माल का नुकसान करने के बजाय केवल दहशत फैलाना और सुरक्षा इंतजामों को परखना था।

  • सीमावर्ती सुरक्षा पर बढ़ता खतरा

पंजाब पिछले कुछ समय से ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी और छिटपुट आतंकी गतिविधियों का सामना कर रहा है। ताजा धमाकों ने यह साफ कर दिया है कि राष्ट्र-विरोधी तत्व अब सीधे सुरक्षा संस्थानों के बाहर तक पहुँचने का साहस कर रहे हैं। जालंधर और अमृतसर जैसे सुरक्षित माने जाने वाले शहरों में सैन्य ठिकानों के पास IED का विस्फोट होना खुफिया तंत्र की विफलता और सुरक्षा में बड़ी सेंध की ओर इशारा करता है। विशेष रूप से विधानसभा चुनावों और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय आयोजनों से पहले इस तरह की गतिविधियां सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी चुनौती हैं।

जालंधर पुलिस ने इस मामले में स्कूटी चालक की पहचान 22 वर्षीय गुरप्रीत सिंह के रूप में की है, जो एक डिलीवरी बॉय का काम करता है। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह पार्सल देने के लिए रुका था और जैसे ही वह अपनी गाड़ी की तरफ बढ़ा, उसमें अचानक धमाका हो गया। पुलिस यह जांच रही है कि क्या गुरप्रीत का इन धमाकों से कोई सीधा संबंध है या उसकी गाड़ी का इस्तेमाल अनजाने में विस्फोटक ले जाने के लिए किया गया था। अमृतसर में भी पुलिस आसपास के होटलों, दुकानों और सड़कों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि हमलावरों के भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके। अमृतसर ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों की धरपकड़ के लिए पड़ोसी जिलों में भी नाकाबंदी कर दी गई है। राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय ने इन घटनाओं के बाद पूरे पंजाब में 'रेड अलर्ट' जारी कर दिया है। सभी प्रमुख शहरों के बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और भीड़भाड़ वाले बाजारों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। विशेष रूप से सैन्य क्षेत्रों के आसपास गश्त तेज कर दी गई है और संदिग्ध वाहनों की कड़ी तलाशी ली जा रही है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने स्वयं स्थिति की समीक्षा की है और जांच के लिए 'स्पेशल टास्क फोर्स' (STF) के गठन के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, केंद्रीय खुफिया एजेंसियां भी इस मामले में शामिल हो गई हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या इन धमाकों के तार सीमा पार बैठे संगठनों से जुड़े हुए हैं।

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