ईंधन कीमतों का लाइव स्नैपशॉट: उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, कोलकाता समेत कई शहरों में कितना खर्च?
देशभर के वाहन चालकों के लिए राहत भरा साबित हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद
5 मई 2026 का दिन देशभर के वाहन चालकों के लिए राहत भरा साबित हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद, भारतीय बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतें ज्यादातर स्थिर नजर आ रही हैं। चाहे आप दिल्ली की व्यस्त सड़कों पर ड्राइव कर रहे हों, नोएडा के आईटी हब में काम कर रहे हों, या लखनऊ के ऐतिहासिक गलियों से गुजर रहे हों – ईंधन की कीमतों में मामूली या कोई बदलाव नहीं है। यह स्थिरता आम आदमी के बजट को संभाल रही है, खासकर तब जब गर्मियों की छुट्टियों और यात्राओं का मौसम चल रहा है।
भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना सुबह 6 बजे रिवाइज होती हैं। ये कीमतें कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय दरों, रुपए-डॉलर के एक्सचेंज रेट, राज्य सरकारों द्वारा लगाए गए टैक्स (VAT, एक्साइज ड्यूटी) और परिवहन लागत पर निर्भर करती हैं। आज के आंकड़ों के अनुसार, मेट्रो शहरों में पेट्रोल रू.94 से रू.107 प्रति लीटर के बीच है, जबकि डीजल रू.87 से रू.95 प्रति लीटर के आसपास। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं, जो स्थानीय टैक्स संरचना के कारण है।
आज के प्रमुख शहरों और राज्यों में पेट्रोल-डीजल कीमतें (5 मई 2026):
| जगह/शहर | पेट्रोल (रू./लीटर) | डीजल (रू./लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 94.77 | 87.67 |
| नोएडा | 94.90 | 87.81 |
| लखनऊ | 94.69 | 87.81 |
| कानपुर | 94.70 (लगभग) | 87.80 (लगभग) |
| बरेली | 94.79 | 88.06 |
| शाहजहांपुर | 94.65 | 87.95 |
| बाराबंकी | 94.90 | 88.05-88.13 |
| मुरादाबाद | 95.20 | 88.36 |
| आगरा | 94.50 | 87.48 |
| हरदोई | 94.80 (लगभग) | 88.78 |
| कोलकाता | 105.41 | 92.02 |
| पुणे | 104.84 | 90.49 |
| मुंबई | 103.54 | 90.03 |
| असम (राज्य औसत) | 98.19-99.14 | 89.44 |
| चेन्नई | 100.84 | 92.48 |
| तमिलनाडु (राज्य) | 100.84 | 92.48 |
| मध्य प्रदेश (राज्य) | 106.41-107.32 | 91.99-92.67 |
| राजस्थान (राज्य) | 104.72-105.80 | 89.93 |
कल्पना कीजिए – आप सुबह अपनी कार में ईंधन भरवाने जाते हैं। दिल्ली में रू.94.77 पर लीटर पेट्रोल भरवाकर आप ऑफिस पहुंचते हैं, जबकि मुंबई में यही रू.103.54 का पड़ता है। यह अंतर मुख्य रूप से राज्य-स्तरीय टैक्स और परिवहन लागत के कारण है। उत्तर प्रदेश में कम टैक्स की वजह से कीमतें कम हैं, जो लाखों ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टरों को राहत देती है। कोलकाता और मुंबई जैसे शहरों में ऊंची कीमतें होने के बावजूद, डीजल अपेक्षाकृत सस्ता है, जो ट्रक और बस ऑपरेटर्स के लिए फायदेमंद है। आज की स्थिरता पिछले कई दिनों की प्रवृत्ति को जारी रख रही है। वैश्विक स्तर पर कच्चा तेल $110-113 प्रति बैरल के आसपास घूम रहा है, लेकिन भारत सरकार और ऑयल मार्केटिंग कंपनियां (IOCL, BPCL, HPCL) रोजाना समायोजन करके कीमतों को नियंत्रित रख रही हैं। इससे आम उपभोक्ता को फायदा हो रहा है। गर्मी के मौसम में ट्रैवल बढ़ने से ईंधन की मांग बढ़ी है, फिर भी भाव नहीं चढ़े – यह एक सकारात्मक संकेत है।
UP में पेट्रोल औसतन रू.94.70-95.20 और डीजल रू.87.50-88.50 के बीच है। लखनऊ, कानपुर, आगरा जैसे बड़े शहरों में यह स्थिरता किसानों, व्यापारियों और दैनिक यात्रियों के लिए बड़ी राहत है। बाराबंकी, शाहजहांपुर, बरेली जैसे जिले भी इसी रेंज में हैं। मुरादाबाद में थोड़ा ऊंचा पेट्रोल है, लेकिन डीजल किफायती है। यह स्थिरता लॉजिस्टिक्स लागत को नियंत्रित रखती है, जिससे सब्जी-फल और अन्य सामानों की कीमतें नहीं बढ़तीं। मुंबई में पेट्रोल सबसे महंगा है – रू.103.54। यहां की हाई VAT और अन्य लेवी इसे महंगा बनाती है। कोलकाता में रू.105.41 पेट्रोल लेकिन डीजल केवल रू.92.02। चेन्नई में संतुलित भाव हैं। पुणे IT प्रोफेशनल्स के लिए थोड़ा महंगा पड़ता है, लेकिन डीजल ट्रांसपोर्ट के लिए ठीक है।
असम: पहाड़ी इलाकों और लंबी दूरी के ट्रांसपोर्ट के कारण पेट्रोल रू.98-99, डीजल रू.89.44। मध्य प्रदेश: औसत पेट्रोल रू.106-107, डीजल रू.92। बड़े राज्य होने से क्षेत्रीय अंतर हो सकता है। राजस्थान: पेट्रोल रू.104-105, डीजल रू.89-90। सूखे और लंबी दूरी के कारण यहां ट्रांसपोर्ट पर निर्भरता ज्यादा है। तमिलनाडु: चेन्नई समेत राज्य में पेट्रोल रू.100.84, डीजल रू.92.48 – औद्योगिक गतिविधियों के लिए अनुकूल। पिछले वर्षों में देखा गया है कि जब कच्चा तेल महंगा होता है, तो भारत जैसे आयात-निर्भर देश प्रभावित होते हैं। लेकिन हाल के वर्षों में रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व, रिन्यूएबल एनर्जी पर जोर और कुशल प्रबंधन ने कीमतों को स्थिर रखा है। आज की स्थिति में कोई बड़ा बदलाव नहीं होने से inflation पर काबू रहता है। वाहन मालिकों को सलाह है कि ऐप्स या आधिकारिक साइट्स पर रोज चेक करें, क्योंकि छोटे बदलाव हो सकते हैं।
ईंधन की कीमतें सिर्फ टैंक भरने का खर्च नहीं, बल्कि पूरे अर्थव्यवस्था का इंडिकेटर हैं। इससे ट्रांसपोर्ट, कृषि, उद्योग सब प्रभावित होते हैं। आज की स्थिरता अच्छी खबर है, लेकिन भविष्य में EV और CNG की ओर शिफ्ट बढ़ने से निर्भरता कम हो सकती है।
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