आईपीएल 2026 में कोलकाता नाइट राइडर्स की धमाकेदार वापसी, लगातार चौथी जीत से प्लेऑफ की उम्मीदें बरकरार
कोलकाता की इस चौथी लगातार जीत के सबसे बड़े नायक न्यूजीलैंड के आक्रामक बल्लेबाज फिन एलन रहे। दिल्ली द्वारा दिए गए 143 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एलन ने मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की बरसात कर दी। उन्होंने म
- दिल्ली कैपिटल्स को करारी शिकस्त देकर केकेआर ने अंक तालिका में लंबी छलांग लगाई, फिन एलन के शतक ने मचाया तहलका
- सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स का शीर्ष पर दबदबा कायम, टॉप-4 की जंग हुई और भी रोमांचक
इंडियन प्रीमियर लीग के 19वें सीजन में कोलकाता नाइट राइडर्स ने हार के सिलसिले को तोड़ते हुए जीत का ऐसा रथ दौड़ाया है कि अब प्लेऑफ की राह उनके लिए मुमकिन नजर आने लगी है। टूर्नामेंट के शुरुआती चरण में संघर्ष करने के बाद, कोलकाता ने लगातार चार मैचों में जीत दर्ज कर अंक तालिका के समीकरण बदल दिए हैं। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स को आठ विकेट से रौंदकर केकेआर ने न केवल दो अंक हासिल किए, बल्कि अपने नेट रन रेट में भी जबरदस्त सुधार किया है। इस जीत के साथ कोलकाता की टीम अब सातवें स्थान पर पहुँच गई है और उनके पास अभी भी टॉप-4 में जगह बनाने का सुनहरा मौका है।
कोलकाता की इस चौथी लगातार जीत के सबसे बड़े नायक न्यूजीलैंड के आक्रामक बल्लेबाज फिन एलन रहे। दिल्ली द्वारा दिए गए 143 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए एलन ने मैदान के चारों ओर चौकों और छक्कों की बरसात कर दी। उन्होंने महज 47 गेंदों में नाबाद 100 रनों की पारी खेली, जो उनके आईपीएल करियर का पहला शतक भी है। एलन की इस आतिशी पारी की बदौलत कोलकाता ने लक्ष्य को केवल 14.2 ओवरों में हासिल कर लिया। उनकी इस पारी में 10 गगनचुंबी छक्के और 5 शानदार चौके शामिल थे। कप्तान अजिंक्य रहाणे की अगुआई में टीम अब एक एकजुट इकाई के रूप में खेल रही है, जहां गेंदबाजी में सुनील नरेन और स्पिन विभाग ने विपक्षी बल्लेबाजों पर अंकुश लगाने में सफलता पाई है।
अंक तालिका पर नजर डालें तो सनराइजर्स हैदराबाद 14 अंकों के साथ फिलहाल शीर्ष पर काबिज है। पैट कमिंस की अगुआई वाली इस टीम ने 11 मैचों में से 7 में जीत दर्ज की है और उनका प्लेऑफ में जाना लगभग तय माना जा रहा है। दूसरे स्थान पर पंजाब किंग्स की टीम है, जिसने 10 मैचों में 13 अंक जुटाए हैं। पंजाब की टीम ने इस सीजन में बेहतरीन संतुलन दिखाया है और उनके पास एक मैच अतिरिक्त होने का फायदा भी है। टॉप-2 टीमों का यह प्रदर्शन अन्य फ्रेंचाइजी के लिए खतरे की घंटी है, क्योंकि ये टीमें न केवल मैच जीत रही हैं बल्कि बड़े अंतर से जीत हासिल कर रन रेट के मामले में भी काफी आगे निकल चुकी हैं। कोलकाता नाइट राइडर्स को अब प्लेऑफ में जगह पक्की करने के लिए अपने बाकी बचे सभी मैच जीतने होंगे। यदि वे अगले चार मुकाबलों में जीत हासिल करते हैं, तो उनके 17 अंक हो जाएंगे, जो उन्हें सीधे क्वालीफिकेशन दिला सकते हैं। हालांकि, एक भी हार उन्हें नेट रन रेट के भरोसे छोड़ देगी।
रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और राजस्थान रॉयल्स क्रमशः तीसरे और चौथे स्थान पर मजबूती से बनी हुई हैं। दोनों ही टीमों के 10 मैचों में 12-12 अंक हैं, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के कारण बेंगलुरु की टीम राजस्थान से ऊपर है। बेंगलुरु के लिए भुवनेश्वर कुमार गेंदबाजी में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि राजस्थान रॉयल्स के लिए वैभव सूर्यवंशी बल्ले से लगातार रन उगल रहे हैं। इन चार टीमों का दबदबा फिलहाल बना हुआ है, लेकिन गुजरात टाइटंस भी 12 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर खड़ी है और किसी भी उलटफेर के लिए तैयार है। कोलकाता की वापसी ने इन टॉप-5 टीमों के लिए दबाव बढ़ा दिया है, क्योंकि अब हर मैच के साथ प्लेऑफ की रेस और भी जटिल होती जा रही है।
चेन्नई सुपर किंग्स की स्थिति इस समय थोड़ी डांवाडोल नजर आ रही है। 10 मैचों में 5 जीत के साथ उनके 10 अंक हैं और वे छठे स्थान पर खिसक गए हैं। चेन्नई को टॉप-4 में वापसी करने के लिए अपने प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी। दूसरी ओर, दिल्ली कैपिटल्स के लिए रास्ते अब लगभग बंद होते नजर आ रहे हैं। 11 मैचों में केवल 8 अंकों के साथ वे आठवें पायदान पर हैं। दिल्ली के लिए केएल राहुल ने बल्ले से अच्छा योगदान दिया है और वे ऑरेंज कैप की रेस में भी बने हुए हैं, लेकिन टीम के तौर पर दिल्ली महत्वपूर्ण मौकों पर पिछड़ती रही है। कोलकाता के खिलाफ मिली हार उनके लिए इस सीजन का सबसे बड़ा झटका साबित हुई है। मुंबई इंडियंस और लखनऊ सुपर जाइंट्स के लिए यह सीजन किसी बुरे सपने जैसा रहा है। दोनों टीमें 6-6 अंकों के साथ अंक तालिका में सबसे नीचे क्रमशः नौवें और दसवें स्थान पर हैं। लखनऊ ने हाल ही में बेंगलुरु के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज कर थोड़ी राहत जरूर पाई है, लेकिन प्लेऑफ की दौड़ से वे लगभग बाहर हो चुके हैं। मुंबई इंडियंस की टीम में भी बड़े सितारों की मौजूदगी के बावजूद मैदान पर वह तालमेल नजर नहीं आया है जिसके लिए यह फ्रेंचाइजी जानी जाती है। इन टीमों का खराब प्रदर्शन टूर्नामेंट के अंतिम चरणों में शीर्ष टीमों के समीकरण बिगाड़ने में अहम भूमिका निभा सकता है, क्योंकि ये टीमें अब बिना किसी दबाव के खुलकर खेलेंगी।
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