मध्यमग्राम में खूनी खेल: चंद्रनाथ रथ की हत्या को अर्जुन सिंह ने बताया सोची-समझी साजिश, कहा- 'सत्ता खोने के बाद खौफ पैदा करने की कोशिश'
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर खून-खराबे और आरोपों का दौर शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता
- बंगाल में सुवेंदु अधिकारी के पीए की सनसनीखेज हत्या: भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने सीधे तौर पर अभिषेक बनर्जी पर साधा निशाना
- 'गोली का जवाब मिलेगा': भाजपा नेता ने हत्या के पीछे बताया पेशेवर शार्पशूटरों का हाथ, बंगाल की राजनीति में उबाल के साथ भारी तनाव
पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर खून-खराबे और आरोपों का दौर शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (PA) चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने पूरे राज्य को हिलाकर रख दिया है। भाजपा नेता अर्जुन सिंह ने इस हत्याकांड को लेकर सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी पर हमला बोला है। अर्जुन सिंह का कहना है कि यह कोई सामान्य अपराध नहीं है, बल्कि एक गहरी राजनीतिक साजिश के तहत अंजाम दी गई हत्या है। उन्होंने दावा किया कि इस हमले के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि सत्ता का समीकरण भले ही बदल रहा हो, लेकिन विरोधी खेमे की ताकत और खौफ अभी भी बरकरार है।
घटना के विवरण के अनुसार, चंद्रनाथ रथ जब अपनी कार से जा रहे थे, तभी बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और बहुत करीब से गोलियां दाग दीं। अर्जुन सिंह ने इस वारदात की गंभीरता को देखते हुए कहा कि अभिषेक बनर्जी ने खुद इस पूरी हत्या की रूपरेखा तैयार की है। उनका तर्क है कि जिस तरह से इस काम को अंजाम दिया गया, उसमें पेशेवर अपराधियों का हाथ साफ नजर आता है। भाजपा नेता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि इस तरह की हरकतों का जवाब जरूर दिया जाएगा। उनका मानना है कि राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी अब डराने-धमकाने की नीति पर उतर आए हैं और यह हत्या उसी सिलसिले की एक कड़ी है ताकि भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं और महत्वपूर्ण सहयोगियों के बीच दहशत पैदा की जा सके। अर्जुन सिंह ने जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि इस हत्याकांड में कुछ पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी के पास कुछ ऐसे वफादार अधिकारी हैं जो उनके इशारे पर इस तरह के ऑपरेशंस को अंजाम देने में मदद करते हैं। भाजपा नेता ने इस बात पर जोर दिया कि चंद्रनाथ रथ एक भरोसेमंद और कर्मठ व्यक्ति थे, जिन्होंने पार्टी के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली थीं। उनकी हत्या केवल एक व्यक्ति की मौत नहीं है, बल्कि बंगाल की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर एक बड़ा हमला है। इस घटना के बाद से मध्यमग्राम और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है।
- हत्याकांड का खौफनाक मंजर
चश्मदीदों के मुताबिक, हमलावरों ने सिलीगुड़ी नंबर प्लेट वाली एक गाड़ी और बिना नंबर वाली मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया था। चंद्रनाथ रथ को तीन गोलियां लगीं, जो उनके सीने और सिर के पास लगीं। अस्पताल ले जाने से पहले ही उन्होंने दम तोड़ दिया था। प्रारंभिक जांच में ऑस्ट्रिया निर्मित घातक पिस्तौल के इस्तेमाल की बात सामने आ रही है।
सुवेंदु अधिकारी ने भी अपने सहयोगी की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे 'कोल्ड ब्लडेड मर्डर' करार दिया है। उन्होंने बताया कि हत्यारों ने दो-तीन दिनों तक चंद्रनाथ की रेकी की थी, जिससे साफ होता है कि यह अचानक हुई कोई वारदात नहीं थी। अर्जुन सिंह ने सुवेंदु अधिकारी के इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि जब तक साजिश के असली सूत्रधारों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, भाजपा शांत नहीं बैठेगी। राज्य में विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद से ही छिटपुट हिंसा की खबरें आ रही थीं, लेकिन एक प्रमुख नेता के करीबी की हत्या ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। भाजपा ने इस मामले में केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग उठानी शुरू कर दी है।
पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी ने हालांकि इन आरोपों को बेबुनियाद बताया है, लेकिन भाजपा नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि वे इस लड़ाई को सड़क से लेकर अदालत तक लड़ेंगे। अर्जुन सिंह के बयानों ने इस राजनीतिक लड़ाई को सीधे तौर पर नेतृत्व की जंग में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को कमजोर समझने की भूल भारी पड़ेगी। चंद्रनाथ रथ के परिवार में मातम छाया हुआ है और उनके समर्थकों में भारी आक्रोश है। भाजपा के कई बड़े नेता अस्पताल पहुंचे और उन्होंने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। पुलिस प्रशासन ने हालांकि दावा किया है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और दोषियों की पहचान जल्द कर ली जाएगी, लेकिन भाजपा को स्थानीय पुलिस की जांच पर भरोसा नहीं है। इस हत्याकांड के बाद बंगाल के राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि क्या यह हिंसा का दौर और लंबा खिंचेगा। अर्जुन सिंह का अभिषेक बनर्जी पर किया गया सीधा हमला आने वाले समय में दोनों पार्टियों के बीच टकराव को और बढ़ा सकता है। भाजपा नेता ने बार-बार इस बात को दोहराया कि अपराधियों को पालने-पोसने का काम सत्ता के संरक्षण में हो रहा है। उन्होंने कहा कि हत्या के बाद जिस तरह से हमलावर फरार होने में सफल रहे, वह सुरक्षा तंत्र की विफलता को दर्शाता है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस हत्या के विरोध में प्रदर्शन शुरू कर दिए हैं, जिससे प्रशासन के लिए शांति बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
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