Viral: पहले तू खा... खराब खाने और उड़ान में देरी से भड़के यात्री, वायरल वीडियो ने खोली पोल, पुणे हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट की लापरवाही।
पुणे हवाई अड्डे पर हाल ही में एक घटना ने देशभर में सुर्खियां बटोरीं, जब स्पाइसजेट एयरलाइंस की एक फ्लाइट में सात घंटे से अधिक की देरी...
पुणे हवाई अड्डे पर हाल ही में एक घटना ने देशभर में सुर्खियां बटोरीं, जब स्पाइसजेट एयरलाइंस की एक फ्लाइट में सात घंटे से अधिक की देरी और खराब गुणवत्ता वाले भोजन के कारण यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। गुस्साए यात्रियों ने एयरलाइंस के ग्राउंड स्टाफ को घेर लिया और उन्हें वही खाना खाने के लिए मजबूर किया, जिसे उन्होंने "जानवरों का खाना" करार दिया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ, जिसने न केवल स्पाइसजेट की सेवा की गुणवत्ता पर सवाल उठाए, बल्कि भारतीय विमानन उद्योग में कस्टमर सर्विस और जवाबदेही के मुद्दों को भी उजागर किया।
- पुणे-दिल्ली फ्लाइट में देरी और खराब खाना
16 जून 2025 को पुणे हवाई अड्डे पर स्पाइसजेट की फ्लाइट SG-8124, जो पुणे से दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली थी, सात घंटे से अधिक की देरी का शिकार हुई। लंबे इंतजार से पहले ही परेशान यात्रियों का गुस्सा तब और भड़क गया, जब एयरलाइंस ने उन्हें दोपहर का भोजन परोसा। यात्रियों के अनुसार, परोसा गया खाना बासी और खाने के लायक नहीं था। पैकेट खोलते ही खाने की खराब गुणवत्ता और दुर्गंध ने यात्रियों को आक्रोशित कर दिया। कुछ यात्रियों ने इसे "कुत्तों का खाना" और "जानवरों का खाना" कहकर तंज कसा। गुस्साए यात्रियों ने स्पाइसजेट के ग्राउंड स्टाफ और डिप्टी मैनेजर को घेर लिया और उनसे वही खाना खाने की मांग की, जो उन्हें परोसा गया था। वायरल वीडियो में दिखाई देता है कि यात्री स्टाफ को घेरे हुए हैं और उनसे कह रहे हैं, "पहले तू खा, ये जानवरों वाला खाना है।" एक कर्मचारी को भीड़ के दबाव में एक चम्मच खाना खाते हुए देखा गया, जिसके बाद यात्रियों ने और सवाल उठाए कि क्या यह खाना इंसानों के खाने लायक भी है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर तूफान मचा दिया, और लोग एयरलाइंस की लापरवाही के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने लगे।
- वायरल वीडियो: सोशल मीडिया पर भड़का गुस्सा
यह वीडियो, जो दो सप्ताह से अधिक पुराना बताया जा रहा है, हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर 'वोक एमिनेंट' नामक अकाउंट द्वारा पोस्ट किया गया, जिसके बाद यह तेजी से वायरल हो गया। वीडियो को अब तक पांच लाख से अधिक बार देखा जा चुका है, और इसने ऑनलाइन चर्चाओं की बाढ़ ला दी। वीडियो में यात्रियों की नाराजगी और कर्मचारी की असहज स्थिति स्पष्ट दिखाई देती है। एक यात्री को यह कहते सुना गया, "क्या हम जानवर हैं? ये कुत्तों वाला खाना दिया है, पहले तू खा!" इस घटना ने न केवल यात्रियों की निराशा को उजागर किया, बल्कि एयरलाइंस की कस्टमर सर्विस और खाने की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने यात्रियों की निराशा के प्रति सहानुभूति दिखाई, क्योंकि सात घंटे की देरी और खराब खाना किसी के लिए भी असहनीय हो सकता है। एक यूजर ने लिखा, "एयरलाइंस की लापरवाही के कारण यात्री का गुस्सा स्टाफ पर निकल रहा है।" हालांकि, कई लोगों ने कर्मचारी के धैर्य और पेशेवर रवैये की सराहना की। एक अन्य यूजर ने टिप्पणी की, "स्टाफ इसके लिए जिम्मेदार नहीं है। यात्रियों को कर्मचारी के साथ बदतमीजी करने के बजाय एयरलाइंस के खिलाफ शिकायत दर्ज करनी चाहिए थी।"
- स्पाइसजेट का जवाब: दावों का खंडन
स्पाइसजेट ने इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए यात्रियों के आरोपों का खंडन किया। एयरलाइंस के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, "हम इस वीडियो के संबंध में किए जा रहे दावों का पुरजोर खंडन करते हैं। यात्रियों को परोसा गया भोजन ताजा और उच्च गुणवत्ता का था। यह भोजन एक अधिकृत विक्रेता से लिया गया था, जो न केवल स्पाइसजेट को, बल्कि हवाई अड्डे पर संचालित कई अन्य एयरलाइनों और टर्मिनल के भीतर ग्राहकों को आपूर्ति करता है।" प्रवक्ता ने यह भी कहा कि उनके ग्राउंड स्टाफ ने अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाया और स्थिति को संयम के साथ संभाला। हालांकि, स्पाइसजेट का यह बयान यात्रियों के गुस्से को शांत करने में नाकाम रहा। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने एयरलाइंस के दावों पर सवाल उठाए और मांग की कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो। एक यूजर ने लिखा, "अगर खाना इतना अच्छा था, तो यात्री इतने गुस्से में क्यों थे? एयरलाइंस को अपनी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।"
- एयरलाइंस की लापरवाही
यह पहली बार नहीं है जब स्पाइसजेट या अन्य भारतीय एयरलाइंस को खराब सेवा के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा है। हाल के वर्षों में, उड़ान में देरी, खराब खाने की गुणवत्ता, और अपर्याप्त कस्टमर सर्विस की शिकायतें बार-बार सामने आई हैं। उदाहरण के लिए, हाल ही में एयर इंडिया की एक फ्लाइट में पांच घंटे तक एयर कंडीशनिंग न चलने की वजह से यात्रियों को भारी परेशानी हुई थी।
पुणे हवाई अड्डे की यह घटना भारतीय विमानन उद्योग में जवाबदेही और सेवा की गुणवत्ता के मुद्दों को फिर से उजागर करती है। यात्रियों का मानना है कि एयरलाइंस अक्सर उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेतीं, जिसके कारण ऐसी घटनाएं सामने आती हैं। इस मामले में, यात्रियों ने अपनी निराशा को व्यक्त करने के लिए कर्मचारी को खाना खाने के लिए मजबूर किया, जो उनके गुस्से और हताशा का प्रतीक था। इस वायरल वीडियो ने सोशल मीडिया की ताकत को एक बार फिर साबित किया। X जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इस घटना ने तुरंत ध्यान खींचा और लोगों ने अपनी राय व्यक्त की। हालांकि, इस घटना ने कुछ नैतिक सवाल भी उठाए। क्या यात्रियों का कर्मचारी के साथ ऐसा व्यवहार करना उचित था? कई लोगों का मानना है कि ग्राउंड स्टाफ केवल अपनी ड्यूटी निभा रहा था और खाने की गुणवत्ता के लिए वह जिम्मेदार नहीं था। एक यूजर ने लिखा, "इतनी बदतमीजी के बाद भी स्टाफ ने धैर्य के साथ स्थिति को संभाला।" दूसरी ओर, कुछ लोगों ने यात्रियों का समर्थन करते हुए कहा कि लंबी देरी और खराब खाने की स्थिति में उनका गुस्सा स्वाभाविक था। यह घटना इस बात का भी उदाहरण है कि कैसे सोशल मीडिया छोटी-सी घटना को राष्ट्रीय चर्चा का विषय बना सकता है।
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यह घटना स्पाइसजेट और अन्य भारतीय एयरलाइंस के लिए एक चेतावनी है कि वे अपनी सेवा की गुणवत्ता और कस्टमर सर्विस को बेहतर करें। यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से लेना और समय पर कार्रवाई करना जरूरी है। साथ ही, नागरिक उड्डयन मंत्रालय को ऐसी घटनाओं की जांच के लिए सख्त नियम लागू करने की जरूरत है। स्पाइसजेट ने इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक माफी नहीं मांगी है, लेकिन यात्रियों की मांग है कि एयरलाइंस इस घटना की जिम्मेदारी ले और भविष्य में ऐसी लापरवाही से बचे। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि विमानन कंपनियों को अपने खानपान सेवाओं के लिए बेहतर विक्रेताओं के साथ काम करना चाहिए और नियमित गुणवत्ता जांच सुनिश्चित करनी चाहिए।
पुणे हवाई अड्डे पर हुई इस घटना ने एक बार फिर भारतीय विमानन उद्योग की कमियों को सामने ला दिया। यात्रियों का गुस्सा और वायरल वीडियो इस बात का सबूत हैं कि लोग अब खराब सेवा को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं हैं। यह घटना न केवल स्पाइसजेट के लिए, बल्कि पूरे उद्योग के लिए एक सबक है कि ग्राहक संतुष्टि को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी। सोशल मीडिया ने इस मामले को राष्ट्रीय स्तर पर उजागर किया, लेकिन यह भी जरूरी है कि ऐसी घटनाओं में कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार से बचा जाए। यात्रियों को अपनी शिकायतें उचित मंचों पर दर्ज करानी चाहिए, ताकि सही जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो सके।
Flight Delayed by 7 Hours, Passengers Serve Stale Food Back to Airline Manager pic.twitter.com/jwhppHBkol — Woke Eminent (@WokePandemic) June 15, 2025
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