मेरठ के वायरल क्रिएटर शादाब जकाती विवादित रील के आरोप में गिरफ्तार, जमानत पर रिहा। 

उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर से सोशल मीडिया पर अपनी मजेदार रील्स के लिए मशहूर कंटेंट क्रिएटर शादाब जकाती एक विवादित वीडियो के

Nov 28, 2025 - 11:54
 0  31
मेरठ के वायरल क्रिएटर शादाब जकाती विवादित रील के आरोप में गिरफ्तार, जमानत पर रिहा। 
मेरठ के वायरल क्रिएटर शादाब जकाती विवादित रील के आरोप में गिरफ्तार, जमानत पर रिहा। 

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर से सोशल मीडिया पर अपनी मजेदार रील्स के लिए मशहूर कंटेंट क्रिएटर शादाब जकाती एक विवादित वीडियो के कारण मुश्किल में फंस गए। 27 नवंबर 2025 को इंचौली थाना पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोप था कि उन्होंने एक रील में अपनी नाबालिग बेटी को शामिल कर महिलाओं के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां कीं, जो बच्चों की सुरक्षा और नैतिकता के खिलाफ थी। गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ही कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी। जमानत मिलते ही शादाब ने वीडियो डिलीट कर दिया और सार्वजनिक रूप से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि वीडियो में केवल खूबसूरती की तारीफ की गई थी और किसी का दिल दुखाने का इरादा नहीं था। यह घटना सोशल मीडिया कंटेंट क्रिएटर्स की जिम्मेदारी पर सवाल खड़ी कर रही है।

शादाब जकाती, जिनका पूरा नाम शादाब हसन जकाती है, मेरठ के इंचौली क्षेत्र के रहने वाले हैं। वे इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर सक्रिय हैं, जहां उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। उनकी प्रसिद्धि की शुरुआत एक साधारण लेकिन वायरल रील से हुई। कुछ महीने पहले उन्होंने एक वीडियो बनाया, जिसमें वे एक छोटी दुकान पर बैठे ग्राहक के किरदार में दिखे। वीडियो में वे एक बच्ची से पूछते हैं, "10 रुपये का बिस्कुट कितने का है जी?" यह डायलॉग इतना मजेदार लगा कि रील वायरल हो गई। लाखों व्यूज आने लगे और लोग इसे कॉपी करने लगे। शादाब की एक्टिंग और लोकल फ्लेवर ने उन्हें रातोंरात स्टार बना दिया। वे मेरठ की सड़कों, बाजारों और रोजमर्रा की जिंदगी पर आधारित हल्के-फुल्के कंटेंट बनाते हैं, जो दर्शकों को हंसाने का काम करते हैं। उनके चैनल पर अब तक करोड़ों व्यूज हो चुके हैं। लेकिन इसी प्रसिद्धि ने उन्हें एक गलती का शिकार बना दिया।

विवाद की शुरुआत हाल ही में अपलोड की गई एक रील से हुई। इस वीडियो में शादाब एक दुकानदार के रोल में हैं। एक नाबालिग लड़की दुकान पर सामान लेने आती है। लड़की के जाने के बाद शादाब कैमरे की ओर मुड़ते हुए उसकी मां की खूबसूरती पर टिप्पणी करते हैं। टिप्पणी डबल मीनिंग वाली लगी, जैसे "तुम्हारी बेटी इतनी क्यूट है तो मां तो और भी..."। वीडियो में शादाब की पत्नी भी नजर आती हैं, जो कथित रूप से उस महिला का किरदार निभा रही थीं। शादाब का दावा है कि यह सब फैमिली एक्टिंग थी और बेटी ने खुद हिस्सा लिया। लेकिन दर्शकों ने इसे अश्लील और बच्चों के प्रति असंवेदनशील माना। वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर बवाल मच गया। लोग कमेंट्स में शादाब की आलोचना करने लगे। कुछ ने कहा कि यह बच्चों को गलत संदेश देता है, जबकि अन्य ने नैतिकता पर सवाल उठाए।

शिकायत सबसे पहले मेरठ के सोशल एक्टिविस्ट राहुल ठाकुर ने की। उन्होंने इंचौली थाने में तहरीर दी कि वीडियो में नाबालिग को आपत्तिजनक कंटेंट में शामिल किया गया है। राहुल ने भाजपा नेता रामबाबू मित्तल का भी नाम लिया, जिन्होंने इस मुद्दे को राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) तक पहुंचाया। आयोग ने तुरंत संज्ञान लिया और मेरठ पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस ने जांच शुरू की। थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार त्रिपाठी ने बताया कि शिकायत में वीडियो को अश्लील बताया गया था, जिसमें नाबालिग और महिलाओं के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल हुआ। इसके आधार पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 170 (पूर्व में सीआरपीसी 151) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। यह धारा ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए है जहां सार्वजनिक शांति भंग हो सकती है। पुलिस ने शादाब को उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय उनके परिवार वाले मौजूद थे।

गिरफ्तारी की खबर फैलते ही सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं आईं। शादाब के फैंस ने कहा कि यह अतिशयोक्ति है और वीडियो में कोई गलती नहीं। लेकिन आलोचकों ने इसे बच्चों के शोषण का उदाहरण बताया। एनसीपीसीआर ने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर बच्चों को शामिल करते समय सख्त नियमों का पालन जरूरी है। आयोग के अनुसार, कोई भी कंटेंट जो बच्चों की गरिमा को ठेस पहुंचाए, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मेरठ के स्थानीय लोगों ने भी बहस छेड़ दी। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि शादाब जैसे क्रिएटर्स को लोकल कल्चर का सम्मान करना चाहिए। दूसरी ओर, कुछ ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई की सराहना की। गिरफ्तारी के बाद शादाब को थाने ले जाया गया, जहां से उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट में लंबी बहस हुई। शादाब के वकील ने तर्क दिया कि वीडियो में कोई अपराध नहीं, यह सिर्फ फैमिली एंटरटेनमेंट था। उन्होंने एफिडेविट पेश किया, जिसमें शादाब ने वादा किया कि भविष्य में ऐसी कोई रील नहीं बनाएंगे। जज ने सबूतों और गैर-जमानती अपराध न होने पर जमानत मंजूर कर ली। जमानत राशि 10,000 रुपये और दो जमानतदारों की शर्त पर शादाब शाम तक रिहा हो गए।

जमानत मिलते ही शादाब ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, "वीडियो में मेरी बेटी ने एक्टिंग की थी। मैंने सिर्फ खूबसूरती की तारीफ की है। अगर किसी का दिल दुखा है तो मैं सॉरी बोलता हूं। इसी वजह से वीडियो डिलीट कर दिया है, ताकि लोगों का दिल न दुखे।" शादाब ने आगे कहा कि वे अब साफ-सुथरा कंटेंट बनाएंगे और बच्चों को शामिल नहीं करेंगे। उनके वकील ने भी पुष्टि की कि यह पारिवारिक वीडियो था, लेकिन गलत समझा गया। शादाब ने शिकायतकर्ताओं के लिए भी दुआएं दीं। इस बयान के बाद कुछ फैंस ने उनका समर्थन किया, लेकिन विवाद थमा नहीं। एक्स (पूर्व ट्विटर) पर #ShadabJakati ट्रेंड करने लगा। कई पोस्ट्स में वीडियो के क्लिप्स शेयर हुए, जहां लोग डिबेट कर रहे थे। एक पोस्ट में लिखा था, "रील्स की दुनिया में हंसी के चक्कर में सीमा न लांघें।" स्टेट मिरर हिंदी जैसे अकाउंट्स ने गिरफ्तारी और जमानत की वीडियो क्लिप्स पोस्ट कीं, जो हजारों बार देखी गईं।

यह मामला सोशल मीडिया की दुनिया में क्रिएटर्स के लिए चेतावनी है। भारत में हर दिन लाखों रील्स अपलोड होती हैं, लेकिन नैतिकता और कानून की अनदेखी महंगी पड़ सकती है। एनसीपीसीआर के अनुसार, 2025 में बच्चों से जुड़े 500 से ज्यादा शिकायतें आईं, जिनमें से 20 प्रतिशत सोशल मीडिया से संबंधित थीं। विशेषज्ञ कहते हैं कि क्रिएटर्स को स्क्रिप्ट लिखने से पहले संवेदनशीलता जांचनी चाहिए। शादाब का केस आईपीसी की धारा 292 (अश्लील सामग्री) और पोक्सो एक्ट से भी जुड़ सकता है, अगर जांच गहराई। पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और अगर नए सबूत मिले तो आगे कार्रवाई होगी। शादाब के परिवार ने भी सफाई दी कि वे अब सतर्क रहेंगे। मेरठ के इंचौली इलाके में स्थानीय लोग चर्चा कर रहे हैं। एक दुकानदार ने कहा, "शादाब का टैलेंट अच्छा है, लेकिन जिम्मेदारी भूल गए।"

Also Read- पटना मरीन ड्राइव पर गर्भवती महिला से पुलिस का कथित दुर्व्यवहार: वायरल वीडियो ने मचाया हंगामा।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow