गाजियाबाद में मंदिर से लौट रहे परिवार पर जानलेवा हमला: गर्भवती महिला समेत नौ लोग लहूलुहान।

गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति के माहौल के बीच एक ऐसी भयावह घटना सामने आई है जिसने पूरे शहर को

May 2, 2026 - 11:40
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गाजियाबाद में मंदिर से लौट रहे परिवार पर जानलेवा हमला: गर्भवती महिला समेत नौ लोग लहूलुहान।
गाजियाबाद में मंदिर से लौट रहे परिवार पर जानलेवा हमला: गर्भवती महिला समेत नौ लोग लहूलुहान।
  • पवित्र दर्शन के बाद घर वापसी कर रहे श्रद्धालुओं पर भीड़ का हिंसक प्रहार, धारदार हथियारों और पत्थरों से पूरे परिवार को बनाया निशाना
  • धार्मिक स्थल से लौट रहे निर्दोष नागरिकों के साथ सरेराह दरिंदगी, महिलाओं से अभद्रता और लूटपाट की कोशिश से इलाके में भारी तनाव

गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र में श्रद्धा और भक्ति के माहौल के बीच एक ऐसी भयावह घटना सामने आई है जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। पीड़ित टिंकू सिंह अपने पूरे परिवार के साथ स्थानीय देवी मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद शांतिपूर्वक अपने घर की ओर लौट रहे थे। किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि आस्था का यह सफर चीख-पुकार और खून-खराबे में बदल जाएगा। जैसे ही यह परिवार उमर राशन वाली दुकान के समीप पहुंचा, वहां पहले से घात लगाकर बैठे फारुख, सलाउद्दीन और उनके करीब 15 से 20 अज्ञात साथियों ने अचानक पूरे परिवार को घेर लिया। हमलावरों के हाथों में ईंट-पत्थर और धारदार हथियार थे, जिनसे उन्होंने बिना किसी चेतावनी के परिवार के सदस्यों पर वार करना शुरू कर दिया। हमले की तीव्रता इतनी अधिक थी कि परिवार के सदस्यों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। हमलावरों ने न केवल पुरुषों को निशाना बनाया, बल्कि महिलाओं और बच्चों को भी नहीं बख्शा। इस हिंसक वारदात में कुल नौ लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। सबसे दुखद और विचलित करने वाली बात यह रही कि घायलों में एक गर्भवती महिला भी शामिल है, जिसे पेट और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं। हमलावरों ने गर्भवती महिला की शारीरिक स्थिति की संवेदनशीलता को पूरी तरह नजरअंदाज करते हुए उस पर हमला किया, जिससे न केवल महिला की जान को खतरा पैदा हो गया है, बल्कि गर्भ में पल रहे शिशु की सुरक्षा को लेकर भी डॉक्टरों ने चिंता व्यक्त की है।

इस हमले के दौरान हमलावरों की बर्बरता यहीं नहीं रुकी। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावरों ने परिवार की महिलाओं के साथ घोर अभद्रता की और सरेराह उनके कपड़े तक फाड़ दिए। महिलाओं ने जब खुद को बचाने की कोशिश की, तो उनके साथ मारपीट की गई और उनके गहने छीनने का प्रयास भी हुआ। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने बताया कि चीख-पुकार सुनकर जब आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े, तो हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए वहां से फरार हो गए। सड़क पर बिखरा हुआ खून, फटे हुए कपड़े और टूटी हुई चप्पलें उस खौफनाक मंजर की गवाही दे रही थीं जो कुछ ही मिनटों में वहां घटित हुआ था। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपियों के खिलाफ नामजद और कई अज्ञात लोगों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इलाके में तनाव को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि स्थिति पर नियंत्रण बना रहे। वारदात की सूचना मिलते ही कोतवाली थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए भेजा। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि हमला पूरी तरह सुनियोजित था। टिंकू सिंह के परिवार का आरोप है कि उन्हें रास्ते में घेरकर जातिगत और धार्मिक पहचान को लेकर अपमानित किया गया और फिर उन पर हथियारों से हमला किया गया। घायलों के शरीर पर गहरे जख्म हैं, जो स्पष्ट रूप से किसी नुकीली और भारी वस्तु से किए गए प्रहार प्रतीत होते हैं। इस घटना के बाद स्थानीय निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है और लोग आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग को लेकर लामबंद हो रहे हैं।

घटना के बाद से क्षेत्र के बाजार और गलियों में सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन लोगों के मन में गुस्सा उबल रहा है। पीड़ितों का कहना है कि वे किसी विवाद में शामिल नहीं थे और केवल मंदिर से दर्शन करके लौट रहे थे, तभी उमर राशन की दुकान के पास सुनियोजित तरीके से उन पर हमला हुआ। फारुख और सलाउद्दीन के नेतृत्व में आए इस हुजूम ने जिस तरह से पत्थरबाजी की, उससे आसपास की दुकानों और वाहनों को भी नुकसान पहुंचा है। घायलों में शामिल पुरुषों के सिर और हाथों में गंभीर फ्रैक्चर आए हैं, जबकि गर्भवती महिला की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है और उसे विशेष निगरानी में रखा गया है। कानून व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि क्षेत्र में पुलिस की गश्त प्रभावी होती, तो इतनी बड़ी संख्या में उपद्रवी हथियार लेकर एक जगह इकट्ठा नहीं हो पाते। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस का दावा है कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो भविष्य के लिए एक नजीर बने।

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