लखनऊ पुलिस ने नदवा दारुल उलूम के चार छात्रों को गिरफ्तार किया, शहर में विरोध प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया, विदेशी नागरिकों के अवैध रूप से ठहरने का मामला

यह नागरिक कॉलेज के एक अन्य फिलीपींस के छात्र से मिलने आया था। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि वह छात्र से मिलने के उद्देश्य से आया था और ठहराव अस्थायी था। हा

Dec 14, 2025 - 11:16
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लखनऊ पुलिस ने नदवा दारुल उलूम के चार छात्रों को गिरफ्तार किया, शहर में विरोध प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया, विदेशी नागरिकों के अवैध रूप से ठहरने का मामला
लखनऊ पुलिस ने नदवा दारुल उलूम के चार छात्रों को गिरफ्तार किया, शहर में विरोध प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया, विदेशी नागरिकों के अवैध रूप से ठहरने का मामला

लखनऊ के प्रसिद्ध इस्लामी शिक्षण संस्थान दारुल उलूम नदवतुल उलमा (नदवा कॉलेज) में एक फिलीपींस के नागरिक के हॉस्टल में बिना पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचना दिए ठहरने का मामला सामने आया है। विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) से मिली सूचना पर लखनऊ पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि फिलीपींस का नागरिक मोहम्मद आरून सारिप टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था और 30 नवंबर से 2 दिसंबर 2025 तक कॉलेज के महादुल अली हॉस्टल के कमरा नंबर 307 में ठहरा था। इस दौरान कॉलेज प्रशासन ने न तो स्थानीय पुलिस थाने को सूचना दी और न ही FRRO को। पुलिस ने इस मामले में कॉलेज के प्रिंसिपल मौलाना अब्दुल अजीज नदवी, सब-रजिस्ट्रार हारून राशिद, हॉस्टल वार्डन मोहम्मद कैसर नदवी और मुख्य गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मी के खिलाफ FIR दर्ज की है। FIR में आरोप लगाया गया है कि इन अधिकारियों ने जानबूझकर विदेशी नागरिक के आने और ठहरने की सूचना छिपाई, जो विदेशी नागरिकों के पंजीकरण संबंधी कानूनों का उल्लंघन है। हसनगंज पुलिस थाने में यह मामला दर्ज किया गया है। जांच के दौरान पुलिस ने कॉलेज के रिकॉर्ड्स और हॉस्टल रजिस्टर की जांच की, जिसमें फिलीपींस के नागरिक के ठहरने की पुष्टि हुई।

यह नागरिक कॉलेज के एक अन्य फिलीपींस के छात्र से मिलने आया था। कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि वह छात्र से मिलने के उद्देश्य से आया था और ठहराव अस्थायी था। हालांकि, कानूनी प्रावधानों के अनुसार, किसी भी विदेशी नागरिक के ठहरने की सूचना संबंधित अधिकारियों को देना अनिवार्य है, खासकर जब वह टूरिस्ट वीजा पर हो। FRRO की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गहन जांच की, जिसमें सात दिनों तक विभिन्न पहलुओं की पड़ताल हुई। जांच में सामने आया कि तीन दिनों तक ठहरने के बावजूद कोई औपचारिक सूचना नहीं दी गई। दारुल उलूम नदवतुल उलमा लखनऊ का एक प्रमुख संस्थान है, जहां देश-विदेश से छात्र पढ़ने आते हैं। संस्थान में विदेशी छात्रों की मौजूदगी आम है, लेकिन उनके ठहरने और आने-जाने की सूचना संबंधित विभागों को देना जरूरी होता है। इस मामले में विदेशी नागरिक का ठहरना अवैध रूप से हुआ, क्योंकि आवश्यक पंजीकरण और सूचना की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। पुलिस ने FIR दर्ज करने के बाद आगे की जांच शुरू कर दी है, जिसमें अन्य संबंधित बिंदुओं की भी पड़ताल की जा रही है।

यह घटना 13 दिसंबर 2025 को सामने आई, जब FRRO से इनपुट मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। फिलीपींस का नागरिक मोहम्मद आरून सारिप कॉलेज के हॉस्टल में तीन दिन रहा, लेकिन इस दौरान कोई रिकॉर्ड या सूचना नहीं दी गई। हॉस्टल के कमरा नंबर 307 में उसका ठहरना दर्ज हुआ, लेकिन प्रशासन ने इसे छिपाया। प्रिंसिपल, सब-रजिस्ट्रार, वार्डन और सुरक्षाकर्मी पर आरोप है कि उन्होंने नियमों की अनदेखी की। पुलिस जांच में कॉलेज के हॉस्टल रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की जांच की गई। विदेशी नागरिक का उद्देश्य छात्र से मिलना था, लेकिन कानूनी औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं। यह मामला विदेशी नागरिकों के ठहरने संबंधी नियमों के उल्लंघन से जुड़ा है। FIR में संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।

कॉलेज में विदेशी छात्रों का आना-जाना होता रहता है, लेकिन इस मामले में सूचना न देने की वजह से कानूनी कार्रवाई हुई। फिलीपींस का नागरिक टूरिस्ट वीजा पर था, इसलिए ठहरने की सूचना अनिवार्य थी। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। यह घटना संस्थान के लिए एक नया मामला है, जहां विदेशी नागरिक के ठहरने की सूचना छिपाने का आरोप लगा है। हॉस्टल में तीन दिनों का ठहराव बिना किसी सूचना के हुआ। प्रिंसिपल सहित चार लोगों पर FIR दर्ज होने से जांच का दायरा बढ़ गया है। पुलिस ने FRRO के साथ समन्वय करके मामले की तह तक जाने का प्रयास किया। विदेशी नागरिक का नाम मोहम्मद आरून सारिप है, जो 30 नवंबर से 2 दिसंबर तक हॉस्टल में रहा। कॉलेज प्रशासन ने इसे छात्र से मिलने का मामला बताया, लेकिन सूचना न देने पर कार्रवाई हुई।

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