दिल्ली हाईकोर्ट से उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर को मिली जमानत, सजा पर रोक लगाई, इंडिया गेट पर पीड़िता और परिवार का विरोध प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस ने हटाया। 

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में 2017 में हुए रेप कांड के दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। अदालत ने उनकी

Dec 24, 2025 - 12:19
 0  6
दिल्ली हाईकोर्ट से उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर को मिली जमानत, सजा पर रोक लगाई, इंडिया गेट पर पीड़िता और परिवार का विरोध प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस ने हटाया। 
दिल्ली हाईकोर्ट से उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर को मिली जमानत, सजा पर रोक लगाई, इंडिया गेट पर पीड़िता और परिवार का विरोध प्रदर्शन, दिल्ली पुलिस ने हटाया। 

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में 2017 में हुए रेप कांड के दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। अदालत ने उनकी आजीवन कारावास की सजा को उनके अपील के फैसले तक निलंबित कर दिया है। यह फैसला 23 दिसंबर 2025 को सुनाया गया। कुलदीप सिंह सेंगर पूर्व भाजपा विधायक हैं और उन्हें 2019 में इस मामले में दोषी ठहराया गया था। मामले में नाबालिग पीड़िता से बलात्कार के आरोप थे। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सेंगर की अपील पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। अदालत ने कहा कि सेंगर अपराध के समय सार्वजनिक सेवक नहीं थे, इसलिए कुछ प्रावधान लागू नहीं होते। जमानत की शर्तों में शामिल है कि सेंगर पीड़िता से कम से कम पांच किलोमीटर की दूरी बनाए रखेंगे, हर सप्ताह स्थानीय पुलिस स्टेशन में हाजिरी देंगे और अपील के दौरान कोई अपराध नहीं करेंगे। यदि इन शर्तों का उल्लंघन हुआ तो जमानत रद्द की जा सकती है। अपील की अगली सुनवाई 16 जनवरी 2026 को निर्धारित की गई है।

कुलदीप सिंह सेंगर को हालांकि अभी जेल से रिहा नहीं किया जाएगा क्योंकि वह एक अन्य मामले में सजा काट रहे हैं। यह अन्य मामला पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत से जुड़ा है, जिसमें सेंगर को सात साल की सजा सुनाई गई है। उन्नाव रेप केस में सेंगर को 16 दिसंबर 2019 को दोषी ठहराया गया था और 20 दिसंबर 2019 को आजीवन कारावास की सजा दी गई थी। मामले की सुनवाई दिल्ली की एक अदालत में हुई थी। पीड़िता ने 2017 में आरोप लगाया था कि सेंगर ने नौकरी का लालच देकर उसके साथ बलात्कार किया। मामले में सेंगर के अलावा उनके सहयोगियों को भी दोषी ठहराया गया था। हाईकोर्ट का यह फैसला आने के बाद पीड़िता ने गहरी निराशा व्यक्त की है और कहा है कि वह इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी। फैसले के एक दिन बाद 24 दिसंबर 2025 को दिल्ली के इंडिया गेट के पास विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया। प्रदर्शन में उन्नाव रेप केस की पीड़िता, उनकी मां और महिला अधिकार कार्यकर्ता योगिता भयाना शामिल हुईं। वे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपनी आवाज उठा रही थीं। प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने पीड़िता, उनकी मां और योगिता भयाना को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया। पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और वाहन में बैठाकर ले गई। प्रदर्शनकारी इंडिया गेट के परिसर में बैठकर नारे लगा रहे थे और फैसले पर सवाल उठा रहे थे। पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान कुछ वीडियो और तस्वीरें भी सामने आईं, जिनमें प्रदर्शनकारियों को जबरन हटाते हुए दिखाया गया है।

उन्नाव रेप केस की पृष्ठभूमि 2017 की है, जब पीड़िता ने कुलदीप सिंह सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाया था। मामला तब सुर्खियों में आया जब पीड़िता ने न्याय की मांग में मुख्यमंत्री आवास के बाहर आत्मदाह का प्रयास किया। उसके बाद पीड़िता के पिता की पुलिस हिरासत में मौत हो गई, जिससे मामला और जटिल हो गया। जांच सीबीआई को सौंपी गई और सेंगर को गिरफ्तार किया गया। ट्रायल कोर्ट ने सेंगर को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अब हाईकोर्ट के फैसले ने मामले को नया मोड़ दे दिया है। पीड़िता ने कहा कि वह इस फैसले से बेहद व्यथित हैं और इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देंगी। दिल्ली हाईकोर्ट ने सेंगर की अपील पर विचार करते हुए कहा कि सजा निलंबित करने के लिए पर्याप्त आधार हैं। अदालत ने मामले के तथ्यों और कानूनी प्रावधानों का हवाला दिया। सेंगर की ओर से दलील दी गई कि वह अपराध के समय विधायक थे लेकिन सार्वजनिक सेवक की श्रेणी में नहीं आते। हाईकोर्ट ने इस दलील को स्वीकार किया। जमानत पर रिहाई के लिए सेंगर को एक लाख रुपये का बॉन्ड भरना होगा। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि सेंगर दिल्ली या उन्नाव में प्रवेश नहीं करेंगे और पीड़िता या उसके परिवार से कोई संपर्क नहीं करेंगे।

प्रदर्शन के दौरान इंडिया गेट पर माहौल तनावपूर्ण रहा। पीड़िता और उनकी मां ने फैसले को अन्यायपूर्ण बताया। योगिता भयाना भी उनके साथ थीं और उन्होंने महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल उठाए। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और उन्हें वहां से हटा दिया। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन बिना अनुमति के था। इस घटना के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। पीड़िता की ओर से सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी की जा रही है।कुलदीप सिंह सेंगर उन्नाव से विधायक रह चुके हैं और मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। रेप केस के अलावा सेंगर पर पीड़िता के परिवार को धमकाने और हमला करवाने के भी आरोप थे। सीबीआई जांच में इन आरोपों की पुष्टि हुई। अब हाईकोर्ट का फैसला आने के बाद सेंगर की सजा पर रोक लग गई है, लेकिन वह अन्य मामले की सजा के कारण जेल में रहेंगे। अपील की सुनवाई जारी रहेगी।

Also Read- Lucknow: योगी सरकार के विजन से आत्मनिर्भर बनी संत कबीर नगर की रमा रानी वर्मा- 3.5 लाख का ऋण, सपनों को पंख देने वाली सरकारी सहायता।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow