लुधियाना में दोस्त की हत्या के बाद शव को आरी से 6 टुकड़ों में काटा, ड्रम में भरकर फेंका, पति-पत्नी निकले मुख्य आरोपी, पोस्टमार्टम में इंजेक्शन के संकेत।
पंजाब के लुधियाना में एक क्रूर हत्या का मामला सामने आया है जहां 35 वर्षीय युवक दविंदर कुमार का शव जालंधर बाईपास के पास एक खाली
पंजाब के लुधियाना में एक क्रूर हत्या का मामला सामने आया है जहां 35 वर्षीय युवक दविंदर कुमार का शव जालंधर बाईपास के पास एक खाली प्लॉट में छह टुकड़ों में मिला। शव का सिर एक सफेद प्लास्टिक ड्रम में भरा हुआ था जबकि अन्य हिस्से आसपास बिखरे पाए गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी शमशेर सिंह उर्फ शेरा और उसकी पत्नी कुलदीप कौर को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों ने हत्या के बाद शव को आरी से काटकर टुकड़े किए और ड्रम में भरकर ठिकाने लगाने की कोशिश की। हत्या का मुख्य कारण पुराना पैसों का विवाद माना जा रहा है।
घटना 6 जनवरी को हुई जब दविंदर कुमार मुंबई से लुधियाना लौटे थे। वह मुंबई में प्रिंटिंग और ग्राफिक डिजाइन की दुकान में काम करते थे और नई मशीनें खरीदने के लिए आए थे। दविंदर भारती कॉलोनी के निवासी थे और शादीशुदा थे जिनकी एक सात महीने की बेटी है। घर पहुंचने के 15 मिनट बाद उन्होंने पत्नी को बताया कि वे बाल कटवाने जा रहे हैं लेकिन कभी वापस नहीं लौटे। परिवार ने उन्हें ढूंढना शुरू किया और 8 जनवरी को एक राहगीर ने खाली प्लॉट में ड्रम देखकर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस पहुंची तो ड्रम में सिर मिला और आसपास 500 मीटर के दायरे में अन्य हिस्से बिखरे पाए गए। शव छह टुकड़ों में था जिसमें धड़, गर्दन, हाथ और पैर शामिल थे लेकिन दाहिना हाथ अभी तक लापता है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है और संदेह है कि आवारा कुत्तों ने उसे ले लिया हो सकता है। सीसीटीवी फुटेज में शमशेर और उसकी पत्नी को ड्रम और बोरे लेकर जाते हुए देखा गया जो सबूत के रूप में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
शमशेर सिंह एक कारपेंटर है और दविंदर का पुराना दोस्त था। दोनों भोरा गांव के निवासी थे। जांच में पता चला कि दोनों ने नशीले पदार्थों का सेवन किया था जिसके बाद पुराने पैसों के विवाद पर झगड़ा हो गया। दविंदर ने शमशेर से उधार लिए पैसे नहीं लौटाए थे। गुस्से में शमशेर ने दविंदर को धक्का दिया जिससे वह बेहोश हो गया। शमशेर ने उसे मरा हुआ समझकर घर पर ही आरी से करीब ढाई घंटे में शव को छह टुकड़ों में काट दिया।
कटाई के दौरान शमशेर की पत्नी कुलदीप कौर घर पर नहीं थी लेकिन बाद में उसने अपराध स्थल की सफाई की और खून के निशान मिटाए। दोनों ने टुकड़ों को बोरे में भरकर ड्रम में डाला और जालंधर बाईपास के पास खाली प्लॉट में फेंक दिया। सिर को अलग ड्रम में डालकर पहचान छिपाने की कोशिश की गई। पुलिस ने बताया कि अपराध स्थल पर खून के निशान साफ किए गए थे और बच्चों के खेलने की आवाज के बीच यह सब हुआ।
पोस्टमार्टम तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने किया जिसमें बाएं हाथ में इंजेक्शन लगाने के संकेत मिले। इससे संकेत मिलता है कि हत्या से पहले दविंदर को कोई पदार्थ इंजेक्ट किया गया था जिससे वह बेहोश हो गया। मौत का सटीक कारण विसरा रिपोर्ट के बाद पता चलेगा जो फॉरेंसिक लैबोरेटरी में भेजी गई है। प्रारंभिक जांच में शमशेर ने हत्या कबूल की है और कहा कि नशीले पदार्थों के प्रभाव में वह गुस्से में आ गया था।
पुलिस ने सलेम टाबरी थाने में हत्या, साजिश और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। शमशेर और कुलदीप कौर को गिरफ्तारी के बाद रिमांड पर लिया गया और पूछताछ जारी है। अन्य संभावित सहयोगियों की भी जांच हो रही है। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई क्योंकि यह सप्ताह में दूसरी ऐसी क्रूर हत्या थी जहां शव के टुकड़े मिले थे।
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