गाजियाबाद में कौशांबी पुलिस की नागरिकता जांच: पीठ पर मोबाइल रखकर एसएचओ ने व्यक्ति को बांग्लादेशी बताया, वीडियो वायरल। 

गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र में भोवापुर के पास स्लम एरिया में 23 दिसंबर 2025 को पुलिस ने सत्यापन अभियान चलाया। इस अभियान

Jan 2, 2026 - 12:34
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गाजियाबाद में कौशांबी पुलिस की नागरिकता जांच: पीठ पर मोबाइल रखकर एसएचओ ने व्यक्ति को बांग्लादेशी बताया, वीडियो वायरल। 
गाजियाबाद में कौशांबी पुलिस की नागरिकता जांच: पीठ पर मोबाइल रखकर एसएचओ ने व्यक्ति को बांग्लादेशी बताया, वीडियो वायरल। 

गाजियाबाद के कौशांबी थाना क्षेत्र में भोवापुर के पास स्लम एरिया में 23 दिसंबर 2025 को पुलिस ने सत्यापन अभियान चलाया। इस अभियान में स्थानीय पुलिस के साथ रैपिड एक्शन फोर्स और सीआरपीएफ के जवान भी शामिल थे। अभियान का उद्देश्य झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में रहने वाले संदिग्ध लोगों की पहचान और दस्तावेजों की जांच करना था। इस दौरान कौशांबी थाने के प्रभारी अजय शर्मा एक व्यक्ति की पीठ पर मोबाइल फोन रखकर उसकी नागरिकता जांच करने का दावा करते नजर आए। वीडियो में एसएचओ अजय शर्मा व्यक्ति से पूछते हैं कि वे कहां के हैं। व्यक्ति खुद को बिहार के अररिया जिले का निवासी बताता है और परिवार के साथ पहचान पत्र दिखाता है। इसके बावजूद एसएचओ मोबाइल फोन को व्यक्ति की पीठ पर रखते हैं और कहते हैं कि मशीन बता रही है कि यह व्यक्ति बांग्लादेशी है। वे आगे पूछते हैं कि बांग्लादेश के तो नहीं हो। व्यक्ति और उसका परिवार बार-बार बिहार का होने का दावा करता है। यह घटना भोवापुर स्लम क्लस्टर में हुई, जहां लगभग 50 झुग्गियां हैं। अभियान के दौरान पुलिस ने क्षेत्र में रहने वाले लोगों से पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज मांगे। वीडियो में दिखाया गया है कि एसएचओ मोबाइल को पीठ पर लगाकर स्कैन करने जैसा व्यवहार कर रहे हैं और दावा कर रहे हैं कि यह मशीन नागरिकता बता रही है। व्यक्ति के परिवार ने दस्तावेज दिखाने के बाद भी एसएचओ का यही दावा दोहराया गया।

अभियान ऑपरेशन टॉर्च के तहत चलाया गया था, जिसमें अवैध रूप से रहने वाले विदेशी नागरिकों की पहचान की जा रही थी। इस दौरान झुग्गी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की पूछताछ की गई और दस्तावेजों की सत्यता जांच की गई। वीडियो में एसएचओ का मोबाइल फोन को मशीन बताकर पीठ पर रखना और बांग्लादेशी होने का दावा करना दर्ज है। व्यक्ति ने खुद को भारतीय बताते हुए बिहार का होने की बात कही। घटना के बाद वीडियो एक जनवरी 2026 को वायरल हुआ। वीडियो में एसएचओ अजय शर्मा अन्य पुलिसकर्मियों और आरएएफ जवानों के साथ मौजूद हैं। वे व्यक्ति से बांग्लादेशी होने के बारे में सवाल करते हैं और मोबाइल को पीठ पर रखकर मशीन का परिणाम बताते हैं। परिवार के सदस्य दस्तावेज दिखाते हैं, लेकिन एसएचओ मशीन के आधार पर बांग्लादेशी होने का दावा करते रहते हैं।

पुलिस ने अभियान के दौरान स्लम क्षेत्र में संदिग्ध लोगों की जांच की। इस प्रक्रिया में दस्तावेजों की परीक्षण किया गया। वीडियो में दिख रही कार्रवाई में एसएचओ मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए नागरिकता निर्धारित करने का दावा कर रहे हैं। व्यक्ति बिहार का निवासी होने और भारतीय होने की बात कहता है। अभियान भोवापुर और बिहारी मार्केट इलाके में चलाया गया। वीडियो की क्लिप में एसएचओ कहते हैं कि मशीन लगाओ पीठ पर और फिर दावा करते हैं कि मशीन बांग्लादेशी बता रही है। व्यक्ति और परिवार के सदस्य आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज दिखाते हैं। एसएचओ पूछते हैं कि अगर बांग्लादेशी नहीं हो तो क्षेत्र में बांग्लादेशी कौन है। यह पूरी घटना 23 दिसंबर की है और अभियान के दौरान की गई।

गाजियाबाद पुलिस कमिश्नरेट ने अभियान के संबंध में कहा कि अपराध नियंत्रण के प्रयासों में अस्थायी बस्तियों और स्लम में संदिग्ध लोगों की पूछताछ और सत्यापन समय-समय पर किया जाता है। कौशांबी पुलिस ने इसी क्रम में सत्यापन किया, जिसमें लोगों से दस्तावेज मांगे गए और उनकी सत्यता जांच की गई। यह अभियान झुग्गी क्षेत्र में रहने वाले लोगों की पहचान के लिए था। वीडियो में मोबाइल को मशीन बताकर पीठ पर रखने की कार्रवाई दर्ज है। व्यक्ति बिहार के अररिया का बताता है। एसएचओ का दावा मशीन के आधार पर बांग्लादेशी होने का है। अभियान में आरएएफ और सीआरपीएफ की टीम भी शामिल थी। घटना के समय पुलिस ने क्षेत्र में क्षेत्रीय प्रभुत्व अभ्यास किया। इस दौरान स्लम क्लस्टर में जांच हुई। वीडियो में दिख रही मशीन वास्तव में मोबाइल फोन था। एसएचओ ने इसे पीठ पर रखकर नागरिकता जांच का दावा किया। परिवार ने भारतीय होने के प्रमाण दिखाए।

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