भारत पर एक साथ कई हमले: दिल्ली विस्फोट को बताया साजिश, अब पीएम मोदी ने किया सबसे बड़ा ऐलान।

भारत की राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को रेड फोर्ट के पास हुए विस्फोट ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। इस भयानक घटना में कम से कम 12 लोगों की मौत

Nov 17, 2025 - 13:13
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भारत पर एक साथ कई हमले: दिल्ली विस्फोट को बताया साजिश, अब पीएम मोदी ने किया सबसे बड़ा ऐलान।
भारत पर एक साथ कई हमले: दिल्ली विस्फोट को बताया साजिश, अब पीएम मोदी ने किया सबसे बड़ा ऐलान।

भारत की राजधानी दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को रेड फोर्ट के पास हुए विस्फोट ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। इस भयानक घटना में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक घायल हुए। विस्फोट एक सफेद हुंडई कार से हुआ, जो चांदनी चौक के व्यस्त चौराहे पर रुकी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे एक सुनियोजित साजिश करार देते हुए सबसे बड़ा ऐलान किया कि अब भारत किसी भी आतंकी हमले को 'युद्ध का कृत्य' मानेगा। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उनके समर्थकों को भी सजा मिलेगी। यह बयान मई 2025 में कश्मीर के पहलगाम हमले के बाद की नीति को और सख्त करने वाला है। उसी समय भारत-पाकिस्तान के बीच चार दिनों की सैन्य टकराव हुआ था, जिसके बाद मोदी ने ऐसी चेतावनी दी थी। अब दिल्ली हमले के बाद यह नीति फिर से लागू हो गई है। जांच एजेंसियां एक बड़े आतंकी मॉड्यूल की ओर इशारा कर रही हैं, जिसमें कश्मीर से जुड़े संदिग्ध डॉक्टर शामिल हैं।

विस्फोट शाम करीब 6 बजकर 52 मिनट पर हुआ। रेड फोर्ट क्रॉसिंग पर भारी ट्रैफिक के बीच कार रुकी तो अचानक धमाका हुआ। फुटेज में दिखा कि कार में भारी मात्रा में विस्फोटक भरे थे, जो हवा में उड़ गए। आसपास की गाड़ियां आग की लपटों में घिर गईं। दिल्ली पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शुरुआती जांच में 30-40 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट फ्यूल ऑयल (एएनएफओ) का इस्तेमाल होने का पता चला। विस्फोट इतना तेज था कि 50 फुट नीचे लाल किले मेट्रो स्टेशन में भी झटका महसूस हुआ। स्टेशन पर खड़ी ट्रेनें हिल गईं, लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। मृतकों में महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। घायलों को एलएनजेपी और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भूटान दौरे के दौरान शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, यह घटना पूरे देश को दुखी करने वाली है। दोषी साजिशकर्ता भाग नहीं सकेंगे।

मोदी का सबसे बड़ा ऐलान 12 नवंबर को कैबिनेट बैठक के बाद आया। उन्होंने इसे 'राष्ट्र-विरोधी ताकतों' की साजिश बताया। कैबिनेट ने कहा कि यह एक घिनौनी आतंकी घटना है, जिसके पीछे गैर-राष्ट्रीय शक्तियां हैं। मोदी ने स्पष्ट किया कि अब कोई भी आतंकी हमला भारत के लिए युद्ध के बराबर होगा। दोषियों, उनके सहयोगियों और प्रायोजकों को न्याय के कठघरे में खड़ा किया जाएगा। यह नीति मई के पहलगाम हमले के बाद की है, जब कश्मीर में 26 पर्यटकों की हत्या के बाद भारत ने पाकिस्तान पर हवाई हमले किए थे। चार दिनों की लड़ाई के बाद युद्धविराम हुआ, लेकिन मोदी ने चेतावनी दी थी कि भविष्य में ऐसा कोई हमला युद्ध माना जाएगा। दिल्ली हमले के बाद यह नीति फिर सक्रिय हो गई। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि हर दोषी को ढूंढ निकाला जाएगा। एनआईए ने केस अपने हाथ में ले लिया है।

जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। विस्फोट से पहले 9 नवंबर को फरीदाबाद में छापेमारी हुई, जहां 2900 किलोग्राम विस्फोटक, डेटोनेटर, टाइमर और राइफलें बरामद हुईं। संदिग्ध डॉक्टर उमर नबी, जो अल-फलाह यूनिवर्सिटी में पढ़ाते थे, मुख्य आरोपी हैं। वे पुलवामा के रहने वाले थे और जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े बताए जाते हैं। उनकी मां का डीएनए शव के अवशेषों से मैच कर गया, जो सुसाइड बॉम्बर होने का संकेत देता है। 16 नवंबर को एनआईए ने कश्मीर के अमीर राशिद अली को गिरफ्तार किया, जिसके नाम पर कार रजिस्टर्ड थी। दिल्ली, कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, यूपी और एमपी में छापे मारे गए। सात लोग पकड़े गए, जिनमें दो कश्मीरी डॉक्टर शामिल हैं। एनआईए का कहना है कि यह मॉड्यूल कई शहरों में हमले की योजना बना रहा था, जो 2008 मुंबई हमलों जैसा होना था। लेकिन छापेमारी से घबरा कर जल्दबाजी में दिल्ली पर हमला किया।

यह हमला दिल्ली में एक दशक का सबसे घातक आतंकी घटना है। इससे पहले 2011 में लोढ़ी रोड पर आईईडी विस्फोट हुआ था। दिल्ली पुलिस ने 5000 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले। आरोपी की कार का रूट मैप फरीदाबाद से रेड फोर्ट तक तैयार हो गया। यूनिवर्सिटी पर फोरेंसिक ऑडिट हो रहा है। एनएएसी ने शो कॉज नोटिस जारी किया। मोदी ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि सरकार हर संभव मदद करेगी। दिल्ली सीएम ने शोक व्यक्त किया और सुरक्षा बढ़ाने का आदेश दिया। विपक्ष ने एकजुटता दिखाई, लेकिन कुछ ने खुफिया तंत्र पर सवाल उठाए।

इसी बीच, पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में 11 नवंबर को कोर्ट कॉम्प्लेक्स पर सुसाइड बॉम्बिंग हुई, जिसमें 12 लोग मारे गए। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने भारत पर आरोप लगाया, लेकिन सबूत नहीं दिए। टीटीपी ने जिम्मेदारी ली, लेकिन पाकिस्तान ने इसे खारिज किया। भारत ने पाकिस्तान का आरोप नकारा। विशेषज्ञों का कहना है कि दोनों हमले अलग हैं, लेकिन समय का संयोग तनाव बढ़ा रहा है। मई के युद्ध के बाद दोनों देश सतर्क हैं। मोदी सरकार ने पाकिस्तानी वीजा रद्द कर दिए थे और यात्रा प्रतिबंध लगाए थे। अब दिल्ली हमले के बाद कुछ कदम दोहराए जा सकते हैं।

मोदी का ऐलान क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा सकता है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नीति पाकिस्तान के लिए खतरे की घंटी है। लेकिन भारत ने पाकिस्तान को सीधा जिम्मेदार नहीं ठहराया, शायद युद्ध की उम्मीदों से बचने के लिए। अल जजीरा ने कहा कि मोदी का बयान दोषारोपण को सीमित करता है। एनआईए की जांच जारी है। अगर पाकिस्तानी लिंक मिला तो सैन्य कार्रवाई संभव। फिलहाल, दिल्ली में सुरक्षा चाक-चौबंद है। रेड फोर्ट क्षेत्र सील है।

यह घटना भारत की सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करती है। एनआईए ने कहा कि 'व्हाइट कॉलर टेरर' मॉड्यूल पढ़े-लिखे लोग चला रहे हैं। टेलीग्राम जैसे ऐप्स से रेडिकलाइजेशन हो रहा। सरकार ने साइबर सिक्योरिटी बढ़ाने का फैसला लिया। मोदी ने भूटान से लौटकर कैबिनेट मीटिंग बुलाई। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस रहेगा। परिवारों को मुआवजा और नौकरी का आश्वासन दिया।

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