एकतरफा प्यार की आग- मंगलुरु की आईटी प्रोफेशनल शर्मिला की हत्या, सनकी पड़ोसी ने गला घोंटकर मारा फिर लगाई आग सबूत मिटाने को। 

बेंगलुरु के राममूर्तिनगर इलाके में 3 जनवरी 2026 की रात को एक 34 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर शर्मिला कुशलप्पा की मौत शुरू में आग लगने

Jan 12, 2026 - 11:45
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एकतरफा प्यार की आग- मंगलुरु की आईटी प्रोफेशनल शर्मिला की हत्या, सनकी पड़ोसी ने गला घोंटकर मारा फिर लगाई आग सबूत मिटाने को। 
एकतरफा प्यार की आग- मंगलुरु की आईटी प्रोफेशनल शर्मिला की हत्या, सनकी पड़ोसी ने गला घोंटकर मारा फिर लगाई आग सबूत मिटाने को। 

बेंगलुरु के राममूर्तिनगर इलाके में 3 जनवरी 2026 की रात को एक 34 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर शर्मिला कुशलप्पा की मौत शुरू में आग लगने से हुई दुर्घटना मानी गई थी लेकिन पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ कि उनकी हत्या की गई थी और आग सबूत मिटाने के लिए लगाई गई थी। शर्मिला दक्षिण कन्नड़ जिले के कावूर की मूल निवासी थीं और एक्सेंचर कंपनी में काम करती थीं। वह सुब्रमण्या लेआउट के संकल्प निलय अपार्टमेंट में लगभग डेढ़ साल से एक दो कमरे वाले फ्लैट में अकेली रह रही थीं क्योंकि उनकी रूममेट नवंबर 2024 से असम में अपने घर गई हुई थीं।

घटना की रात करीब 9 बजे आरोपी कर्णल कुरै जो 18 वर्षीय प्री-यूनिवर्सिटी का छात्र है और विराजपेट कोडागु जिले के अरासुनगर का रहने वाला है शर्मिला के फ्लैट में बालकनी की स्लाइडिंग खिड़की से घुसा। वह शर्मिला का पड़ोसी था और उसी इमारत में अपनी मां के साथ रहता था। जांच में पता चला कि आरोपी शर्मिला से एकतरफा आकर्षित था और दो साल से उन्हें जानता था। पड़ोसियों के अनुसार शर्मिला कभी-कभी उससे बात करती थीं लेकिन कोई गहरा रिश्ता नहीं था।

आरोपी ने फ्लैट में घुसते ही शर्मिला से यौन संबंध बनाने की मांग की और उन्हें पीछे से गले लगा लिया। जब शर्मिला ने विरोध किया और खुद को छुड़ाने की कोशिश की तो आरोपी ने उनकी गर्दन पर वार किया जिससे वह बेहोश हो गईं। फिर उसने उनके मुंह और नाक को जोर से दबाकर गला घोंट दिया जिससे उनकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण दम घुटना पाया गया और शरीर पर संघर्ष के निशान जैसे हाथों पर चोटें और मुंह-नाक से खून के धब्बे मिले जो आग से पहले के थे।

हत्या के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए रूममेट के खाली कमरे से कपड़े और अन्य ज्वलनशील सामग्री इकट्ठा की और बेड पर रखकर आग लगा दी। आग फैल गई और पूरा फ्लैट धुंए से भर गया। आरोपी शर्मिला का मोबाइल फोन लेकर उसी खिड़की से भाग गया। फायर ब्रिगेड ने रात करीब 10:30 बजे सूचना मिलने पर दरवाजा तोड़कर आग बुझाई और शर्मिला को रसोई के पास बेहोश पाकर अस्पताल ले गए जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। शुरुआत में मौत को शॉर्ट सर्किट से आग लगने और धुंए से दम घुटने का माना गया।

शर्मिला के एक दोस्त ने पुलिस को बयान दिया जिसमें मौत के हालात पर संदेह जताया गया। इसके आधार पर राममूर्तिनगर पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज किया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। फॉरेंसिक विशेषज्ञों और सीन ऑफ क्राइम जांच में शॉर्ट सर्किट का कोई सबूत नहीं मिला बल्कि आग लगाने के संकेत मिले। डिजिटल सबूतों जैसे सीसीटीवी और मोबाइल लोकेशन से पुलिस आरोपी पर पहुंची। 10 जनवरी 2026 को उसे उसके घर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया जहां उसे तीन दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। आरोपी ने पूछताछ में जुर्म कबूल कर लिया। उसे भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) हत्या, 64(2) बलात्कार का प्रयास, 66 मौत का कारण बनाना और 238 सबूत नष्ट करने के आरोप में बुक किया गया है। जांच में पता चला कि आरोपी ने अपराध की योजना पहले से बनाई थी और आग लगाकर इसे दुर्घटना दिखाने की कोशिश की।

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