जमशेदपुर में पुलिस की वर्दी पहनकर चोरी करने वाले शातिर गिरोह का पर्दाफाश, टेल्को पुलिस ने एक आरोपी को दबोचा।
झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत टेल्को थाना
- खाकी की आड़ में बंद मकानों को बनाते थे निशाना, 15 लाख के जेवरात और नकदी के साथ चोर गिरफ्तार
- जमशेदपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी: सीतारामडेरा और बिष्टुपुर समेत कई इलाकों में हुई बड़ी चोरियों का खुला राज
झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर में अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत टेल्को थाना पुलिस को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने शहर के विभिन्न रिहायशी इलाकों में लंबे समय से सक्रिय और बंद पड़े मकानों को अपना निशाना बनाने वाले एक बेहद शातिर चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस गिरोह के काम करने का तरीका इतना अनोखा और खतरनाक था कि वे आम लोगों के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी चकमा दे रहे थे। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इस गिरोह के एक मुख्य सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी पहचान नामदा बस्ती के रहने वाले शुभम कुमार उर्फ छोटू के रूप में की गई है। इस गिरफ्तारी के बाद से शहर के चोरों और आपराधिक तत्वों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
गिरोह की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत विवरण देते हुए पुलिस अधिकारी ललित मीणा ने बताया कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। गिरफ्तार किए गए आरोपी शुभम कुमार उर्फ छोटू के पास से पुलिस ने सघन तलाशी के दौरान लगभग 15 लाख रुपये मूल्य के सोने और चांदी के भारी मात्रा में जेवरात बरामद किए हैं। इसके साथ ही आरोपी के कब्जे से 58,130 रुपये की नकद राशि भी जब्त की गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि पुलिस को आरोपी के पास से पुलिस फोर्स की आधिकारिक वर्दी, भारी-भरकम ताला काटने वाला आधुनिक कटर और घरों के दरवाजे तोड़ने में इस्तेमाल होने वाले कई अन्य लोहे के औजार भी मिले हैं।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बेहद सनसनीखेज तथ्य सामने आया है कि इस गिरोह के सदस्य रात के अंधेरे में वारदातों को अंजाम देने के लिए पुलिस की वर्दी का सहारा लेते थे। खाकी वर्दी पहनने के पीछे इनका मुख्य मकसद यह था कि यदि रात में गश्त कर रही पीसीआर वैन या स्थानीय लोग इन्हें देख भी लें, तो किसी को कोई शक न हो और वे इन्हें ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी समझकर छोड़ दें। पुलिस की वर्दी पहनकर यह गिरोह शहर के विभिन्न पॉश और मध्यमवर्गीय इलाकों में घूम-घूमकर ऐसे मकानों की पहचान करता था, जहां ताला लटका होता था और परिवार वाले किसी काम से बाहर गए होते थे। रेकी पूरी होने के बाद गिरोह के सदस्य कटर की मदद से चंद मिनटों में ताला काटकर भीतर प्रवेश कर जाते थे। पुलिस के अनुसार इस पूरे गिरोह का एक और बेहद शातिर सदस्य मोहम्मद राजू उर्फ जीवन बनर्जी वर्तमान में फरार चल रहा है। वह शुभम कुमार के साथ मिलकर इन सभी आपराधिक घटनाओं की साजिश रचता था और माल को ठिकाने लगाने में मदद करता था। टेल्को पुलिस ने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए शहर के संभावित ठिकानों और उसके छिपने के स्थानों पर छापेमारी करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है और जल्द ही उसे भी सलाखों के पीछे भेजने का दावा किया जा रहा है।
इस गिरोह के पकड़े जाने से जमशेदपुर के विभिन्न थानों में दर्ज चोरी के कई बड़े मामलों का गुत्थी सुलझ गई है। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने स्वीकार किया है कि वे केवल टेल्को ही नहीं, बल्कि सीतारामडेरा और बिष्टुपुर जैसे व्यस्त और महत्वपूर्ण थाना क्षेत्रों में भी चोरी की कई बड़ी घटनाओं को अंजाम दे चुके हैं। पिछले कुछ महीनों में इन इलाकों में बंद घरों से लाखों रुपये के जेवरात और नकदी गायब होने की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, जिससे स्थानीय पुलिस पर काफी दबाव था। इन सभी मामलों में कटर से ताला काटने का एक ही जैसा पैटर्न देखा गया था, जिससे अब स्पष्ट हो गया है कि इन सभी घटनाओं के पीछे इसी गिरोह का हाथ था।
जमशेदपुर पुलिस इस मामले में अब आगे की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपियों को पुलिस की आधिकारिक वर्दी और सामग्री कहां से उपलब्ध हुई। इसके साथ ही पुलिस उन सर्राफा व्यापारियों और सुनारों की भी पहचान करने की कोशिश कर रही है, जिन्हें यह गिरोह चोरी के सोने-चांदी के जेवरात सस्ते दामों में बेचा करता था। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस गिरोह की गिरफ्तारी से न केवल शहर में चोरी की वारदातों पर लगाम लगेगी, बल्कि रात के समय सुरक्षा व्यवस्था को लेकर आम जनता के बीच खोया हुआ विश्वास भी वापस बहाल होगा।
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