लीग स्टेज के समापन के साथ तय हुईं प्लेऑफ की चार धाकड़ टीमें, चमकीले ताज के लिए अब शुरू होगा असली महासंग्राम।
दुनिया की सबसे लोकप्रिय और भव्य क्रिकेट लीग के मौजूदा सत्र का लीग चरण बेहद रोमांचक और उतार-चढ़ाव भरे मोड़ों के बाद
- बल्लेबाजों और गेंदबाजों के बीच रनों और विकेटों की चरम होड़, ऑरेंज व पर्पल कैप की रेस ने बढ़ाई फैंस की धड़कनें
- शीर्ष चार में जगह बनाने वाली टीमों के महारथी आमने-सामने, नॉकआउट मुकाबलों से पहले व्यक्तिगत पुरस्कारों के लिए छिड़ी अनूठी जंग
दुनिया की सबसे लोकप्रिय और भव्य क्रिकेट लीग के मौजूदा सत्र का लीग चरण बेहद रोमांचक और उतार-चढ़ाव भरे मोड़ों के बाद आखिरकार अपने मुकाम पर पहुंच गया है। कुल सत्तर लीग मुकाबलों की कड़ी तपस्या और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद इस साल प्लेऑफ की चार सर्वश्रेष्ठ टीमों का फैसला हो चुका है, जिन्होंने अंक तालिका में शीर्ष चार स्थानों पर कब्जा जमाया है। इस लीग चरण के समाप्त होने के साथ ही न केवल चमचमाती चमकीली ट्रॉफी को उठाने की जंग तेज हो गई है, बल्कि व्यक्तिगत स्तर पर दिए जाने वाले सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों यानी सर्वाधिक रन बनाने वाले के लिए ऑरेंज कैप और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले के लिए पर्पल कैप की दौड़ भी अपने सबसे दिलचस्प मोड़ पर आ खड़ी हुई है। जैसे-जैसे टूर्नामेंट नॉकआउट चरण की तरफ बढ़ रहा है, वैसे-वैसे खिलाड़ियों के बीच शीर्ष पर पहुंचने की होड़ और भी ज्यादा आक्रामक और रोमांचक होती जा रही है।
इस साल लीग चरण के खत्म होने के बाद अंक तालिका में पहले स्थान पर रहने वाली टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु बनी है, जिसने चौदह मैचों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अठारह अंक अर्जित किए और बेहतर नेट रन रेट के आधार पर शीर्ष स्थान हासिल किया। बेंगलुरु के साथ ही गुजरात टाइटंस और सनराइजर्स हैदराबाद ने भी अपने-अपने चौदह मैचों में नौ-नौ जीत दर्ज कर अठारह-अठारह अंक प्राप्त किए, लेकिन रन रेट के सूक्ष्म अंतर के कारण वे क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहीं। प्लेऑफ की चौथी और अंतिम टीम के रूप में राजस्थान रॉयल्स ने सोलह अंकों के साथ अंतिम चार में अपनी जगह पक्की की है, जिससे पंजाब किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमों का सफर लीग स्टेज में ही समाप्त हो गया। अब इन चार क्वालीफाई करने वाली टीमों के बीच खिताब की जंग के साथ-साथ व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स की दौड़ भी देखने को मिलेगी क्योंकि शीर्ष प्रदर्शन करने वाले कई खिलाड़ी इन्हीं टीमों का हिस्सा हैं।
बल्लेबाजी के मोर्चे पर सबसे ज्यादा रन बनाकर ऑरेंज कैप हासिल करने की जंग में इस बार युवा और अनुभवी खिलाड़ियों के बीच एक बहुत ही कांटे की टक्कर देखने को मिल रही है। गुजरात टाइटंस के प्रतिभाशाली सलामी बल्लेबाज साई सुदर्शन इस समय चौदह मैचों में 638 रनों के साथ इस सूची में सबसे शीर्ष पर विराजमान हैं, जिन्होंने पूरे सीजन में अविश्वसनीय रूप से निरंतरता का प्रदर्शन किया है। हालांकि, उन्हें अपनी ही टीम के कप्तान शुभमन गिल से बेहद कड़ी चुनौती मिल रही है, जो 616 रनों के साथ दूसरे स्थान पर बने हुए हैं और दोनों के बीच महज बाईस रनों का फासला है। सनराइजर्स हैदराबाद के धाकड़ विकेटकीपर बल्लेबाज हेनरिक क्लासेन भी 606 रनों के साथ तीसरे स्थान पर मजबूती से डटे हुए हैं, जिससे यह साफ है कि आने वाले प्लेऑफ मैचों में एक भी अच्छी पारी इस पूरी सूची का पासा पलट कर रख सकती है।
गेंदबाजी के क्षेत्र में अगर पर्पल कैप की बात की जाए, तो विकेट लेने की यह दौड़ इतनी करीब आ चुकी है कि दो दिग्गज गेंदबाज इस समय बिल्कुल बराबरी पर खड़े हैं। बेंगलुरु की तरफ से खेल रहे अनुभवी स्विंग सुल्तान भुवनेश्वर कुमार चौदह मैचों में चौबीस विकेट लेकर फिलहाल तालिका में पहले स्थान पर काबिज हैं, लेकिन गुजरात टाइटंस के तेज गेंदबाज कागिसो रबाडा भी चौबीस विकेटों के साथ उनके ठीक बगल में खड़े हैं। इन दोनों गेंदबाजों के अलावा राजस्थान रॉयल्स के तेज तर्रार गेंदबाज जोफ्रा आर्चर और चेन्नई सुपर किंग्स के अंशुल कम्बोज इक्कीस-इक्कीस विकेट लेकर तीसरे और चौथे स्थान पर बने हुए हैं, लेकिन चूंकि चेन्नई की टीम प्लेऑफ की रेस से बाहर हो चुकी है, इसलिए अंशुल कम्बोज के पास अब आगे विकेट लेने का मौका नहीं होगा। ऐसे में भुवनेश्वर, रबाडा और जोफ्रा आर्चर के बीच की त्रिकोणीय भिड़ंत प्लेऑफ के मैचों के दौरान दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर देगी।
इस साल का सीजन बल्लेबाजों के लिहाज से बेहद ऐतिहासिक रहा है, जिसमें एक से बढ़कर एक धमाकेदार पारियां और रिकॉर्ड तोड़ शतक देखने को मिले हैं। दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान केएल राहुल ने इस सत्र में नाबाद 152 रनों की एक ऐसी ऐतिहासिक पारी खेली जो इस पूरे सीजन का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर होने के साथ-साथ लीग इतिहास में किसी भी भारतीय द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर बन गई है। इसके अतिरिक्त, राजस्थान रॉयल्स के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने महज छतीस गेंदों में इस सीजन का सबसे तेज शतक जड़कर सनराइजर्स हैदराबाद के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ा दी थीं। कुल मिलाकर इस सीजन में अब तक नौ शानदार शतक लग चुके हैं, जिसमें संजू सैमसन ने अकेले दो शतक लगाने का कारनामा किया है, जबकि अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, विराट कोहली और क्विंटन डी कॉक जैसे दिग्गजों ने भी एक-एक बार सौ का आंकड़ा पार किया है।
गेंदबाजी की बात करें तो बल्लेबाजों के इस दबदबे के बीच कुछ गेंदबाजों ने अपनी जादुई गेंदों से मैच का रुख पूरी तरह पलट कर रख दिया। पूरे टूर्नामेंट में लखनऊ सुपर जायंट्स के मोहसिन खान इकलौते ऐसे गेंदबाज रहे जिन्होंने एक मैच में पांच विकेट लेने का कारनामा किया, जब उन्होंने तेईस रन देकर पांच बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई थी। स्पिनरों के दृष्टिकोण से यह सीजन थोड़ा चुनौतीपूर्ण रहा है, क्योंकि लीग के इतिहास में अब तक केवल तीन बार ही कोई स्पिनर पर्पल कैप जीत पाया है, और इस बार भी भुवनेश्वर और रबाडा जैसे तेज गेंदबाजों ने शुरुआती दौर से ही अपना दबदबा बनाए रखा है। कोलकाता नाइट राइडर्स के सुनील नरेन ने जरूर अपनी कसी हुई गेंदबाजी से प्रभावित किया और 6.65 की सबसे किफायती इकॉनमी रेट के साथ पंद्रह विकेट चटकाए, लेकिन उनकी टीम शीर्ष चार में जगह नहीं बना सकी।
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