लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित होकर पलटी तेज रफ्तार स्लीपर बस, 6 यात्रियों की दर्दनाक मौत.
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से होकर गुजरने वाले लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है, जहां
- उन्नाव के बेहता मुजावर क्षेत्र में हुआ दर्दनाक हादसा: चीख-पुकार के बीच बचाए गए घायल, कई की हालत बेहद गंभीर
- देर रात की नींद और रफ्तार का कहर: बिहार से दिल्ली जा रही डबल डेकर बस पलटने से मचा कोहराम, राहत कार्य जारी
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से होकर गुजरने वाले लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर एक बार फिर रफ्तार का कहर देखने को मिला है, जहां एक भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की असमय मौत हो गई है। यह दर्दनाक दुर्घटना बेहता मुजावर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले माइलस्टोन 240 के पास घटित हुई, जब एक अत्यधिक तेज गति से जा रही डबल डेकर स्लीपर बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे के वक्त बस में सवार अधिकांश यात्री गहरी नींद में थे, जिससे उन्हें संभलने का जरा सा भी मौका नहीं मिला। जैसे ही बस पलटी, एक्सप्रेसवे पर चीख-पुकार मच गई और चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। स्थानीय लोगों और वहां से गुजरने वाले अन्य वाहन चालकों ने तुरंत इस भयावह घटना की सूचना स्थानीय पुलिस और एक्सप्रेसवे की सुरक्षा टीम को दी।
घटना की जानकारी मिलते ही बेहता मुजावर थाने की पुलिस टीम, यूपिडा के सुरक्षाकर्मी और जिले के आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गए। पुलिस और बचाव दल ने बिना कोई समय गंवाए स्थानीय ग्रामीणों की मदद से बस के भीतर फंसे घायल और डरे-सहमे यात्रियों को बाहर निकालने का काम शुरू किया। बस की खिड़कियों और शीशों को तोड़कर अंदर फंसे लोगों को बेहद मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सका। इस दर्दनाक हादसे में 6 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जिनके शवों को बस के मलबे से निकालकर सुरक्षित स्थान पर रखा गया। वहीं, हादसे में लगभग 19 यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें आनन-फानन में एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बांगरमऊ के अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया।
शुरुआती जांच और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी के मुताबिक, यह निजी स्लीपर बस बिहार के विभिन्न इलाकों से सवारियों को लेकर देश की राजधानी दिल्ली की ओर जा रही थी। लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर चलते समय बस की रफ्तार बेहद तेज थी, जिसके कारण चालक वाहन पर से अपना नियंत्रण खो बैठा। आशंका जताई जा रही है कि देर रात या तड़के के समय चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई होगी, जो इस बड़े हादसे की मुख्य वजह बनी। एक्सप्रेसवे की चिकनी सड़क और अत्यधिक गति होने के कारण जैसे ही बस का संतुलन बिगड़ा, वह लहराते हुए सड़क के बीचों-बीच पलट गई और घिसटती हुई काफी दूर तक चली गई। इस घिसटन के कारण बस का एक हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया और अंदर बैठे यात्री उसकी चपेट में आ गए।
अस्पताल में भर्ती कराए गए 19 घायलों में से कई यात्रियों की स्थिति अत्यंत नाजुक बनी हुई है, जिसके चलते मृतकों की संख्या में और बढ़ोतरी होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है। प्राथमिक उपचार के बाद जिन घायलों की हालत गंभीर देखी गई, उन्हें बेहतर और उच्च स्तरीय इलाज के लिए जिला अस्पताल और कानपुर के हैलट अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों की विशेष टीमें घायलों के उपचार में जुटी हुई हैं और प्रशासन द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सभी को समय पर उचित चिकित्सा सुविधा मिल सके। मृतकों के शवों की शिनाख्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि उनके परिजनों को इस दुखद घटना की जानकारी दी जा सके और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सके।
इस भीषण दुर्घटना के बाद लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे सड़क पर लंबा जाम लग गया। पुलिस प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्रेन और हाइड्रो मशीनों को मौके पर बुलवाया ताकि दुर्घटनाग्रस्त डबल डेकर बस को बीच सड़क से हटाकर किनारे किया जा सके। काफी प्रयासों के बाद बस को सीधा करके सड़क से हटाया गया और एक्सप्रेसवे पर यातायात को दोबारा सामान्य रूप से सुचारू कराया गया। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर रहकर पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी की और यातायात व्यवस्था को संभालने के लिए अतिरिक्त पुलिस कर्मियों को तैनात किया ताकि अन्य वाहनों को निकलने में कोई असुविधा न हो।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बस के अंदर रखे यात्रियों के सामान, कपड़े और बैग सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए थे। पुलिस प्रशासन द्वारा घायलों के पास मिले पहचान पत्रों, मोबाइल फोन और डायरियों के आधार पर उनके परिवारों से संपर्क साधने की कोशिशें लगातार की जा रही हैं। बिहार के जिन जिलों से यात्री इस बस में सवार हुए थे, वहां के स्थानीय प्रशासनों को भी इस घटना के संबंध में सूचित किया जा रहा है ताकि प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचाई जा सके। अस्पताल के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है और भर्ती मरीजों की पल-पल की निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
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