भारत में जुटेगा दुनिया के चार शक्तिशाली लोकतांत्रिक देशों का महासंगम, क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए नई दिल्ली तैयार।

वैश्विक कूटनीति के पटल पर भारत की बढ़ती भूमिका के बीच देश की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली एक बार फिर बेहद महत्वपूर्ण

May 25, 2026 - 14:15
 0  1
भारत में जुटेगा दुनिया के चार शक्तिशाली लोकतांत्रिक देशों का महासंगम, क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए नई दिल्ली तैयार।
भारत में जुटेगा दुनिया के चार शक्तिशाली लोकतांत्रिक देशों का महासंगम, क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के लिए नई दिल्ली तैयार।
  • हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता के लिए भारत की मेजबानी में बनेगी साझा रणनीति, रणनीतिक मोर्चे पर सहयोग बढ़ाने पर जोर
  • वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग का भारत आगमन, द्विपक्षीय संबंधों और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं पर होगी व्यापक चर्चा

वैश्विक कूटनीति के पटल पर भारत की बढ़ती भूमिका के बीच देश की राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली एक बार फिर बेहद महत्वपूर्ण और हाई-प्रोफाइल अंतरराष्ट्रीय बैठक की मेजबानी करने जा रही है। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के विशेष निमंत्रण पर चतुर्भुज सुरक्षा संवाद यानी 'क्वाड' संगठन के सदस्य देशों के विदेश मंत्रियों की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया जा रहा है। इस उच्च स्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक दौरे पर भारत आ रही हैं। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य और विभिन्न क्षेत्रों में जारी भू-राजनीतिक तनावों के बीच हो रही इस बैठक को रणनीतिक लिहाज से बेहद संवेदनशील और दूरगामी परिणामों वाला माना जा रहा है, जिसमें सुरक्षा से लेकर आर्थिक सहयोग के तमाम महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

नई दिल्ली में आयोजित होने वाली इस मंत्रिस्तरीय वार्ता में भाग लेने के लिए न केवल ऑस्ट्रेलिया, बल्कि दुनिया के दो अन्य प्रमुख देशों के शीर्ष राजनयिक भी भारत की धरती पर अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग के साथ ही जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और अमेरिका के नवनियुक्त विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी इस महामंथन में शामिल होने के लिए भारत पहुंच रहे हैं। चारों देशों के इन शीर्ष कूटनीतिज्ञों की उपस्थिति यह दर्शाती है कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, समृद्धि और नियम-आधारित व्यवस्था को बनाए रखने के लिए यह संगठन कितना गंभीर है। इस बैठक के दौरान चारों देशों के प्रतिनिधि एक मेज पर बैठकर साझा हितों, सुरक्षा चुनौतियों और भविष्य की रणनीतियों का खाका तैयार करेंगे।

क्वाड संगठन की इस विदेश मंत्री स्तरीय बैठक का मुख्य एजेंडा हिंद-प्रशांत क्षेत्र को पूरी तरह से 'मुक्त, खुला और समावेशी' बनाए रखने के विजन को आगे बढ़ाना है। यह बैठक वाशिंगटन डीसी में आयोजित पिछली चर्चाओं और सहमतियों को एक कदम आगे ले जाने का काम करेगी, जिसमें सदस्य देशों ने आपसी रणनीतिक सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया था। बैठक के दौरान चारों देशों के विदेश मंत्री प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में क्वाड सहयोग को आगे बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे, साथ ही वर्तमान में चल रही विभिन्न साझा पहलों की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हाल के दिनों में हुए कूटनीतिक और सामरिक घटनाक्रमों के साथ-साथ आपसी चिंता के अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी इस बैठक में गंभीर मंथन होने की पूरी उम्मीद है।

इस बहुपक्षीय बैठक के समानांतर द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए भी भारत के इस मंच का भरपूर उपयोग किया जाएगा। ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग भारत यात्रा के दौरान अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस. जयशंकर के साथ 17वीं 'भारत-ऑस्ट्रेलिया विदेश मंत्रियों के फ्रेमवर्क संवाद' की सह-अध्यक्षता भी करेंगी। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंध वर्तमान में एक व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर पर पहुंच चुके हैं, जिसके तहत दोनों देश व्यापार, निवेश, रक्षा, समुद्री सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा संक्रमण और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को लगातार गहरा कर रहे हैं। इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापारिक अड़चनों को दूर करने और रणनीतिक तकनीकों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देने पर केंद्रित समझौतों पर आगे बढ़ने की संभावना है।

वैश्विक स्तर पर फैली तमाम तरह की अनिश्चितताओं और बदलते समीकरणों के बीच क्वाड संगठन को चार देशों की एक बेहद ही जीवंत और आवश्यक साझेदारी के रूप में देखा जा रहा है। ये चारों देश मिलकर हिंद-प्रशांत क्षेत्र के शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध भविष्य को आकार देने के लिए एक साथ काम कर रहे हैं। यह मंच केवल कागजी बातचीत तक सीमित न रहकर वास्तविक और व्यावहारिक मोर्चों पर काम कर रहा है, जिसमें समुद्री सुरक्षा को मजबूत करना, महत्वपूर्ण खनिजों की निर्बाध आपूर्ति श्रृंखला सुनिश्चित करना, बुनियादी ढांचे का सतत विकास और प्राकृतिक आपदाओं के समय त्वरित मानवीय सहायता पहुंचाना शामिल है। नई दिल्ली की यह बैठक इन तमाम व्यावहारिक पहलों को और अधिक गति प्रदान करने के लिए एक उत्प्रेरक का कार्य करेगी।

भारत दौरे पर आ रहे इन तीनों देशों के विशिष्ट अतिथियों का कूटनीतिक कार्यक्रम बेहद व्यस्त रहने वाला है और इसके लिए सुरक्षा व प्रोटोकॉल के कड़े इंतजाम किए गए हैं। नई दिल्ली में मुख्य क्वाड बैठक और द्विपक्षीय वार्ताओं के संपन्न होने के बाद, ऑस्ट्रेलिया व जापान के विदेश मंत्रियों के साथ-साथ अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात करने का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान शीर्ष नेताओं के बीच वैश्विक शांति और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा को लेकर भारत की प्रतिबद्धता पर चर्चा होगी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की यह भारत यात्रा उनके पदभार संभालने के बाद पहली आधिकारिक यात्रा है, जिसके तहत वे दिल्ली के अलावा कोलकाता, आगरा और जयपुर जैसे सांस्कृतिक व ऐतिहासिक शहरों का भी भ्रमण कर रहे हैं।

Also Read- पाकिस्तान में बड़ी सुरक्षा चूक: बलूच लिबरेशन आर्मी ने ASF के डिप्टी डायरेक्टर वसीम अहमद को बनाया बंधक।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow