'यूनिवर्स बॉस' क्रिस गेल ने की बड़ी भविष्यवाणी, भारतीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी के मुरीद हुए दिग्गज खिलाड़ी
इस दिल तोड़ने वाले मोड़ के बावजूद, वेस्टइंडीज के महान दिग्गज क्रिस गेल ने सोशल मीडिया पर इस युवा खिलाड़ी के प्रति अपना प्यार और सम्मान जताने में जरा भी देर नहीं की। गेल ने वैभव सूर्यवंशी की पारी का एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए उनके लिए 'कारनेज' शब्द का इस्तेमाल
- टी20 इतिहास के सबसे बड़े शतक के रिकॉर्ड से चूके 15 साल के वैभव सूर्यवंशी, पर तोड़ा गेल का 14 साल पुराना साम्राज्य
- क्रिस गेल ने खोल दिया दिल, राजस्थान रॉयल्स के युवा ओपनर को बताया विश्व क्रिकेट की नई 'सिक्स मशीन'
क्रिकेट के सबसे छोटे और रोमांचक प्रारूप टी20 में जब भी आक्रामक बल्लेबाजी और लंबे-लंबे छक्कों की बात होती है, तो वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज क्रिस गेल का नाम सबसे पहले दिमाग में आता है। सालों तक दुनिया भर के गेंदबाजों के मन में खौफ पैदा करने वाले 'यूनिवर्स बॉस' का एक ऐसा ही ऐतिहासिक रिकॉर्ड अब टूट चुका है। इंडियन प्रीमियर लीग यानी आईपीएल 2026 के एक बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में भारत के केवल 15 साल के युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से ऐसा तहलका मचाया कि स्वयं क्रिस गेल भी उनके सबसे बड़े प्रशंसक बन गए। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ खेले गए नॉकआउट एलिमिनेटर मुकाबले में इस युवा खिलाड़ी ने विपक्षी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए एक नया इतिहास रच दिया, जिसे देखकर पूरा क्रिकेट जगत दांतों तले उंगलियां दबाने को मजबूर हो गया है।
यह पूरा घटनाक्रम आईपीएल 2026 के नॉकआउट चरण के दौरान न्यू चंडीगढ़ के मुल्लानपुर मैदान पर देखने को मिला। राजस्थान रॉयल्स की तरफ से पारी की शुरुआत करने आए बाएं हाथ के युवा ओपनर वैभव सूर्यवंशी ने मैदान पर उतरते ही अपने इरादे साफ कर दिए थे। उन्होंने केवल 29 गेंदों का सामना किया और 334.48 की अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से खेलते हुए 97 रनों की एक ऐसी आतिशी पारी खेली जिसने मैच का रुख पूरी तरह से बदल दिया। इस जादुई पारी के दौरान वैभव ने मैदान के चारों तरफ कुल 12 गगनचुंबी छक्के और 5 चौके जड़े। अपनी इसी पारी के दम पर उन्होंने क्रिस गेल द्वारा साल 2012 के आईपीएल सीजन में बनाए गए एक सीजन में सबसे ज्यादा 59 छक्कों के 14 साल पुराने ऐतिहासिक रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया और अब उनके नाम इस सीजन में कुल 65 छक्के दर्ज हो चुके हैं।
इस मुकाबले में जहां एक तरफ वैभव सूर्यवंशी ने छक्कों का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया, वहीं दूसरी तरफ वे टी20 क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े और सबसे तेज शतक के रिकॉर्ड को तोड़ने से बेहद मामूली अंतर से चूक गए। साल 2013 में क्रिस गेल ने पुणे वारियर्स के खिलाफ खेलते हुए मात्र 30 गेंदों में शतक जड़कर विश्व रिकॉर्ड बनाया था। वैभव सूर्यवंशी इस मैच के 8वें ओवर में 28 गेंदों पर 97 रन बनाकर खेल रहे थे और उन्हें गेल का यह कीर्तिमान तोड़ने के लिए सिर्फ एक बड़े शॉट यानी छक्के की जरूरत थी, जिससे वह 29 गेंदों में अपना शतक पूरा कर लेते। लेकिन दुर्भाग्यवश, प्रफुल्ल हिंगे की गेंद पर एक बड़ा शॉट खेलने के प्रयास में उनका ऊपरी किनारा लगा और गेंद सीधे थर्ड मैन के फील्डर के हाथों में चली गई, जिससे पूरा स्टेडियम सन्नाटे में डूब गया। वैभव सूर्यवंशी जब 97 रन पर आउट होकर पवेलियन लौट रहे थे, तब उनके चेहरे पर रिकॉर्ड चूकने की निराशा साफ दिख रही थी। लेकिन विपक्षी टीम के कप्तान पैट कमिंग्स और साथी खिलाड़ियों ने उनकी इस बेमिसाल पारी के सम्मान में आगे बढ़कर उनकी पीठ थपथपाई। 15 साल के एक बच्चे ने दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाजी आक्रमण को पूरी तरह से बैकफुट पर धकेल दिया था।
इस दिल तोड़ने वाले मोड़ के बावजूद, वेस्टइंडीज के महान दिग्गज क्रिस गेल ने सोशल मीडिया पर इस युवा खिलाड़ी के प्रति अपना प्यार और सम्मान जताने में जरा भी देर नहीं की। गेल ने वैभव सूर्यवंशी की पारी का एक स्क्रीनशॉट साझा करते हुए उनके लिए 'कारनेज' शब्द का इस्तेमाल किया, जिसका सीधा मतलब क्रिकेट में विपक्ष को तहस-नहस करने वाली बल्लेबाजी से होता है। यूनिवर्स बॉस ने अपने संदेश में वैभव को बदकिस्मत बताते हुए लिखा कि वे इस बार भले ही चूक गए, लेकिन वे भविष्य में निश्चित रूप से इस मुकाम तक पहुंचेंगे। इसके साथ ही गेल ने एक अन्य पोस्ट में वैभव की उपलब्धियों की सूची साझा करते हुए उन्हें आधिकारिक रूप से आईपीएल की नई 'सिक्स मशीन' का खिताब दे दिया, जो किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए भगवान के आशीर्वाद से कम नहीं है।
मैच के बाद जब पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान वैभव सूर्यवंशी से इस रिकॉर्ड के इतने करीब आकर चूकने और क्रिस गेल के कीर्तिमान को लेकर सवाल किया गया, तो उनके जवाब ने उनकी परिपक्वता को दर्शाया। इस युवा खिलाड़ी ने बेहद सादगी से कहा कि उन्हें मैदान पर बल्लेबाजी करते समय इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि वे किसी बड़े रिकॉर्ड के करीब पहुंच चुके हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके लिए व्यक्तिगत शतक या कोई भी रिकॉर्ड मायने नहीं रखता है, बल्कि टीम को जीत दिलाना और ट्रॉफी उठाना उनका एकमात्र मुख्य लक्ष्य है। उन्होंने आत्मविश्वास से लबरेज अंदाज में कहा कि शतक तो भविष्य में भी बनते रहेंगे, लेकिन नॉकआउट मैचों में टीम के लिए योगदान देना सबसे ज्यादा जरूरी होता है, जिससे उनकी सोच का पता चलता है।
वैभव सूर्यवंशी के लिए यह पूरा सीजन किसी सुनहरे सपने जैसा रहा है, जहां वे आईपीएल के इतिहास में 600 से अधिक रन बनाने वाले सबसे युवा अनकैप्ड खिलाड़ी बन गए हैं, जिसने ऋषभ पंत के पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। इस मैच में उन्होंने विश्व स्तरीय तेज गेंदबाज और हैदराबाद के कप्तान पैट कमिंग्स के एक ही ओवर में 3 छक्के जड़कर कुल 25 रन बटोरे थे, जिससे उनके निडर स्वभाव की झलक मिलती है। पावरप्ले के पहले 6 ओवरों में उन्होंने राजस्थान रॉयल्स को 80 रनों के स्कोर तक पहुंचा दिया था, जहां उनके सीनियर साथी यशस्वी जायसवाल महज सिंगल-डबल लेकर उन्हें स्ट्राइक दे रहे थे। वैभव की इसी आतिशी पारी के दम पर राजस्थान की टीम ने 243 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया और मैच को 47 रनों से जीतकर शान से क्वालिफायर-2 में अपनी जगह पक्की कर ली।
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