तमिलनाडु के कोयंबटूर में 10 वर्षीय मासूम बच्ची का शव मिलने के बाद सुलुर क्षेत्र में भारी जन-आक्रोश, भाजपा नेता अन्नामलाई का मुख्यमंत्री विजय पर सीधा हमला।

तमिलनाडु का औद्योगिक शहर कोयंबटूर इस समय एक बेहद संवेदनशील और दुखद घटना के कारण गहरे तनाव की स्थिति से

May 23, 2026 - 12:43
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तमिलनाडु के कोयंबटूर में 10 वर्षीय मासूम बच्ची का शव मिलने के बाद सुलुर क्षेत्र में भारी जन-आक्रोश, भाजपा नेता अन्नामलाई का मुख्यमंत्री विजय पर सीधा हमला।
तमिलनाडु के कोयंबटूर में 10 वर्षीय मासूम बच्ची का शव मिलने के बाद सुलुर क्षेत्र में भारी जन-आक्रोश, भाजपा नेता अन्नामलाई का मुख्यमंत्री विजय पर सीधा हमला।
  • परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने तिरुचि रोड पर लगाया आठ घंटे लंबा जाम, दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी तनाव बरकरार
  • विपक्ष ने कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर राज्य सरकार को आड़े हाथों लिया, भाजपा नेता अन्नामलाई का मुख्यमंत्री विजय पर सीधा हमला

तमिलनाडु का औद्योगिक शहर कोयंबटूर इस समय एक बेहद संवेदनशील और दुखद घटना के कारण गहरे तनाव की स्थिति से गुजर रहा है। जिले के सुलुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कन्नामपालयम में एक दस वर्षीय मासूम बच्ची की गुमशुदगी और उसके बाद पानी के टैंक में उसका शव मिलने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली यह बच्ची गुरुवार शाम को अचानक अपने घर के पास खेलते समय गायब हो गई थी, जिसके बाद अगले दिन उसका शव बरामद हुआ। इस क्रूर कृत्य की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोग बेहद उग्र हो गए और उन्होंने कानून व्यवस्था के प्रति अपनी गंभीर नाराजगी प्रकट करते हुए सड़कों का रुख कर लिया। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई का दावा किया है, परंतु जन-आक्रोश को देखते हुए क्षेत्र में भारी सुरक्षा बलों की तैनाती करनी पड़ी है।

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत गुरुवार, 21 मई 2026 की शाम को हुई जब सरकारी स्कूल की एक छात्रा रोज की तरह अपने घर के आसपास खेल रही थी। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह घर नहीं लौटी, तो चिंतित माता-पिता और पड़ोसियों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी जब बच्ची का कहीं कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों ने देर रात सुलुर पुलिस स्टेशन में जाकर आधिकारिक तौर पर गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की, लेकिन शुक्रवार को कन्नामपालयम टैंक के समीप बच्ची का निष्प्राण शरीर तैरता हुआ पाया गया। शव मिलने की खबर जंगल की आग की तरह पूरे क्षेत्र में फैल गई, जिससे स्थानीय नागरिकों का धैर्य जवाब दे गया और वे न्याय की मांग को लेकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ लामबंद हो गए।

इस अमानवीय वारदात के विरोध में शुक्रवार रात करीब नौ बजे पीड़ित बच्ची के पड़ोसियों, परिजनों और सैकड़ों स्थानीय निवासियों ने तिरुचि रोड पर पहुंचकर पूरी तरह चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारी सुलुर पुलिस स्टेशन के ठीक सामने सड़क पर बैठ गए और उन्होंने आरोपियों को तत्काल फांसी देने की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। इस विरोध प्रदर्शन के कारण व्यस्त रहने वाले इस मुख्य मार्ग पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। यह धरना प्रदर्शन लगातार आठ घंटे तक यानी शनिवार सुबह पांच बजे तक चलता रहा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस प्रशासन को अन्य मार्गों से वाहनों को मोड़ना पड़ा। प्रदर्शनकारियों को शांत करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को खुद मौके पर मोर्चा संभालना पड़ा।

घटनाक्रम

तारीख और समय: बच्ची 21 मई की शाम को लापता हुई और 22 मई को उसका शव बरामद हुआ।

घटनास्थल: सुलुर के पास कन्नामपालयम टैंक के भीतर से बच्ची का शव निकाला गया।

मुख्य प्रदर्शन: तिरुचि रोड पर रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक करीब 8 घंटे का लंबा चक्का जाम।

पुलिस बल: कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर लगभग 300 से अधिक जवान तैनात।

गिरफ्तारी: सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो मुख्य संदिग्धों को हिरासत में लिया गया।

तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पश्चिम क्षेत्र की पुलिस महानिरीक्षक आर.वी. रम्या भारती, उप महानिरीक्षक पी. सामीनाथन और नवनियुक्त जिला पुलिस अधीक्षक अल्लातिपल्ली पवन कुमार रेड्डी ने खुद सुलुर पुलिस स्टेशन में डेरा डाला। पुलिस के आला अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को निष्पक्ष और त्वरित जांच का भरोसा दिया, जिसके बाद ही सुबह के समय प्रदर्शनकारी सड़क से हटने के लिए तैयार हुए। पुलिस ने इस मामले की गहनता से पड़ताल करने के लिए पुलिस उपाधीक्षक करिकल पारि शंकर के नेतृत्व में कई विशेष टीमों का गठन किया है। शुरुआती जांच में पुलिस को कुछ महत्वपूर्ण सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिनकी मदद से घटना की कड़ियों को आपस में जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि कहीं हत्या से पहले बच्ची के साथ किसी प्रकार का यौन उत्पीड़न तो नहीं किया गया था।

पुलिस प्रशासन से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस घटना में संलिप्त दो मुख्य आरोपियों को शनिवार तड़के गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए व्यक्तियों की पहचान नागापट्टिनम के रहने वाले तैंतीस वर्षीय कार्तिक और उसके दोस्त मोहनराज के रूप में हुई है, जो फिलहाल पल्लापालयम इलाके में रह रहे थे। शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि दोनों आरोपी पीड़ित परिवार के पूर्व परिचित थे। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पता चला है कि आरोपियों ने गुरुवार शाम को बच्ची को चाकलेट दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर अगवा किया था। इस पहचान के पुख्ता होने के बाद पुलिस टीमों ने विभिन्न ठिकानों पर दबिश देकर दोनों को धर दबोचा, जिनसे फिलहाल गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है।

इस बेहद संवेदनशील मामले ने तमिलनाडु के राजनीतिक गलियारे में भी भारी उबाल ला दिया है और विपक्षी दलों ने इस घटना को राज्य में बिगड़ती कानून-व्यवस्था का जीवंत उदाहरण बताया है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने इस घटना पर गहरा दुख और रोष व्यक्त करते हुए सीधे तौर पर राज्य सरकार को अपनी राजनीति के केंद्र में लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विजय के नेतृत्व वाली सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि राज्य का गृह विभाग और पुलिस तंत्र पूरी तरह पंगु हो चुका है, जिसके कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और राज्य में महिलाएं व बच्चे सुरक्षित नहीं हैं। अन्नामलाई ने मुख्यमंत्री विजय से गृह मंत्री के पद से तुरंत इस्तीफा देने या इस मामले की समयबद्ध न्यायिक जांच सुनिश्चित करने की मांग की है।

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