45 फीट की ऊंचाई से कंक्रीट के फर्श पर गिरा फिरोजाबाद का कुणाल, आंखों के सामने लाडले को दम तोड़ते देख रो पड़ा परिवार

उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्र आगरा से एडवेंचर स्पोर्ट्स और मनोरंजन पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाली

May 25, 2026 - 14:01
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45 फीट की ऊंचाई से कंक्रीट के फर्श पर गिरा फिरोजाबाद का कुणाल, आंखों के सामने लाडले को दम तोड़ते देख रो पड़ा परिवार
45 फीट की ऊंचाई से कंक्रीट के फर्श पर गिरा फिरोजाबाद का कुणाल, आंखों के सामने लाडले को दम तोड़ते देख रो पड़ा परिवार
  • ताजनगरी आगरा में एडवेंचर स्पोर्ट्स के नाम पर बड़ा खिलवाड़, ताजगंज चौपाटी पर जिप लाइन टूटने से किशोर की मौत
  • मनोरंजन पार्क में सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी, पुलिस ने जिप लाइन कराई बंद, ऑपरेटर और मैनेजर हिरासत में

उत्तर प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्र आगरा से एडवेंचर स्पोर्ट्स और मनोरंजन पार्कों में सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाली एक बेहद ही दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। ताजनगरी के ताजगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत नवनिर्मित ताजगंज चौपाटी परिसर में संचालित होने वाली जिप लाइन राइड के दौरान एक भयानक हादसा घटित हुआ। पड़ोसी जिले फिरोजाबाद से अपने परिवार के साथ गर्मियों की छुट्टियों में ताजमहल और आसपास के पर्यटन स्थलों का दीदार करने आए एक सोलह वर्षीय किशोर की करीब 45 फीट की भारी ऊंचाई से नीचे गिरने के कारण असामयिक और दर्दनाक मृत्यु हो गई। इस रूहकँपा देने वाले हादसे के बाद से पूरे चौपाटी परिसर में भगदड़ और चीख-पुकार मच गई, जिससे वहां मौजूद सैकड़ों अन्य पर्यटक भी गहरे सदमे में आ गए।

यह हृदयविदारक घटना उस समय घटित हुई जब फिरोजाबाद के रहने वाले कुणाल अग्रवाल अपने माता-पिता और भाई-बहनों के साथ ताजगंज चौपाटी में घूम रहे थे और वहां मौजूद विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का आनंद ले रहे थे। कुणाल ने वहां पर रोमांच के उद्देश्य से संचालित की जा रही जिप लाइन सफारी का टिकट लिया और राइड करने के लिए मुख्य टावर पर चढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब किशोर को सुरक्षा बेल्ट और पुली के सहारे लोहे के मुख्य तार (केबल) से बांधकर आगे की तरफ रवाना किया गया, तो वह हवा में करीब आधी दूरी तक पहुंच चुका था। इसी दौरान अचानक एक तेज तकनीकी खराबी आई और मुख्य केबल पर दौड़ने वाली पुली का सुरक्षा लॉक अचानक से खुल गया, जिससे किशोर का संतुलन पूरी तरह बिगड़ गया।

सुरक्षा लॉक के खुलते ही कुणाल हवा में केवल एक पतली रस्सी के सहारे लटक गया, लेकिन अत्यधिक गति और शरीर के वजन के कारण वह रस्सी भी झटके को बर्दाश्त नहीं कर सकी और टूट गई। इसके परिणामस्वरूप, किशोर 45 फीट की ऊंचाई से सीधे नीचे बने पक्के कंक्रीट के फर्श पर बेहद तेज गति के साथ आ गिरा। जमीन पर गिरते ही उसके सिर, छाती और रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोटें आईं और वह खून से लथपथ होकर अचेत हो गया। सबसे ज्यादा विचलित करने वाली बात यह रही कि यह संपूर्ण भयावह मंजर कुणाल के माता-पिता और भाई-बहनों की आंखों के ठीक सामने घटित हुआ, जो नीचे खड़े होकर अपने लाडले की राइड का वीडियो बना रहे थे और उसकी खुशी में शामिल हो रहे थे।

बेटे को खून से लथपथ तड़पता देख बदहवास परिजन और वहां मौजूद अन्य लोग तुरंत उसकी तरफ दौड़े और उसे उठाकर एम्बुलेंस की मदद से नजदीकी निजी अस्पताल ले गए। अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में तैनात डॉक्टरों ने कुणाल की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत वेंटिलेटर पर ले लिया और सीपीआर देने सहित जीवन रक्षक दवाएं शुरू कीं, लेकिन आंतरिक रक्तस्राव अत्यधिक हो जाने के कारण कुछ ही समय बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किशोर की मौत की खबर सुनते ही अस्पताल परिसर में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और पूरा परिवार अपनी इस अपूरणीय क्षति पर गहरे विलाप में डूब गया।

इस खौफनाक हादसे की सूचना मिलते ही आगरा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और ताजगंज थाने की भारी पुलिस फोर्स तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए सबसे पहले ताजगंज चौपाटी के उस हिस्से को पूरी तरह से खाली कराया और जिप लाइन के संपूर्ण संचालन को आगामी आदेश तक के लिए पूरी तरह सील कर दिया। पुलिस की शुरुआती तफ्तीश के दौरान ही यह बात सामने आई है कि मनोरंजन पार्क के भीतर इस खतरनाक एडवेंचर राइड को संचालित करने के लिए आवश्यक एनओसी और सुरक्षा प्रमाण पत्रों की भारी अनदेखी की जा रही थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जिप लाइन के मुख्य ऑपरेटर और वहां के मैनेजर को हिरासत में ले लिया है, जिनसे थाने में कड़ाई से पूछताछ की जा रही है।

इस घटना के बाद से स्थानीय जनता और प्रशासनिक हलकों में एडवेंचर स्पोर्ट्स के नाम पर निजी ऑपरेटरों द्वारा की जा रही पैसों की उगाही और मानव जीवन के साथ किए जा रहे खिलवाड़ को लेकर व्यापक आक्रोश देखा जा रहा है। मनोरंजन पार्कों में इस प्रकार की राइड्स के लिए प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में बच्चे और युवा आते हैं, लेकिन सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता, तारों की मजबूती और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्थाओं की नियमित जांच के लिए कोई पुख्ता तंत्र मौजूद नहीं है। पीड़ित पिता की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित ऑपरेटरों और चौपाटी प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही के कारण मौत की गंभीर धाराओं के तहत आपराधिक मुकदमा दर्ज कर लिया है और फोरेंसिक विशेषज्ञों की मदद से उपकरणों की तकनीकी जांच कराई जा रही है।

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