बाराबंकी के हैदरगढ़ में देर रात भीषण सड़क दुर्घटना: सुल्तानपुर-लखनऊ राजमार्ग पर ट्रेलर से टकराई तेज रफ्तार इनोवा कार, चार श्रद्धालुओं की मौत।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद के अंतर्गत आने वाले हैदरगढ़ थाना क्षेत्र में मंगलवार की देर रात एक बेहद दर्दनाक और हृदय
- कैंची धाम बाबा नीब करोरी के दर्शन के लिए जा रहे थे सभी यात्री: अचानक हुए दर्दनाक हादसे में तीन लोग गंभीर रूप से घायल, मची चीख-पुकार
- मध्य रात्रि के सन्नाटे में रफ्तार का खौफनाक कहर: क्षतिग्रस्त कार के मलबे से कड़ी मशक्कत के बाद निकाले गए शव, ट्रामा सेंटर रेफर
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद के अंतर्गत आने वाले हैदरगढ़ थाना क्षेत्र में मंगलवार की देर रात एक बेहद दर्दनाक और हृदय विदारक सड़क हादसा घटित हुआ है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। सुल्तानपुर से लखनऊ की ओर जाने वाले मुख्य राजमार्ग पर मध्य रात्रि के समय लगभग ढाई बजे एक तेज रफ्तार इनोवा कार आगे चल रहे एक भारी-भरकम ट्रेलर वाहन से पीछे से बेहद जोरदार तरीके से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण और विनाशकारी थी कि इनोवा कार का अगला हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होकर मलबे में तब्दील हो गया और वाहन के परखच्चे उड़ गए। इस भयावह दुर्घटना के समय कार में कुल सात लोग सवार थे, जिनमें से चार लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि तीन अन्य यात्री अत्यंत गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। राजमार्ग पर सन्नाटे के बीच हुए इस जोरदार धमाके और चीख-पुकार को सुनकर आसपास के लोग और वहां से गुजरने वाले अन्य वाहन चालक तुरंत मदद के लिए दौड़े।
इस दुखद घटना के संबंध में स्थानीय पुलिस प्रशासन से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, कार में सवार सभी यात्री मूल रूप से सुल्तानपुर और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले थे, जो उत्तराखंड के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल कैंची धाम में बाबा नीब करोरी के दर्शन और पूजा-अर्चना करने के लिए अपनी आध्यात्मिक यात्रा पर निकले थे। उनकी यात्रा अभी शुरू ही हुई थी और वे बाराबंकी की सीमा में दाखिल हुए थे कि हैदरगढ़ क्षेत्र में काल बनकर दौड़ रहे एक भारी वाहन ने उनकी खुशियों और आस्था के सफर को हमेशा के लिए एक भयानक त्रासदी में बदल दिया। हादसे के वक्त कार की गति अत्यधिक तेज होने की आशंका जताई जा रही है, जिसके कारण जब आगे चल रहे ट्रेलर ने अचानक अपनी गति धीमी की या ब्रेक लगाया, तो कार चालक को वाहन पर नियंत्रण पाने का न्यूनतम समय भी नहीं मिल सका और कार सीधे ट्रेलर के निचले हिस्से में जा घुसी।
दुर्घटना की सूचना मिलते ही हैदरगढ़ थाने की पुलिस टीम और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के सुरक्षाकर्मी राहत बचाव उपकरणों के साथ तत्काल मौके पर पहुंच गए। रात के घने अंधेरे के बीच पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों ने संयुक्त रूप से एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। कार के दरवाजे और बॉडी का हिस्सा बुरी तरह पिचक जाने के कारण अंदर फंसे घायलों और शवों को बाहर निकालना पुलिस कर्मियों के लिए एक बेहद कठिन चुनौती साबित हो रहा था। पुलिस ने बिना कोई समय गंवाए गैस कटर और अन्य भारी क्रेन मशीनों को मौके पर बुलवाया, जिसके बाद कार की चादरों को काटकर अंदर फंसे डरे-सहमे और लहूलुहान यात्रियों को एक-एक कर बाहर निकाला जा सका। इस बेहद मशक्कत भरे अभियान के दौरान पुलिस ने चार यात्रियों को मृत अवस्था में बाहर निकाला, जिनकी सांसें मौके पर ही थम चुकी थीं।
इस मार्ग दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए तीन अन्य यात्रियों को पुलिस ने तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने के बाद बेहतर इलाज के लिए तुरंत लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। डॉक्टरों की विशेष टीमें इन घायलों के जीवन को बचाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं, क्योंकि उनके सिर और छाती में गंभीर आंतरिक चोटें आई हैं। मृतकों के शवों को जिला अस्पताल के मलबे से निकालकर पुलिस ने पंचनामा भरने की विधिक प्रक्रिया शुरू कर दी है और उनके पास से मिले पहचान पत्रों व मोबाइल फोनों के आधार पर सुल्तानपुर में रहने वाले उनके परिजनों को इस हृदय विदारक घटना की आधिकारिक सूचना दे दी गई है। इस मनहूस खबर के मिलते ही श्रद्धालुओं के घरों में कोहराम मच गया है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि दुर्घटनाग्रस्त कार का इंजन टूटकर केबिन के अंदर तक घुस गया था और यात्रियों का धार्मिक सामान, पूजा की सामग्री और बैग सड़क पर दूर-दूर तक बिखर गए थे। इस भीषण टक्कर के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग के एक हिस्से पर वाहनों का आवागमन आंशिक रूप से बाधित हो गया, जिससे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। हैदरगढ़ पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त इनोवा कार और ट्रेलर को बीच सड़क से हटाकर किनारे सुरक्षित स्थान पर खड़ा करवाया, जिसके बाद राजमार्ग पर यातायात को दोबारा सुचारू रूप से संचालित कराया जा सका। पुलिस के आला अधिकारियों ने स्वयं अस्पताल और घटनास्थल का दौरा कर स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए रखी है।
स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग की टीमें इस दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की मदद ले रही हैं। राजमार्ग पर लगे कैमरों के फुटेज और ट्रेलर के चालक की गतिविधियों की भी पड़ोस के थानों के सहयोग से पड़ताल की जा रही है, क्योंकि हादसे के बाद ट्रेलर चालक अपने वाहन सहित मौके से भागने में सफल रहा था। पुलिस ने अज्ञात ट्रेलर चालक के खिलाफ तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के आरोपों के तहत भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत और गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। इसके साथ ही, रात के समय भारी वाहनों द्वारा अचानक ब्रेक लगाने या बिना रिफ्लेक्टर के चलने वाले वाहनों के खिलाफ एक विशेष चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
What's Your Reaction?







