मानेसर में नवविवाहित मधु की निर्मम हत्या, लिव-इन पार्टनर के कमरे के बाथरूम में बंद मिला सड़ा-गला शव।
हरियाणा के गुरुग्राम जिले के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक क्षेत्र आईएमटी मानेसर से दिल को दहला देने वाली एक वारदात सामने
- दहेज और लालच के चक्कर में उजाड़ी हंसती-खेलती जिंदगी, शादी के महज तीन महीने बाद पति ने रची खौफनाक साजिश
- पहले से शादीशुदा और दो बच्चों का पिता निकला हत्यारा पति, पहली शादी छिपाकर धोखे से रचाया था दूसरा विवाह
हरियाणा के गुरुग्राम जिले के अंतर्गत आने वाले औद्योगिक क्षेत्र आईएमटी मानेसर से दिल को दहला देने वाली एक वारदात सामने आई है। यहाँ महज तीन महीने पहले ब्याही गई एक बाईस वर्षीय युवती मधु की उसके ही पति ने अपनी लिव-इन पार्टनर के साथ मिलकर बड़ी ही बेरहमी से हत्या कर दी। इस खौफनाक हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब कसण खोह मार्ग पर स्थित एक निजी इमारत के कमरे से भयंकर बदबू आने लगी। पड़ोसियों ने इसकी सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दी। जब ताला तोड़कर कमरे की तलाशी ली गई, तो अंदर बने बाथरूम में युवती का सड़ा-गला शव बरामद हुआ। शव की हालत देखकर साफ पता चल रहा था कि हत्या कई दिन पहले की गई थी और साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को बाथरूम में बंद कर दिया गया था। प्राथमिक जांच के दौरान मृतका के सिर पर गोली मारे जाने के निशान मिले हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वारदात को अंजाम देने के लिए अवैध हथियार का इस्तेमाल किया गया था। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत और तनाव का माहौल बना हुआ है।
इस पूरे मामले की संजीदगी को देखते हुए जब गहराई से पड़ताल शुरू हुई, तो मृतका के मायके पक्ष ने बेहद हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। युवती मूल रूप से रेवाड़ी जिले के हंसाका गांव की रहने वाली थी और उसकी शादी इसी साल उन्नीस फरवरी को मानेसर निवासी अंकित भगत नामक युवक के साथ हुई थी। मृतका की माँ, जो एक दिहाड़ी मजदूर हैं, उन्होंने बताया कि शादी के समय उन्हें युवक के पिछले जीवन के बारे में कोई भनक नहीं थी। अब यह बात सामने आ रही है कि आरोपी पति ने पहले ही किसी अन्य महिला से प्रेम विवाह कर रखा था और उस शादी से उसके दो बच्चे भी हैं। उसने अपने इस पहले विवाह और बच्चों की बात को पूरी तरह छिपाकर रखा था। मायके पक्ष का स्पष्ट आरोप है कि आरोपी ने केवल धन-दौलत, दहेज और लालच के चक्कर में आकर यह दूसरी शादी रचाई थी। जब उसकी पहली पत्नी को इस दूसरी शादी के बारे में पता चला, तो घर में भारी कलह शुरू हो गई। इसी कलह और अपने झूठ के बेनकाब होने के डर से आरोपी ने अपनी इस नई नवेली पत्नी को रास्ते से हटाने का मन बना लिया।
वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी पति ने एक बेहद सोची-समझी साजिश तैयार की थी। वह मानेसर बस स्टैंड के पास पिछले लगभग दो साल से एक कमरा किराए पर लेकर रह रहा था, जहाँ उसकी एक प्रेमिका भी उसके साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रहती थी। इक्कीस मई को अचानक आरोपी ने अपनी पत्नी मधु को बहला-फुसलाकर अपनी स्कूटी पर बैठाया और उसे अपने उसी किराए के कमरे पर ले गया। वहाँ आरोपी और उसकी प्रेमिका ने मिलकर इस खौफनाक कृत्य को अंजाम दिया। उन्होंने युवती के सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद दोनों ने मिलकर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई, लेकिन पकड़े जाने के डर से उन्होंने शव को वहीं बाथरूम के अंदर बंद कर दिया और कमरे के मुख्य दरवाजे पर ताला लटकाकर मौके से फरार हो गए।
अपनी इस घिनौनी करतूत को छिपाने के लिए आरोपी पति ने शुरू में एक झूठी कहानी भी गढ़ी थी। इक्कीस मई की शाम को जब युवती अचानक अपने घर से लापता हो गई, तो आरोपी के परिजनों ने लड़की के मायके वालों को फोन कर यह गुमराह करने की कोशिश की कि उनकी बेटी घर में रखे सारे सोने-चांदी के जेवरात और कीमती सामान लेकर किसी के साथ भाग गई है। इस बात को सुनकर लड़की के परिजन स्तब्ध रह गए और उन्हें तुरंत किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। वे बिना समय गंवाए उसी रात मानेसर पहुँचे। जब उन्होंने दामाद और उसके परिवार से कड़ाई से पूछताछ करने का प्रयास किया, तो आरोपी अंकित कोई भी संतोषजनक उत्तर देने के बजाय चुपके से घर छोड़कर रफूचक्कर हो गया। आरोपी के इस तरह अचानक भाग जाने से मायके वालों का शक यकीन में बदल गया कि दाल में कुछ काला है।
स्थानीय प्रशासन ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्परता दिखाई है। शुरुआत में परिजनों की शिकायत पर केवल गुमशुदगी और अपहरण की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन जैसे ही कमरे से शव बरामद हुआ, वैसे ही मामले में हत्या और साक्ष्य छुपाने की संगीन धाराएं जोड़ दी गई हैं। घटनास्थल का निरीक्षण करने के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की विशेष टीम को बुलाया गया, जिसने कमरे और बाथरूम से उंगलियों के निशान, खून के नमूने और अन्य महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य एकत्र किए हैं। शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया गया, जहाँ डॉक्टरों के एक विशेष बोर्ड द्वारा शव का पोस्टमॉर्टम संपन्न किया गया। शुरुआती चिकित्सकीय राय के अनुसार, मृतका के सिर के दोनों तरफ गहरे जख्म हैं, जो इस बात की पुष्टि करते हैं कि गोली बेहद नजदीक से मारी गई थी।
इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से आरोपी पति और उसकी लिव-इन पार्टनर दोनों ही कानून की गिरफ्त से दूर हैं। स्थानीय प्रशासन की ओर से उनकी धरपकड़ के लिए कई विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो उनके संभावित ठिकानों, रिश्तेदारों के घरों और आसपास के जिलों में लगातार छापेमारी कर रही हैं। आरोपी मानेसर में एक हुक्के की दुकान चलाता था, इसलिए उसके व्यावसायिक संपर्कों और मित्रों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि उसके ठिकाने का कोई सुराग मिल सके। इस बीच, आरोपी के गांव के कुछ गणमान्य लोग भी स्थिति को संभालने और पीड़ित परिवार को सांत्वना देने के लिए आगे आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें आरोपी की इस काली करतूत के बारे में पहले से कोई अंदाजा नहीं था और वे कानून के अनुसार सख्त से सख्त सजा का समर्थन करते हैं।
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