बॉक्स ऑफिस पर जारी है सुपरस्टार मोहनलाल का जादू, नए सिनेमाई दौर में भी पुरानी चमक के साथ दहाड़ रही है फिल्म
मलयालम सिनेमा के दिग्गज और देश के सबसे प्रभावशाली अभिनेताओं में शुमार सुपरस्टार मोहनलाल की हालिया रिलीज फिल्म
- नई रिलीज फिल्मों की भीड़ के बीच अडिग खड़ी रही मलयालम सिनेमा की यह बड़ी ब्लॉकबस्टर, सातवें दिन भी की ताबड़तोड़ कमाई
- शानदार कंटेंट और बेमिसाल अभिनय के दम पर दर्शकों को खींचने में कामयाब रही कहानी, कार्यदिवसों में भी सिनेमाघरों में उमड़ी भारी भीड़
मलयालम सिनेमा के दिग्गज और देश के सबसे प्रभावशाली अभिनेताओं में शुमार सुपरस्टार मोहनलाल की हालिया रिलीज फिल्म बॉक्स ऑफिस पर नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। सिनेमाघरों में इस समय कई नई और बहुप्रतीक्षित फिल्में मौजूद हैं, लेकिन मोहनलाल की इस फिल्म के सामने बाकी सभी का आकर्षण फीका पड़ता दिखाई दे रहा है। रिलीज के पहले दिन से ही दर्शकों को अपनी ओर आकर्षित करने वाली इस फिल्म ने अपने प्रदर्शन के पहले हफ्ते को बेहद मजबूती के साथ पूरा किया है। खास बात यह है कि वीकेंड के बाद आने वाले कार्यदिवसों में, जब अक्सर फिल्मों की कमाई में भारी गिरावट देखी जाती है, तब भी इस फिल्म ने अपनी पकड़ ढीली नहीं होने दी। सातवें दिन के जो शुरुआती आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे इस बात की गवाही देते हैं कि फिल्म ने टिकट खिड़की पर करारे नोट छापे हैं और इसका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन उम्मीदों से कहीं बेहतर रहा है।
इस फिल्म की सफलता का सबसे बड़ा कारण इसकी कहानी का अनूठापन और मोहनलाल का स्क्रीन प्रेजेंस माना जा रहा है। फिल्म में दर्शकों को एक ऐसा ताना-बाना देखने को मिल रहा है जो भावुकता, थ्रिल और पारिवारिक ड्रामे का एक बेहतरीन मिश्रण है। हाल के दिनों में रिलीज हुई कई बड़ी व्यावसायिक फिल्में जहाँ बॉक्स ऑफिस पर संघर्ष करती नजर आ रही हैं, वहीं इस फिल्म ने दर्शकों की नब्ज को सही तरीके से पकड़ा है। सिनेमाघरों के मालिकों की मानें तो सुबह के शोज से लेकर नाइट शोज तक में दर्शकों की उपस्थिति सत्तर प्रतिशत से अधिक दर्ज की जा रही है, जो किसी भी क्षेत्रीय फिल्म के लिए एक बहुत बड़ा मील का पत्थर है। यह फिल्म न केवल केरल के घरेलू बाजार में शानदार प्रदर्शन कर रही है, बल्कि प्रवासी भारतीय दर्शकों के बीच भी इसकी लोकप्रियता का ग्राफ तेजी से ऊपर की ओर भागा है।
बॉक्स ऑफिस के आंकड़ों का विश्लेषण करने पर यह साफ हो जाता है कि फिल्म ने अपने पहले सात दिनों के भीतर एक बेहद सम्मानजनक और विशाल कुल कलेक्शन खड़ा कर लिया है। रिलीज के शुरुआती तीन दिनों में यानी पहले वीकेंड पर फिल्म ने जो रफ्तार पकड़ी थी, वह सोमवार से लेकर गुरुवार तक के वर्किंग डेज में भी कायम रही। सातवें दिन फिल्म ने भारतीय बाजार के साथ-साथ विदेशी बाजारों से भी मोटी रकम बटोरी है, जिससे इसका कुल वैश्विक कलेक्शन अब एक बड़े आंकड़े की तरफ बढ़ चला है। वितरकों और सिनेमा व्यवसाय से जुड़े लोगों के बीच इस बात को लेकर बेहद सकारात्मक माहौल है कि फिल्म आने वाले दूसरे वीकेंड में भी अपनी इस मजबूत स्थिति को बरकरार रखेगी, क्योंकि फिलहाल इसके सामने कोई बड़ी चुनौती नजर नहीं आ रही है। वर्किंग डेज में टिकटों की कीमतों में कटौती के बावजूद फिल्म के शोज लगातार हाउसफुल जा रहे हैं, जो इसके मजबूत कंटेंट की शक्ति को दर्शाता है।
इस फिल्म का मुकाबला सीधे तौर पर उन नई फिल्मों से था जो बड़े बजट और भारी प्रचार-प्रसार के साथ पिछले शुक्रवार को सिनेमाघरों में उतारी गई थीं। आम तौर पर नई फिल्मों के आने से पुरानी फिल्मों के स्क्रीन काउंट और दर्शकों की संख्या में बड़ी कमी आती है, लेकिन मोहनलाल के स्टारडम और फिल्म के दमदार कथानक ने इस पारंपरिक नियम को पूरी तरह से उलट दिया। कई शहरों में स्थिति यह रही कि नई रिलीज फिल्मों की खराब परफॉर्मेंस को देखते हुए मल्टीप्लेक्स ऑपरेटरों ने उनके शोज को कम करके मोहनलाल की फिल्म के शोज की संख्या में इजाफा कर दिया। इस रणनीति ने फिल्म की कमाई की रफ्तार को सातवें दिन और अधिक गति देने का काम किया, जिससे यह फिल्म इस हफ्ते की सबसे बड़ी कमाई करने वाली फिल्म बनकर उभरी है।
इस शानदार सफलता के पीछे फिल्म के तकनीकी पक्ष और सह-कलाकारों के योगदान को भी कम करके नहीं आंका जा सकता। निर्देशन की कमान संभालने वाले निर्देशक ने कहानी को इस तरह से पर्दे पर उतारा है कि दर्शक ढाई घंटे तक अपनी सीटों से बंधे रहने को मजबूर हो जाते हैं। फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर और संगीत भी इसकी गति को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। फिल्म में मोहनलाल के साथ काम करने वाले अन्य अभिनेताओं ने भी अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है, जिससे पूरी फिल्म एक संतुलित और मनोरंजक पैकेज बन गई है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच चल रही सकारात्मक चर्चाओं ने इसके लिए एक मजबूत जमीन तैयार की, जिसका सीधा फायदा फिल्म को इसके पहले हफ्ते के अंतिम दिन भी मिला।
सिनेमा उद्योग के भीतर इस फिल्म की कामयाबी को एक बेहद शुभ संकेत के रूप में देखा जा रहा है। वर्तमान दौर में जहाँ ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के उभार के कारण दर्शकों को सिनेमाघरों तक लाना बेहद चुनौतीपूर्ण काम हो गया है, वहाँ इस तरह का प्रदर्शन यह साबित करता है कि यदि कंटेंट में दम हो और मुख्य अभिनेता की साख मजबूत हो, तो लोग आज भी थिएटर्स का रुख करना पसंद करते हैं। इस फिल्म ने यह भी दिखा दिया है कि मलयालम सिनेमा केवल अपनी संजीदा और समानांतर कहानियों के लिए ही नहीं, बल्कि बड़े पैमाने पर व्यावसायिक और मनोरंजक फिल्में बनाने में भी पूरी तरह से सक्षम है। फिल्म की इस कामयाबी से फिल्म उद्योग से जुड़े तमाम हितधारकों का मनोबल काफी ऊंचा हुआ है।
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