व्हाट्सएप ने लॉन्च किया स्कैम अलर्ट फीचर: स्क्रीन शेयरिंग फ्रॉड से बचाव, जानें कैसे काम करेगा। 

मेटा ने व्हाट्सएप और मैसेंजर ऐप के लिए नई सुरक्षा सुविधाओं की घोषणा की है, जो उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन स्कैम्स से बचाने के लिए डिजाइन की गई हैं। यह अपडेट विशेष

Oct 23, 2025 - 13:37
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व्हाट्सएप ने लॉन्च किया स्कैम अलर्ट फीचर: स्क्रीन शेयरिंग फ्रॉड से बचाव, जानें कैसे काम करेगा। 
व्हाट्सएप ने लॉन्च किया स्कैम अलर्ट फीचर: स्क्रीन शेयरिंग फ्रॉड से बचाव, जानें कैसे काम करेगा। 

मेटा ने व्हाट्सएप और मैसेंजर ऐप के लिए नई सुरक्षा सुविधाओं की घोषणा की है, जो उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन स्कैम्स से बचाने के लिए डिजाइन की गई हैं। यह अपडेट विशेष रूप से वृद्ध उपयोगकर्ताओं पर केंद्रित है, जो स्कैमर्स के प्रमुख निशाने होते हैं। व्हाट्सएप में नया स्कैम अलर्ट फीचर वीडियो कॉल के दौरान स्क्रीन शेयरिंग को लेकर चेतावनी देगा। अगर कोई उपयोगकर्ता किसी अज्ञात संपर्क के साथ स्क्रीन शेयर करने की कोशिश करेगा, तो ऐप एक पॉप-अप वार्निंग दिखाएगा। यह फीचर स्कैमर्स को बैंक डिटेल्स, ओटीपी या अन्य संवेदनशील जानकारी चुराने से रोकेगा। इसी तरह, मैसेंजर में एआई आधारित स्कैम डिटेक्शन टूल मैसेज को स्कैन करेगा और संदिग्ध संदेशों पर अलर्ट करेगा। ये अपडेट 21 अक्टूबर 2025 को साइबर सिक्योरिटी अवेयरनेस मंथ के दौरान लॉन्च किए गए हैं। मेटा के अनुसार, पहले छमाही 2025 में ही 80 लाख से ज्यादा स्कैम अकाउंट्स बंद किए गए हैं। यह कदम डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए उठाया गया है, जहां अमेरिका में ही 60 वर्ष से ऊपर के लोगों को 4.8 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। भारत जैसे देशों में भी स्क्रीन शेयरिंग स्कैम्स आम हो चुके हैं, जहां स्कैमर्स फर्जी कस्टमर केयर बनकर लोगों को धोखा देते हैं।

स्क्रीन शेयरिंग स्कैम कैसे काम करता है, यह समझना जरूरी है। स्कैमर्स अक्सर फर्जी कॉल करके कहते हैं कि आपका अकाउंट हैक हो गया है या कोई समस्या है। वे उपयोगकर्ता को वीडियो कॉल पर बुलाते हैं और स्क्रीन शेयर करने को कहते हैं। एक बार शेयरिंग शुरू हो जाए, तो स्कैमर उपयोगकर्ता की स्क्रीन देख सकता है। अगर उपयोगकर्ता बैंक ऐप खोलता है या ओटीपी टाइप करता है, तो सब कुछ कैद हो जाता है। मेटा की रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसे स्कैम्स में स्कैमर्स फर्जी कस्टमर सपोर्ट पेज बनाकर लोगों को प्राइवेट मैसेज में लुभाते हैं। वे फेसबुक पर कमेंट्स का जवाब देकर लोगों को फॉर्म भरने या वेबसाइट पर भेजते हैं। व्हाट्सएप का नया फीचर इसी को रोकने के लिए है। जब उपयोगकर्ता वीडियो कॉल में स्क्रीन शेयर बटन दबाएगा, तो ऐप चेक करेगा कि संपर्क कॉन्टैक्ट लिस्ट में है या नहीं। अगर नहीं, तो एक बड़ा अलर्ट पॉप-अप आएगा: क्या आप वाकई स्क्रीन शेयर करना चाहते हैं? यह जोखिम भरा हो सकता है। उपयोगकर्ता को कन्फर्म करना पड़ेगा। यह फीचर ग्रेजुअल रोलआउट पर है, यानी सभी यूजर्स को धीरे-धीरे मिलेगा। मेटा ने कहा कि यह फीचर टेक सपोर्ट जैसे वैध उपयोगों को प्रभावित नहीं करेगा, लेकिन जागरूकता बढ़ाएगा।

मैसेंजर के लिए एआई डिटेक्शन टूल टेस्टिंग स्टेज में है। यह नए या संदिग्ध संपर्कों से आने वाले मैसेज को स्कैन करेगा। अगर मैसेज में आपातकालीन मनी रिक्वेस्ट, बैंक या डिलीवरी सर्विस का नाम या अन्य स्कैम पैटर्न दिखेंगे, तो अलर्ट दिखेगा। उपयोगकर्ता को विकल्प मिलेगा: अलर्ट को डिसमिस करें, सेंडर को ब्लॉक करें या रिपोर्ट करें। अगर उपयोगकर्ता चाहे, तो हाल के मैसेज एआई को रिव्यू के लिए भेज सकता है। एआई सामान्य स्कैम्स के बारे में जानकारी देगा और एक्शन सुझाएगा। मेटा ने कहा कि यह टूल पैटर्न रिकग्निशन पर काम करता है, जैसे फर्जी जॉब ऑफर या अनसॉलिसिटेड मैसेज। टेस्टिंग के दौरान यह फीचर यूजर्स को चैट रिव्यू का ऑप्शन देगा। मेटा की सेफ्टी टीम ने ग्राफिका रिसर्चर्स के साथ मिलकर ट्रेंड्स स्टडी किए। वे फेक होम रेनोवेशन, डेब्ट रिलीफ या मनी रिकवरी सर्विसेज के बारे में चेतावनी दे रहे हैं। ये स्कैम्स फेसबुक और गूगल ऐड्स से फैलते हैं।

मेटा ने अन्य प्लेटफॉर्म्स पर भी सुरक्षा बढ़ाई है। फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सिक्योरिटी चेकअप टूल सेटिंग्स रिव्यू करने में मदद करता है। व्हाट्सएप का प्राइवेसी चेकअप ग्रुप इनवाइट्स और अन्य कंट्रोल्स को मैनेज करता है। मेटा अब पासकीज को प्रमोट कर रहा है, जो बायोमेट्रिक लॉगिन जैसे फिंगरप्रिंट या फेस आईडी पर काम करता है। इससे पासवर्ड की जरूरत कम हो जाती है। कंपनी ने नेशनल एल्डर फ्रॉड कोऑर्डिनेशन सेंटर (एनईएफसीसी) जॉइन किया है। यह नॉन-प्रॉफिट ऑर्गनाइजेशन लॉ एनफोर्समेंट और कंपनियों जैसे एएआरपी, अमेजन, कैपिटल वन, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट और वॉलमार्ट को एकजुट करता है। मेटा ने टेक अगेंस्ट स्कैम्स कोलिशन में भी हिस्सा लिया, जहां फेसबुक ग्रुप्स को स्कैम्स से साफ किया गया। ग्लोबली, मेटा ने थाईलैंड में सीनियर्स को डिजिटल लिटरेसी ट्रेनिंग दी। यूरोप और भारत में लोकल क्रिएटर्स के साथ अवेयरनेस कैंपेन चलाए। भारत में स्कैम सेंटर्स म्यांमार, लाओस, कंबोडिया, यूएई और फिलीपींस से चलते हैं। मेटा ने 21,000 से ज्यादा फेक कस्टमर सपोर्ट पेजेस हटाए।

ये अपडेट्स डिजिटल फ्रॉड के बढ़ते खतरे को देखते हुए जरूरी हैं। एफबीआई की 2024 रिपोर्ट के अनुसार, 60 वर्ष से ऊपर के अमेरिकन्स को 4.8 अरब डॉलर का नुकसान हुआ। भारत में भी साइबर क्राइम बढ़ रहे हैं। स्कैमर्स अक्सर वृद्धों को टारगेट करते हैं, क्योंकि वे टेक्नोलॉजी से कम परिचित होते हैं। मेटा ने कहा कि पहले से ही शिपिंग स्कैम्स, इंस्टेंट पेमेंट्स और रोमांस स्कैम्स पर वार्निंग्स दी जाती हैं। व्हाट्सएप सेफ्टी सेंटर में टिप्स उपलब्ध हैं। लेकिन ये नए फीचर्स प्रोएक्टिव हैं, जो स्कैम से पहले अलर्ट करते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यूजर्स को हमेशा सतर्क रहना चाहिए। अनजान कॉल्स पर स्क्रीन शेयर न करें। बैंक डिटेल्स कभी न शेयर करें। मेटा ने यूजर्स से अपील की कि सेटिंग्स चेक करें और सेफ्टी टूल्स यूज करें।

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