13 फरवरी 2026 को भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के भाव: वैश्विक तेल बाजार के प्रभाव और घरेलू रुझान
भारत की अर्थव्यवस्था में ईंधन की कीमतें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जो न केवल दैनिक जीवन को प्रभावित
भारत की अर्थव्यवस्था में ईंधन की कीमतें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जो न केवल दैनिक जीवन को प्रभावित करती हैं बल्कि मुद्रास्फीति, परिवहन और उद्योगों पर भी असर डालती हैं। 13 फरवरी 2026 को, वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता के बावजूद, भारतीय बाजार में पेट्रोल और डीजल के भाव में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया। ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 82 डॉलर प्रति बैरल पर स्थिर रही, जबकि WTI क्रूड 77 डॉलर के आसपास कारोबार कर रहा था। यह स्थिरता मुख्य रूप से मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनावों की कमी और अमेरिकी उत्पादन में वृद्धि के कारण थी। हालांकि, ओपेक+ के उत्पादन कटौती के फैसले ने कीमतों को नीचे गिरने से रोका। भारत में, ईंधन की कीमतें दैनिक आधार पर संशोधित होती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार, रुपए-डॉलर विनिमय दर, राज्य करों और डीलर कमीशन पर निर्भर करती हैं। आज की कीमतें पिछले दिन की तुलना में ज्यादातर स्थिर रहीं, लेकिन कुछ शहरों में मामूली बदलाव दर्ज किए गए।
उदाहरण के लिए, दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.72 से 94.77 रुपये प्रति लीटर के बीच विभिन्न स्रोतों में भिन्नता दिखी, लेकिन औसतन 94.75 रुपये मानकर लिया गया है। इसी तरह, डीजल की कीमतों में भी मामूली अंतर देखा गया। वैश्विक स्तर पर, 2026 में तेल की मांग में 1.2 मिलियन बैरल प्रति दिन की वृद्धि की उम्मीद है, मुख्य रूप से चीन और भारत की अर्थव्यवस्थाओं से। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता से पेट्रोल-डीजल की मांग पर दबाव पड़ सकता है। भारत सरकार की नीतियां, जैसे बायोफ्यूल मिश्रण और इथेनॉल ब्लेंडिंग, ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने में मदद कर रही हैं।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक क्या हैं? सबसे पहले, अंतरराष्ट्रीय कच्चा तेल बाजार। जब ब्रेंट या WTI की कीमतें बढ़ती हैं, तो भारत में आयातित तेल महंगा हो जाता है। दूसरा, रुपए की वैल्यू। अगर रुपया कमजोर होता है, तो डॉलर में भुगतान महंगा पड़ता है। तीसरा, केंद्र और राज्य कर। वैट और एक्साइज ड्यूटी कीमतों का बड़ा हिस्सा हैं। चौथा, परिवहन और डीलर मार्जिन। 13 फरवरी 2026 को, रुपया 83.50 प्रति डॉलर पर स्थिर था, जिसने कीमतों को सपोर्ट किया। घरेलू स्तर पर, सर्दियों के अंत में डीजल की मांग में कमी आई, जबकि पेट्रोल की मांग स्थिर रही।
अब हम विभिन्न शहरों और राज्यों के भाव पर नजर डालते हैं। कीमतें प्रति लीटर रुपये में हैं और स्थानीय करों से प्रभावित होती हैं। हमने गुडरिटर्न्स को प्राथमिक स्रोत माना है, और बैंकबाजार, एनडीटीवी आदि से सत्यापित किया है। जहां डेटा उपलब्ध नहीं था, निकटतम शहरों या राज्य औसत का उपयोग किया गया है। उदाहरण के लिए, शाहजहांपुर और बाराबंकी के लिए लखनऊ के भाव लिए गए हैं।
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जगह/राज्य |
पेट्रोल (प्रति लीटर) |
डीजल (प्रति लीटर) |
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दिल्ली |
Rs.94.75 |
Rs.87.67 |
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नोएडा |
Rs.94.74 |
Rs.88.10 |
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लखनऊ |
Rs.94.69 |
Rs.87.80 |
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कानपुर |
Rs.94.69 (लखनऊ आधारित) |
Rs.87.49 |
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बरेली |
Rs.94.69 (लखनऊ आधारित) |
Rs.87.90 |
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शाहजहांपुर |
Rs.94.69 (लखनऊ आधारित) |
Rs.87.90 (बरेली आधारित) |
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बाराबंकी |
Rs.94.69 (लखनऊ आधारित) |
Rs.87.80 (लखनऊ आधारित) |
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मुरादाबाद |
Rs.94.69 (लखनऊ आधारित) |
Rs.87.90 (बरेली आधारित) |
|
आगरा |
Rs.94.69 (लखनऊ आधारित) |
Rs.87.56 |
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हरदोई |
Rs.94.69 (लखनऊ आधारित) |
Rs.87.80 (लखनऊ आधारित) |
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कोलकाता |
Rs.103.94 (राज्य औसत) |
Rs.91.81 |
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पुणे |
Rs.103.94 (राज्य औसत) |
Rs.90.34 |
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मुंबई |
Rs.104.21 |
Rs.90.01 |
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असम (गुवाहाटी) |
Rs.98.19 |
Rs.89.42 |
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चेन्नई |
Rs.100.95 |
Rs.92.38 |
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तमिलनाडु (चेन्नई आधारित) |
Rs.100.95 |
Rs.92.38 |
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मध्य प्रदेश (भोपाल) |
Rs.106.40 |
Rs.91.88 |
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राजस्थान (जयपुर) |
Rs.104.72 |
Rs.90.21 |
ये कीमतें 13 फरवरी 2026 सुबह 11:00 IST के आसपास की हैं। पिछले दिन की तुलना में, अधिकांश शहरों में कोई बदलाव नहीं देखा गया, लेकिन नोएडा में डीजल में मामूली वृद्धि और चेन्नई में पेट्रोल में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। दिल्ली में, पेट्रोल और डीजल की कीमतें सबसे कम हैं क्योंकि यहां कोई वैट नहीं है या कम है। नोएडा और लखनऊ जैसे उत्तर प्रदेश के शहरों में कीमतें लगभग समान हैं, जो राज्य वैट पर निर्भर करती हैं। कानपुर और बरेली जैसे औद्योगिक शहरों में, डीजल की मांग ज्यादा है क्योंकि यहां ट्रांसपोर्ट और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूत है। शाहजहांपुर और बाराबंकी जैसे छोटे शहरों में, कीमतें लखनऊ से प्रभावित होती हैं, और यहां लोकल डीलर्स थोड़ा मार्जिन जोड़ते हैं। मुरादाबाद, जो ब्रास एक्सपोर्ट हब है, में डीजल की कीमतें बरेली जैसी। आगरा में ताजमहल टूरिज्म से पेट्रोल मांग बढ़ी, लेकिन भाव स्थिर। हरदोई में सामान्य कीमतें लागू।
पूर्व में कोलकाता में, वैट ज्यादा होने से कीमतें ऊंची हैं। पुणे और मुंबई जैसे महाराष्ट्र के शहरों में, आईटी और ऑटो सेक्टर से ईंधन मांग ज्यादा है। असम में गुवाहाटी प्रतिनिधि है, जहां चाय बागानों और पूर्वोत्तर कनेक्टिविटी से डीजल महत्वपूर्ण। दक्षिण में चेन्नई और तमिलनाडु में, उच्च वैट से कीमतें ज्यादा, और यहां पोर्ट एक्टिविटी से डीजल यूज अधिक। मध्य प्रदेश के भोपाल में, माइनिंग और एग्रीकल्चर से डीजल डिमांड। राजस्थान के जयपुर में, टूरिज्म और इंडस्ट्री से मिश्रित मांग।
2026 में ईंधन कीमतें 2025 की तुलना में 5-7% ऊपर हैं, लेकिन हालिया स्थिरता से उपभोक्ता राहत में। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर ओपेक उत्पादन बढ़ाता है, तो कीमतें कम हो सकती हैं। अन्यथा, 100-110 रुपये रेंज में रहेंगी। डीजल में, अगर ट्रांसपोर्ट सेक्टर रिकवर करता है, तो मांग बढ़ेगी। भविष्य में, ईवी और हाइड्रोजन फ्यूल से ईंधन बाजार बदल सकता है।
उपभोक्ता सलाह: अगर आप ईंधन बचाना चाहते हैं, तो ईको-ड्राइविंग अपनाएं, नियमित वाहन मेंटेनेंस करें। सरकारी ऐप्स जैसे मायओआईएल से कीमतें चेक करें। भारत में ईंधन आयात पर निर्भरता कम करने के लिए रिन्यूएबल एनर्जी पर फोकस है। इतिहास: 2017 से दैनिक संशोधन शुरू हुआ। 2022 में यूक्रेन युद्ध से कीमतें चरम पर। 2026 की अर्थव्यवस्था: जीडीपी 6% ग्रोथ, लेकिन मुद्रास्फीति 4%। वैश्विक स्तर पर, तेल ईटीएफ में निवेश बढ़ा। शहर-विशिष्ट: दिल्ली में ट्रैफिक से पेट्रोल यूज। नोएडा में कॉर्पोरेट कम्यूट। लखनऊ में सरकारी वाहन। कानपुर में इंडस्ट्री। बरेली में एग्री। मुरादाबाद एक्सपोर्ट। आगरा टूरिस्ट। कोलकाता मेट्रो। पुणे आईटी। मुंबई लोकल। चेन्नई आईटी-ऑटो। भोपाल सेंट्रल। जयपुर हेरिटेज।
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