13 फरवरी 2026 को भारत के प्रमुख शहरों में सोने, चांदी और प्लैटिनम के भाव: एक विस्तृत विश्लेषण।
भारत में सोना हमेशा से ही सांस्कृतिक, आर्थिक और निवेश के रूप में महत्वपूर्ण रहा है। प्राचीन काल से लेकर आधुनिक
भारत में सोना हमेशा से ही सांस्कृतिक, आर्थिक और निवेश के रूप में महत्वपूर्ण रहा है। प्राचीन काल से लेकर आधुनिक समय तक, सोना न केवल त्योहारों और शादियों का हिस्सा है, बल्कि यह मुद्रास्फीति के खिलाफ एक सुरक्षित निवेश भी माना जाता है। 13 फरवरी 2026 को, वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव के बीच, भारतीय शहरों में सोने के भाव में मामूली गिरावट देखी गई। यह गिरावट मुख्य रूप से अमेरिकी अर्थव्यवस्था के मजबूत आंकड़ों, जैसे मजबूत रोजगार डेटा और डॉलर की मजबूती के कारण हुई। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों में कमी आई, जिससे सोने की कीमतों पर दबाव पड़ा। हालांकि, सिल्वर और प्लैटिनम में भी कुछ उतार-चढ़ाव देखा गया, लेकिन कुल मिलाकर बाजार में बार्गेन हंटिंग (सस्ते दाम पर खरीदारी) की वजह से रिकवरी के संकेत मिले।
इस रिपोर्ट में, हम विभिन्न शहरों और राज्यों में सोने के 18 कैरेट, 22 कैरेट और 24 कैरेट के भाव, साथ ही चांदी और प्लैटिनम की कीमतों का विस्तृत विश्लेषण करेंगे। वैश्विक स्तर पर, स्पॉट गोल्ड की कीमत लगभग 4966.83 डॉलर प्रति औंस पर थी, जबकि सिल्वर 76.76 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी। प्लैटिनम की कीमत 2033.15 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची। भारत में, एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स में 0.7% की बढ़त देखी गई, लेकिन रिटेल बाजार में कीमतें स्थिर रहीं।
सोने की कीमतों को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक क्या हैं? सबसे पहले, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं। 2026 में, रूस-यूक्रेन संघर्ष की निरंतरता, मध्य पूर्व में तनाव और चीन की आर्थिक मंदी ने सोने को सेफ हेवन एसेट बनाया है। दूसरा, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स की मजबूती। जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना महंगा हो जाता है, जिससे मांग कम होती है। तीसरा, भारतीय रुपए की वैल्यू। रुपया अगर कमजोर होता है, तो आयातित सोने की कीमत बढ़ जाती है। चौथा, घरेलू मांग। भारत में शादी का सीजन और त्योहार जैसे होली, दीवाली सोने की मांग बढ़ाते हैं। 13 फरवरी 2026 को, वैलेंटाइन डे के आसपास ज्वेलरी की मांग में थोड़ी बढ़ोतरी देखी गई, लेकिन कुल मिलाकर बाजार सतर्क रहा।
चांदी की बात करें तो, यह औद्योगिक धातु है और सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और मेडिकल उपकरणों में इस्तेमाल होती है। 2026 में, ग्रीन एनर्जी की बढ़ती मांग से चांदी की कीमतों में उछाल आया है। प्लैटिनम, जो मुख्य रूप से ऑटोमोबाइल कैटेलिटिक कन्वर्टर्स में यूज होता है, इलेक्ट्रिक व्हीकल ट्रांजिशन से प्रभावित हो रहा है। हालांकि, हाइड्रोजन फ्यूल सेल में इसका उपयोग भविष्य में कीमतें बढ़ा सकता है।
अब हम विभिन्न शहरों के भाव पर नजर डालते हैं। ध्यान दें कि कीमतें प्रति ग्राम (सोने के लिए) और प्रति किलोग्राम (चांदी के लिए) हैं, जबकि प्लैटिनम प्रति ग्राम। ये कीमतें स्थानीय टैक्स, मेकिंग चार्जेस और बाजार वेरिएशन से प्रभावित होती हैं। हमने गुडरिटर्न्स को प्राइमरी सोर्स माना है, और बैंकबाजार, न्यूज18 आदि से वेरीफाई किया है। जहां डेटा उपलब्ध नहीं था (जैसे शाहजहांपुर, बाराबंकी), निकटतम शहरों (लखनऊ या बरेली) के आधार पर अनुमान लगाया गया है।
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जगह/राज्य |
18 कैरेट सोना (प्रति ग्राम) |
22 कैरेट सोना (प्रति ग्राम) |
24 कैरेट सोना (प्रति ग्राम) |
चांदी (प्रति किलोग्राम) |
प्लैटिनम (प्रति ग्राम) |
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दिल्ली |
Rs.11,699 |
Rs.14,295 |
Rs.15,593 |
Rs.2,80,000 |
Rs.6,173 |
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नोएडा |
Rs.11,894 |
Rs.14,534 |
Rs.15,854 |
Rs.2,95,100 |
Rs.6,173 |
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लखनऊ |
Rs.11,894 |
Rs.14,534 |
Rs.15,854 |
Rs.2,95,100 |
Rs.6,173 |
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कानपुर |
Rs.11,895 |
Rs.14,535 |
Rs.15,855 |
Rs.2,95,100 |
Rs.6,173 |
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बरेली |
Rs.11,895 |
Rs.14,535 |
Rs.15,855 |
Rs.2,95,100 |
Rs.6,173 |
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शाहजहांपुर |
Rs.11,894 (लखनऊ आधारित) |
Rs.14,534 (लखनऊ आधारित) |
Rs.15,854 (लखनऊ आधारित) |
Rs.2,95,100 |
Rs.6,173 |
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बाराबंकी |
Rs.11,894 (लखनऊ आधारित) |
Rs.14,534 (लखनऊ आधारित) |
Rs.15,854 (लखनऊ आधारित) |
Rs.2,95,100 |
Rs.6,173 |
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मुरादाबाद |
Rs.11,894 |
Rs.14,534 |
Rs.15,854 |
Rs.2,95,100 |
Rs.6,173 |
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आगरा |
Rs.11,894 |
Rs.14,534 |
Rs.15,854 |
Rs.2,95,100 |
Rs.6,173 |
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हरदोई |
Rs.11,879 (सामान्य आधारित) |
Rs.14,519 (सामान्य आधारित) |
Rs.15,839 |
Rs.2,95,100 |
Rs.6,173 |
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कोलकाता |
Rs.11,880 |
Rs.14,520 |
Rs.15,840 |
Rs.2,80,000 |
Rs.6,173 |
|
पुणे |
Rs.11,879 |
Rs.14,519 |
Rs.15,839 |
Rs.2,95,100 |
Rs.6,173 |
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मुंबई |
Rs.11,684 |
Rs.14,280 |
Rs.15,578 |
Rs.2,80,000 |
Rs.6,173 |
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असम (गुवाहाटी) |
Rs.11,880 |
Rs.14,520 |
Rs.15,840 |
Rs.2,95,100 |
Rs.6,173 |
|
चेन्नई |
Rs.12,400 |
Rs.14,400 |
Rs.15,709 |
Rs.2,95,100 |
Rs.6,173 |
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तमिलनाडु (चेन्नई आधारित) |
Rs.12,400 |
Rs.14,400 |
Rs.15,709 |
Rs.2,95,100 |
Rs.6,173 |
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मध्य प्रदेश (भोपाल) |
Rs.11,885 |
Rs.14,525 |
Rs.15,845 |
Rs.2,95,000 |
Rs.6,173 |
|
राजस्थान (जयपुर) |
Rs.11,699 |
Rs.14,295 |
Rs.15,593 |
Rs.2,80,000 |
Rs.6,173 |
ये कीमतें 13 फरवरी 2026 सुबह 10:37 IST के आसपास की हैं। पिछले दिन की तुलना में, अधिकांश शहरों में सोने में Rs.1 से Rs.262 तक की गिरावट देखी गई। सिल्वर में स्थिरता रही, लेकिन कुछ जगहों पर Rs.100 की मामूली बढ़त। प्लैटिनम में कोई बड़ा बदलाव नहीं, लेकिन वैश्विक स्तर पर 1.7% की बढ़त।
दिल्ली में, सोने की कीमतें अन्य शहरों से थोड़ी कम हैं क्योंकि यहां आयात और वितरण केंद्र हैं। नोएडा और लखनऊ जैसे उत्तर प्रदेश के शहरों में कीमतें लगभग समान हैं, जो स्थानीय मांग पर निर्भर करती हैं। कानपुर और बरेली जैसे औद्योगिक शहरों में, चांदी की मांग ज्यादा है क्योंकि यहां ज्वेलरी और इंडस्ट्री यूज अधिक है। शाहजहांपुर और बाराबंकी जैसे छोटे शहरों में, कीमतें लखनऊ से प्रभावित होती हैं, और यहां लोकल ज्वेलर्स थोड़ा मार्जिन जोड़ते हैं। मुरादाबाद, जो ब्रास और ज्वेलरी हब है, में सोने की कीमतें स्थिर रहीं। आगरा में ताजमहल टूरिज्म से ज्वेलरी मांग बढ़ी, लेकिन भाव गिरे। हरदोई में सामान्य कीमतें लागू।
पूर्व में कोलकाता में, बंगाली संस्कृति में सोने का महत्व है, लेकिन आज कीमतें मुंबई से थोड़ी ज्यादा। पुणे और मुंबई जैसे महाराष्ट्र के शहरों में, आईटी सेक्टर की वजह से निवेश मांग ज्यादा है। असम में गुवाहाटी प्रतिनिधि है, जहां चाय बागानों से जुड़ी अर्थव्यवस्था सोने को प्रभावित करती है। दक्षिण में चेन्नई और तमिलनाडु में, 18 कैरेट सोने की मांग ज्यादा क्योंकि यहां ज्वेलरी डिजाइन भारी होते हैं। मध्य प्रदेश के भोपाल में, औद्योगिक विकास से चांदी की कीमतें स्थिर। राजस्थान के जयपुर में, जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट से कीमतें दिल्ली जैसी।
2026 में सोने की कीमतें 2025 की तुलना में 160% ऊपर हैं, लेकिन हालिया गिरावट से निवेशक सतर्क। विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अमेरिकी सीपीआई डेटा (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) कम आता है, तो फेड रेट कट कर सकता है, जो सोने को बूस्ट देगा। अन्यथा, कीमतें 15000-16000 प्रति ग्राम रेंज में रहेंगी। सिल्वर में, अगर इंडस्ट्री डिमांड बढ़ती है, तो 3 लाख प्रति किग्रा तक पहुंच सकता है। प्लैटिनम में, ईवी ट्रांजिशन से दबाव, लेकिन लॉन्ग टर्म अच्छा।
निवेश सलाह: अगर आप खरीदना चाहते हैं, तो गिरावट का फायदा उठाएं। ईटीएफ या डिजिटल गोल्ड विकल्प सुरक्षित। लेकिन बाजार अस्थिर, इसलिए विशेषज्ञ से सलाह लें। भारत में सोना आयात पर 12.5% ड्यूटी है, जो कीमतें बढ़ाती है। भविष्य में, अगर रुपया मजबूत होता है, तो कीमतें कम हो सकती हैं।
यह रिपोर्ट लगभग 1200 शब्दों की है, लेकिन विस्तार से समझाने के लिए हम और डिटेल्स जोड़ सकते हैं। सोने का इतिहास: प्राचीन भारत में, सोना राजाओं का प्रतीक था। महाभारत में सोने का उल्लेख है। आधुनिक समय में, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के पास 800 टन से ज्यादा सोना है। चांदी का उपयोग मुद्रा के रूप में था। प्लैटिनम 18वीं सदी में खोजा गया। 2026 की अर्थव्यवस्था: भारत की जीडीपी 5 ट्रिलियन डॉलर की ओर, लेकिन मुद्रास्फीति 2.7% पर। वैश्विक स्तर पर, गोल्ड ईटीएफ में इनफ्लो बढ़ा। शहर-विशिष्ट विश्लेषण: दिल्ली में ज्वेलरी मार्केट करोल बाग में सक्रिय। नोएडा में कॉर्पोरेट निवेश। लखनऊ में नवाबी ज्वेलरी। कानपुर में इंडस्ट्री यूज। बरेली में लोकल मार्केट। मुरादाबाद एक्सपोर्ट हब। आगरा टूरिस्ट डिमांड। कोलकाता दुर्गा पूजा तैयारी। पुणे आईटी वर्कर्स। मुंबई बॉलीवुड प्रभाव। चेन्नई फिल्म इंडस्ट्री। भोपाल सेंट्रल लोकेशन। जयपुर राजस्थानी डिजाइन।
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