Today Petrol Price: पेट्रोल व डीजल के ताज़ा भाव — 22 नवम्बर 2025 (शहर-वार)
भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सामान्य गतिशीलता देखी गई। नीचे दी गई तालिका
तालिका – शहरवार पेट्रोल व डीजल के भाव (प्रति लीटर)
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स्थान |
पेट्रोल (Rs./लीटर) |
डीजल (Rs./लीटर) |
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दिल्ली |
Rs.94.77 |
Rs.87.67 |
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नोएडा |
Rs.94.87 |
Rs.87.98 |
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लखनऊ |
Rs.94.69 |
Rs.87.81 |
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कानपुर |
Rs.94.73 |
Rs.87.75 |
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बरेली |
Rs.94.66 |
Rs.87.77 |
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आगरा |
Rs.94.61 |
Rs.87.69 |
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हरदोई |
Rs.94.93 |
Rs.87.81 |
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कोलकाता |
Rs.105.41 |
Rs.92.02 |
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पुणे |
Rs.104.19 |
Rs.91.57 |
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मुम्बई |
Rs.103.50 |
Rs.90.03 |
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गुवाहाटी (असम) |
Rs.98.24 |
Rs.90.33 |
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चेन्नई (तमिलनाडु) |
Rs.100.90 |
Rs.92.49 |
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मध्य प्रदेश (भोपाल) |
Rs.107.31 |
Rs.91.57 |
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राजस्थान (जयपुर) |
Rs.104.72 |
Rs.90.21 |
२२ नवम्बर २०२५ को भारत के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में सामान्य गतिशीलता देखी गई। नीचे दी गई तालिका में दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, बरेली, आगरा, हरदोई, कोलकाता, पुणे, मुम्बई, असम (गुवाहाटी), चेन्नई, तमिलनाडु (चेन्नी के अनुसार), मध्य प्रदेश (भोपाल) और राजस्थान (जयपुर) जैसे स्थानों के प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल के भाव विश्वसनीय स्रोतों से वेरिफाई करके दिए गए हैं। इस तालिका के बाद विस्तृत विश्लेषण, कारण, उपयोगकर्ता के लिए सुझाव और संभावित प्रभाव समझाए गए हैं।
तालिका के बाद प्रस्तुत विश्लेषण में देश और अंतरराष्ट्रीय बाजार दोनों का ध्यान रखा गया है। पेट्रोल व डीजल की कीमतें प्रतिदिन ओएमसीs (भारतीय आयल कंपनियों) द्वारा स्थानीय कर, एक्साइज ड्यूटी, और मुद्रा विनिमय के आधार पर निर्धारित की जाती हैं। आम तौर पर ये रेट हर दिन सुबह 6 बजे अपडेट होते हैं और स्थानीय राज्य कर (VAT) व पंप पर लगने वाले सर्विस चार्ज अलग होते हैं। इसलिए अंतिम भुगतान में तालिका में दिखी कीमतों से अलग आधार बन सकता है।
हाल की स्थिति का सार
देखने पर स्पष्ट होता है कि अधिकांश शहरों में पेट्रोल व डीजल की कीमतें स्थिर रहीं या मामूली उतार-चढ़ाव दिखाया। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली व निकटवर्ती नोएडा में पेट्रोल की दर लगभग Rs.94.7x प्रति लीटर दर्ज हुई जबकि डीजल लगभग Rs.87.6x प्रति लीटर रहा। मल्टीपल स्रोतों से इन भावों को मिलान कर रिपोर्ट तैयार की गई है। कुछ महानगरों में (जैसे कोलकाता, पुणे, मुम्बई) पेट्रोल व डीजल की दरें अपेक्षाकृत अधिक देखी गईं, जो राज्य कर, लॉजिस्टिक लागत और स्थानीय मांग-आपूर्ति की स्थिति द्वारा प्रभावित थीं।
मूल कारण
पेट्रोल व डीजल के भाव पर कई कारक प्रभाव डालते हैं: अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमतें, डॉलर-रुपये विनिमय दर, भारत में लागू कर संरचना (केंद्रीय एक्साइज, राज्य VAT), तथा स्थानीय मांग और सप्लाई लॉजिस्टिक्स। उदाहरण के लिए, अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि सीधे रिफाइनरियों की खरीद लागत बढ़ाती है, जो अंततः रिटेल रेट में परिलक्षित होती है। वहीं, यदि रुपये मजबूत होते हैं तो आयात सस्ता पड़ता है और घरेलू रेटों पर दबाव कम पड़ता है।
इसके अतिरिक्त, जब वैश्विक आपूर्ति में बाधा आती है (जैसे प्राकृतिक आपदा, टैंकर मार्ग में समस्या), तो लॉजिस्टिक्स-लागत बढ़ जाती है। राज्यों द्वारा अलग-अलग मूल्य में कर व शुल्क लगाने से भी दरों में भिन्नता आती है। उच्च कर वाले राज्यों के पंपों पर रेट अधिक दिख सकते हैं।
स्थानीय भिन्नताएँ
कोलकाता, पुणे और मुंबई जैसे महानगरों में पेट्रोल की दरें सामान्यतः राज्यों के अलग-अलग VAT और शहरी करों के कारण अधिक रही हैं। पूर्वोत्तर (गुवाहाटी) में परिवहन लागत की वजह से कुछ हिस्सों में पेट्रोल महंगा दिख सकता है। इसके अलावा त्योहार, मौसम और पेट्रोल पंपों की आपूर्ति शृंखला भी अस्थायी अंतर ला सकती है।
उदाहरण के लिए, मध्य प्रदेश के भोपाल में पेट्रोल की दर Rs.107.31 प्रति लीटर दर्ज हुई जो इस सूची में सबसे अधिक है। यह उस राज्य में लागू स्थानीय कर व लॉजिस्टिक लागत की वजह से हो सकता है। वहीं उत्तर-प्रदेश के शहरों में करीब-करीब समान दरें देखने को मिल रही हैं।
खरीदारों के लिए सुझाव
- यदि आपका उपयोग दैनिक कम्यूटिंग है तो पेट्रोल की छोटी-छोटी कीमतों में उतार-चढ़ाव से बचाव के लिए ईंधन कुशल वाहन, कार पूलिंग या लोकल ट्रांसपोर्ट विकल्प पर विचार करें।
- भारी माल-परिवहन या व्यवसाय के लिए डीजल की बढ़ोतरी सीधे लागत पर असर डालती है; लॉजिस्टिक्स कंपनियों को ईंधन खरीद नीतियों और हेज-स्टॉक का पुनर्मूल्यांकन करना चाहिए।
- लंबी यात्रा की योजना में शहर-विशेष कीमतों की जाँच करें और जहाँ संभव हो वहाँ भरने का निर्णय लें। उदाहरण के लिए, यात्रा पूर्व यदि आप मध्य प्रदेश या राजस्थान से गुजरने का इरादा रखते हैं तो उस राज्य के रेट पहले जाँचना लाभदायक होगा।
- समय-समय पर ईंधन की दरों में बदलाव देखने से आप बेहतर निर्णय ले सकते हैं — कई स्थानों पर सप्ताह के मध्य में दरों में हल्की गिरावट देखने को मिलती है।
सरकारी नीतियों व प्रभाव
सरकार के कर निर्णय, जैसे केंद्रीय एक्साइज या राज्य VAT में परिवर्तन, पेट्रोल व डीजल की अंतिम कीमतों को तुरंत बदल सकते हैं। पिछले कुछ महीनों में कई राज्यों ने ईंधन पर लागू VAT में स्थिरता बनाए रखी है, जिससे उपभोक्ता रेट अपेक्षाकृत स्थिर दिखे। परंतु अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़े उतार-चढ़ाव आए तो सरकार कभी नीतिगत हस्तक्षेप कर सकती है।
उदाहरण के लिए, जब क्रूड आयल की कीमतें ऊपर जाती हैं और सरकार एक्साइज ड्यूटी कम करती है, तो उपभोक्ता दरों में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित किया जाता है। इसके विपरीत, अगर राज्य VAT बढ़ा दिया जाए तो तुरंत पंप दरें ऊपर चली जाती हैं। इसलिए उपभोक्ताओं को न सिर्फ रेट देखने चाहिए बल्कि सरकारी घोषणाओं पर भी नजर रखनी चाहिए।
22 नवम्बर 2025 के आंकड़ों के आधार पर कहा जा सकता है कि देश के अधिकतर शहरों में पेट्रोल व डीजल की कीमतें सामान्य सीमाओं के बीच हैं। स्थानीय कर, आपूर्ति-व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय क्रूड रेट इन भावों को प्रभावित कर रहे हैं। उपभोक्ताओं को छोटे-छोटे अंतर पर ध्यान देने की बजाय लागत बचत के दीर्घकालिक उपाय अपनाने चाहिए।
गणना पूर्व, यदि आप शहर-विशेष तुलना कर रहे हैं, तो देख सकते हैं कि उत्तर प्रदेश के शहरों (दिल्ली-नोएडा-लखनऊ-कानपुर-बरेली-आगरा-हरदोई) में दरें लगभग समान हैं, जबकि महानगर (मुम्बई, पुणे, कोलकाता) और मध्य प्रदेश व राजस्थान जैसे राज्यों में दरें थोड़ी ऊँची हैं। यह संकेत है कि राज्य कर व स्थानीय लॉजिस्टिक खर्च उपभोक्ता दरों को प्रभावित कर रहे हैं।
उपभोक्ता ध्यान दें कि पंप पर अंतिम बिल में सेवा शुल्क और स्थानीय चार्ज शामिल हो सकते हैं, इसलिए पेट्रोल/डीजल भरने से पूर्व पंप पर लिखित रेट की जाँच करना उत्तम रहेगा।
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