वैलेंटाइन डे पर भी जेब पर बोझ: 14 फरवरी 2026 को देशभर में पेट्रोल-डीजल के बदले हुए भाव, जानिए अपने शहर की कीमत।

वैलेंटाइन डे का दिन। जहां एक तरफ लोग प्यार का इजहार करने के लिए बाहर घूमने, ड्राइव पर जाने और

Feb 14, 2026 - 11:06
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वैलेंटाइन डे पर भी जेब पर बोझ: 14 फरवरी 2026 को देशभर में पेट्रोल-डीजल के बदले हुए भाव, जानिए अपने शहर की कीमत।
वैलेंटाइन डे पर भी जेब पर बोझ: 14 फरवरी 2026 को देशभर में पेट्रोल-डीजल के बदले हुए भाव, जानिए अपने शहर की कीमत।

14 फरवरी 2026, वैलेंटाइन डे का दिन। जहां एक तरफ लोग प्यार का इजहार करने के लिए बाहर घूमने, ड्राइव पर जाने और लंबी यात्राओं की प्लानिंग कर रहे हैं, वहीं पेट्रोल और डीजल की कीमतें फिर से सुर्खियों में हैं। पिछले कुछ महीनों में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति और राज्य सरकारों द्वारा वैट में बदलाव के कारण ईंधन के भाव में बार-बार संशोधन हो रहा है। आज सुबह 6 बजे जारी नए रेट्स में कई शहरों में पेट्रोल-डीजल महंगा हुआ है, तो कुछ जगहों पर राहत भी मिली है। यह रिपोर्ट गुडरिटर्न्स.इन से प्राप्त नवीनतम आंकड़ों पर आधारित है, जिसे हमने इंडियन ऑयल की आधिकारिक वेबसाइट, भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और अन्य विश्वसनीय स्रोतों से क्रॉस-वेरिफाई किया है ताकि एक भी रुपए की त्रुटि न रहे। कीमतें प्रति लीटर हैं और आज सुबह 10 बजे तक लागू हैं।

भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें रोजाना सुबह 6 बजे अपडेट होती हैं। यह प्रक्रिया 2017 से डेली डायनेमिक प्राइसिंग सिस्टम के तहत चल रही है। कीमतें चार मुख्य फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमत, रुपये-डॉलर एक्सचेंज रेट, केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी और राज्य सरकारों का वैट। 2026 की शुरुआत से अब तक क्रूड ऑयल ब्रेंट 82-88 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में बना हुआ है, लेकिन मध्य-पूर्व में तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते आपूर्ति बाधित होने की आशंका ने कीमतों को ऊपर रखा है। इसके अलावा, कई राज्य सरकारों ने बजट में वैट बढ़ाया है, जिससे आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ा है।

शहर/क्षेत्र

पेट्रोल (Rs./लीटर)

डीजल (Rs./लीटर)

दिल्ली

96.85

88.92

नोएडा

97.18

90.36

लखनऊ

97.24

90.42

कानपुर

97.19

90.37

बरेली

97.12

90.30

शाहजहांपुर

97.26

90.44

बाराबंकी

97.31

90.49

मुरादाबाद

97.28

90.46

आगरा

97.08

90.26

हरदोई

97.22

90.40

कोलकाता

106.94

93.02

पुणे

108.67

95.18

मुम्बई

108.92

95.46

असम (गुवाहाटी)

98.74

91.82

चेन्नई

103.86

95.52

तमिलनाडु (कोयंबटूर)

104.12

95.78

मध्य प्रदेश (भोपाल)

109.84

95.36

राजस्थान (जयपुर)

108.76

94.28

उपरोक्त तालिका में सभी कीमतें 14 फरवरी 2026 सुबह 6 बजे लागू रेट्स हैं। उत्तर प्रदेश के अधिकांश शहरों में कीमतें लगभग एक समान हैं क्योंकि राज्य में वैट एकसमान है और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट में बहुत कम अंतर होता है। दिल्ली में वैट कम होने के कारण पड़ोसी नोएडा, गाजियाबाद से सस्ता पेट्रोल-डीजल मिलता है, यही कारण है कि रोजाना हजारों लोग दिल्ली से भरवाने आते हैं।

अब विस्तार से समझते हैं कि ये कीमतें क्यों और कैसे बदलती हैं। पेट्रोल-डीजल की अंतिम कीमत में लगभग 55-60% टैक्स होता है। केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी लगाती है, जो वर्तमान में पेट्रोल पर 19.90 रुपये और डीजल पर 15.80 रुपये प्रति लीटर है। इसके ऊपर राज्य वैट अलग-अलग होता है। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और राजस्थान जैसे राज्यों में वैट सबसे ज्यादा है, इसलिए मुम्बई, कोलकाता और जयपुर में कीमतें सबसे ऊंची हैं। वहीं दिल्ली, असम और केंद्र शासित प्रदेशों में वैट कम होने से राहत मिलती है।

2025 के अंत से 2026 की शुरुआत तक क्रूड ऑयल की कीमत में 8-10% की तेजी आई थी, जिसका असर जनवरी में भारतीय बाजार में दिखा। जनवरी के पहले हफ्ते में पेट्रोल-डीजल 1.50-2.00 रुपये तक महंगा हुआ था। फरवरी आते-आते थोड़ी स्थिरता आई, लेकिन वैलेंटाइन वीकेंड के कारण डिमांड बढ़ने से ओएमसी (ऑयल मार्केटिंग कंपनियां) ने कुछ शहरों में मामूली बढ़ोतरी की है। खास तौर पर उत्तर भारत में ठंड के कारण डीजल की मांग (हीटिंग और जेनरेटर के लिए) बढ़ी है, जिससे डीजल के भाव पेट्रोल से ज्यादा प्रभावित हुए हैं।

दिल्ली में आज पेट्रोल 96.85 रुपये और डीजल 88.92 रुपये है, जो कल से 12 पैसे महंगा है। दिल्ली में कीमतें पूरे देश के लिए बेंचमार्क मानी जाती हैं। नोएडा और उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में पेट्रोल 97 रुपये के आसपास बना हुआ है। लखनऊ, कानपुर, आगरा जैसे शहरों में अंतर सिर्फ 10-20 पैसे का है। अगर आप बरेली, शाहजहांपुर या हरदोई जैसे छोटे शहरों में हैं, तो भी आपको लगभग यही रेट मिलेगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले साल वैट नहीं बढ़ाया था, इसलिए यहां राहत बनी हुई है।

महाराष्ट्र में स्थिति सबसे खराब है। मुम्बई में पेट्रोल 108.92 रुपये और डीजल 95.46 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया है। पुणे में भी लगभग यही कीमत है। राज्य में वैट 25% से ज्यादा है, जिससे कीमतें आसमान छू रही हैं। कोलकाता में भी पश्चिम बंगाल सरकार का ऊंचा वैट कारण है कि पेट्रोल 106.94 रुपये और डीजल 93.02 रुपये है। दक्षिण भारत में चेन्नई और तमिलनाडु के अन्य शहरों में पेट्रोल 103-104 रुपये के दायरे में है। तमिलनाडु सरकार ने पिछले बजट में वैट कम किया था, इसलिए यहां उत्तर और पश्चिम की तुलना में थोड़ी राहत है।

मध्य प्रदेश और राजस्थान में कीमतें सबसे ज्यादा हैं। भोपाल में पेट्रोल 109.84 रुपये और जयपुर में 108.76 रुपये है। दोनों राज्यों में भाजपा सरकार होने के बावजूद वैट में कटौती नहीं हुई है, जिसे विपक्ष लगातार मुद्दा बना रहा है। असम में कीमतें अपेक्षाकृत कम हैं क्योंकि राज्य सरकार ने 2024 में वैट में बड़ी कटौती की थी। गुवाहाटी में पेट्रोल 98.74 रुपये और डीजल 91.82 रुपये है।

कीमतों का आम आदमी पर असर बहुत गहरा है। एक औसत कार मालिक जो महीने में 50 लीटर पेट्रोल इस्तेमाल करता है, उसे दिल्ली में 4842 रुपये देने पड़ते हैं, जबकि मुम्बई में 5446 रुपये। यानी मुम्बई का व्यक्ति हर महीने 600 रुपये ज्यादा खर्च करता है। दोपहिया वाहन चलाने वालों के लिए भी 2-3 रुपये प्रति लीटर का अंतर लंबे समय में बड़ा बोझ बन जाता है। कमर्शियल वाहन, ट्रक, बस और ट्रैक्टर डीजल पर चलते हैं, इसलिए डीजल महंगा होने से सब्जी, दूध, किराना सब महंगा हो जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं। अगर क्रूड ऑयल 90 डॉलर प्रति बैरल के पार गया तो 2-3 रुपये की बढ़ोतरी तय है। सरकार के पास दो विकल्प हैं या तो एक्साइज ड्यूटी कम करे या राज्य वैट में एकरूपता लाए। लेकिन चुनावी साल होने के कारण कई राज्य वैट कम करने को तैयार नहीं हैं क्योंकि इससे उनका राजस्व घटेगा।

वैलेंटाइन डे पर अगर आप डेट पर कार से जा रहे हैं तो पहले पेट्रोल पंप चेक कर लें। कई ऐप्स जैसे IndianOil ONE, MyPetrolPump आदि पर रियल-टाइम रेट्स मिल जाते हैं। कुछ पेट्रोल पंप कैशबैक और लॉयल्टी पॉइंट्स भी दे रहे हैं। लंबी दूरी की यात्रा प्लान कर रहे हैं तो डीजल कार फायदेमंद रहेगी क्योंकि अभी डीजल पेट्रोल से 7-14 रुपये सस्ता है।

कुल मिलाकर, 14 फरवरी 2026 को ईंधन कीमतों में स्थिरता के साथ-साथ मामूली बढ़ोतरी का माहौल है। सरकार और ओएमसी लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं, लेकिन आम आदमी को अभी राहत की बड़ी उम्मीद नहीं है। कीमतें भले ही एक-दो रुपये बढ़ी हों, लेकिन जेब पर इसका असर साफ दिखता है।

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