श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिणी अमरसूरिया का भारत दौरा: दूसरे दिन पीएम मोदी से द्विपक्षीय वार्ता, संबंधों को मिलेगी मजबूती। 

श्रीलंका की प्रधानमंत्री डॉ. हरिणी अमरसूरिया 16 अक्टूबर को भारत पहुंचीं। यह उनका पदभार संभालने के बाद पहला आधिकारिक दौरा है। तीन दिनों की इस यात्रा का दूसरा दिन यानी 17 अक्टूबर

Oct 17, 2025 - 11:57
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श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिणी अमरसूरिया का भारत दौरा: दूसरे दिन पीएम मोदी से द्विपक्षीय वार्ता, संबंधों को मिलेगी मजबूती। 
श्रीलंका की प्रधानमंत्री हरिणी अमरसूरिया का भारत दौरा: दूसरे दिन पीएम मोदी से द्विपक्षीय वार्ता, संबंधों को मिलेगी मजबूती। 

श्रीलंका की प्रधानमंत्री डॉ. हरिणी अमरसूरिया 16 अक्टूबर को भारत पहुंचीं। यह उनका पदभार संभालने के बाद पहला आधिकारिक दौरा है। तीन दिनों की इस यात्रा का दूसरा दिन यानी 17 अक्टूबर को वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करेंगी। विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ पहले ही बातचीत हो चुकी है। दौरा भारत-श्रीलंका संबंधों को नई ऊंचाई देने पर केंद्रित है। अमरसूरिया एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में मुख्य वक्ता के रूप में भाग लेंगी। यह समिट 17 और 18 अक्टूबर को भारत मंडपम में हो रहा है। यात्रा का फोकस व्यापार, निवेश, ऊर्जा, शिक्षा और विकास परियोजनाओं पर है। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक सांस्कृतिक बंधन को मजबूत करने का प्रयास होगा। अमरसूरिया ने कहा कि भारत और श्रीलंका इतिहास, संस्कृति और साझा मूल्यों से बंधे हैं।

हरिणी अमरसूरिया का जन्म 1966 में श्रीलंका में हुआ। वे समाजशास्त्र की प्रोफेसर रह चुकी हैं। 2024 में राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके की सरकार में प्रधानमंत्री बनीं। यह श्रीलंका की तीसरी महिला प्रधानमंत्री हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से समाजशास्त्र में पढ़ाई की। 16 अक्टूबर को वे अपने पुराने कॉलेज पहुंचीं। वहां छात्रों से मिलीं। पुराने दिनों की यादें ताजा कीं। कॉलेज में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुए। उन्होंने कहा कि भारत मेरा दूसरा घर है। यह दौरा स्नातक जीवन की यादें लौटाता है। हिंदू कॉलेज ने उन्हें विशेष सम्मान दिया। अमरसूरिया ने छात्रों को प्रेरित किया। कहा कि शिक्षा से ही राष्ट्र निर्माण होता है। इस दौरे से दोनों देशों के युवाओं के बीच नया पुल बनेगा।

पहले दिन विदेश मंत्री जयशंकर से मुलाकात हुई। दोनों ने द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। जयशंकर ने स्वागत किया। कहा कि भारत श्रीलंका का सबसे करीबी पड़ोसी है। अमरसूरिया ने चीन यात्रा के बाद भारत आने का जिक्र किया। 14 अक्टूबर को बीजिंग में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलीं। वहां बेल्ट एंड रोड पहल पर बात हुई। लेकिन भारत दौरा संतुलित विदेश नीति का हिस्सा है। श्रीलंका दोनों देशों से मजबूत संबंध चाहता है। जयशंकर ने कहा कि महासागर विजन के तहत सहयोग बढ़ेगा। यह विजन क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास पर आधारित है। अमरसूरिया ने निवेश आकर्षित करने की इच्छा जताई। ऊर्जा, बुनियादी ढांचा और शिक्षा में साझेदारी पर जोर दिया। बैठक में व्यापार बढ़ाने के उपाय बने।

दूसरे दिन प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात होगी। यह द्विपक्षीय वार्ता महत्वपूर्ण है। दोनों नेता क्षेत्रीय स्थिरता, आर्थिक सहयोग और विकास पर चर्चा करेंगे। मोदी अप्रैल 2025 में कोलंबो गए थे। वहां राष्ट्रपति दिसानायके से मिले। कई समझौते हुए। रक्षा, ऊर्जा और स्वास्थ्य पर हस्ताक्षर हुए। मोदी को श्रीलंका मित्र विभूषण सम्मान मिला। यह देश का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। अमरसूरिया का दौरा उसी निरंतरता का हिस्सा है। मोदी ने कहा था कि श्रीलंका मजबूत होगा। भारत उसका साथी बनेगा। इस बार त्रिंकोमाली को ऊर्जा हब बनाने पर फोकस होगा। भारत ने सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए सहायता दी। 120 मेगावाट का प्रोजेक्ट शुरू हुआ। कर्ज पुनर्गठन पर भी बात होगी। श्रीलंका की आर्थिक संकट से उबरने में भारत मदद कर रहा।

एनडीटीवी वर्ल्ड समिट में अमरसूरिया मुख्य भाषण देंगी। थीम है एज ऑफ द अननोन: रिस्क। वैश्विक नेता विचार मंथन करेंगे। अमरसूरिया ने कहा कि वे श्रीलंका के दृष्टिकोण साझा करेंगी। आर्थिक लचीलापन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर बात करेंगी। समिट में मोदी भी भाग लेंगे। यह अवसर दोनों नेताओं के लिए उपयोगी है। अमरसूरिया ने कहा कि मोदी से मिलना रोमांचक होगा। उन्होंने वीडियो संदेश में कहा कि भारत यात्रा खुशी का मौका है। दोनों देशों के बीच सहयोग हर क्षेत्र में बढ़ेगा। व्यापार, निवेश, शिक्षा और विकास परियोजनाएं मजबूत होंगी।

भारत-श्रीलंका संबंध प्राचीन हैं। रामायण से बौद्ध काल तक सांस्कृतिक आदान-प्रदान रहा। आधुनिक समय में पड़ोसी नीति मजबूत। भारत ने श्रीलंका के आर्थिक संकट में 4 अरब डॉलर से ज्यादा मदद दी। कर्ज राहत, ईंधन आपूर्ति और खाद्य सहायता दी। अप्रैल 2025 में मोदी के दौरे में सात एमओयू साइन हुए। रक्षा सहयोग समझौता प्रमुख था। नौसेनाओं के बीच प्रशिक्षण बढ़ेगा। खोज और बचाव में समन्वय होगा। ऊर्जा क्षेत्र में त्रिंकोमाली तेल टैंक फार्म का विकास। भारत ने 700 श्रीलंकाईयों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू किया। थिरुकोनेस्वरम मंदिर, सीता एलिया मंदिर और अनुराधापुरा परिसर के लिए अनुदान। मई 2025 में बौद्ध अवशेषों की प्रदर्शनी श्रीलंका में हुई।

अमरसूरिया का दौरा क्षेत्रीय संतुलन के लिए महत्वपूर्ण। श्रीलंका की विदेश नीति संतुलित है। चीन के साथ बेल्ट एंड रोड पर काम, लेकिन भारत से मजबूत साझेदारी। हिंद महासागर में शांति के लिए दोनों देश प्रतिबद्ध। मछुआरों का मुद्दा भी चर्चा में रहेगा। मोदी ने पहले कहा था कि मानवीय दृष्टिकोण अपनाएं। तलैवाड़म गिरफ्तारियों पर सहानुभूति दिखाई। अमरसूरिया ने तमिल समुदाय के लिए न्याय का वादा किया। भारत तमिल समुदाय का समर्थन करता है। एकजुट श्रीलंका में समानता सुनिश्चित हो।

दौरे से व्यापार बढ़ेगा। द्विपक्षीय व्यापार 5 अरब डॉलर से ऊपर है। भारत श्रीलंका का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार। चाय, वस्त्र निर्यात श्रीलंका से। भारत से दवाएं, मशीनरी। निवेश में भारत अग्रणी। अमरसूरिया भारतीय उद्योगपतियों से मिलेंगी। चैंबर ऑफ कॉमर्स से बात होगी। शिक्षा में सहयोग बढ़ेगा। हिंदू कॉलेज विजिट से छात्र विनिमय पर जोर। अमरसूरिया ने कहा कि युवा दोनों देशों का भविष्य हैं।

यह दौरा भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति का उदाहरण। महासागर विजन से ग्लोबल साउथ मजबूत होगा। अमरसूरिया ने कहा कि भारत से निवेश लाएंगी। बिजली, शिक्षा, बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में। श्रीलंका आर्थिक पुनरुद्धार कर रहा। भारत का साथ उपयोगी। मोदी सरकार ने श्रीलंका को प्राथमिकता दी। अप्रैल दौरे में मोदी ने कहा कि श्रीलंका का उत्थान भारत का उत्थान। दोनों देश शांति और समृद्धि चाहते।

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