Political News: मंदसौर में बीजेपी नेता मनोहर धाकड़ का अश्लील वीडियो वायरल, गिरफ्तारी के बाद सियासी भूचाल।
अश्लील वीडियो का खुलासा: मध्य प्रदेश के मंदसौर में बीजेपी नेता मनोहर लाल धाकड़ का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में वीडियो वायरल हुआ...
हाईलाइट्स:
- पुलिस कार्रवाई: भानपुरा पुलिस ने मनोहर धाकड़ को 25 मई 2025 को गिरफ्तार किया, वीडियो में दिख रही महिला की तलाश जारी।
- सियासी विवाद: कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा, मंदसौर बीजेपी अध्यक्ष ने धाकड़ को पार्टी का प्राथमिक सदस्य न होने की सफाई दी।
- सामाजिक निंदा: धाकड़ को धाकड़ महासभा के राष्ट्रीय सचिव पद से हटाया गया, उनकी पत्नी सोहन बाई जिला पंचायत सदस्य हैं।
- कानूनी कार्रवाई: भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 (सार्वजनिक अश्लीलता) और 285 (सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा) के तहत मामला दर्ज।
- सीसीटीवी फुटेज: 13 मई 2025 की रात हाईवे के हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरों ने घटना को रिकॉर्ड किया, जिसके बाद वीडियो 21 मई को वायरल हुआ।
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में एक सनसनीखेज घटना ने राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में हलचल मचा दी है। बीजेपी नेता मनोहर लाल धाकड़ का दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर एक महिला के साथ अश्लील हरकत करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद भानपुरा पुलिस ने उन्हें 25 मई को गिरफ्तार कर लिया। इस घटना ने न केवल बीजेपी की छवि पर सवाल उठाए हैं, बल्कि मध्य प्रदेश में नेताओं के आचरण और सार्वजनिक स्थानों पर नैतिकता को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है।
घटना 13 मई 2025 की रात करीब 8 बजे की है, जब मंदसौर के बनी गांव निवासी मनोहर लाल धाकड़ अपनी सफेद बलेनो कार (रजिस्ट्रेशन नंबर MP14CC4782) में एक महिला के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर थे। हाईवे पर लगे हाई-रिज़ॉल्यूशन सीसीटीवी कैमरों ने दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में धाकड़ और महिला कार से उतरकर सड़क पर अश्लील हरकतें करते दिख रहे हैं। यह वीडियो 21 मई 2025 को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद पूरे प्रदेश में हंगामा मच गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भानपुरा थाने में धाकड़ और उनकी महिला साथी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 (सार्वजनिक अश्लीलता), 285 (जान-माल को खतरा) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की। धाकड़ को गिरफ्तार कर गरोठ जेल भेज दिया गया, जबकि वीडियो में दिख रही महिला की पहचान और गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें सक्रिय हैं।
घटना के वायरल होने के बाद मंदसौर पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया। भानपुरा थाना पुलिस ने परिवहन विभाग के सहयोग से पुष्टि की कि वीडियो में दिख रही कार धाकड़ के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस ने धाकड़ को गिरफ्तार करने के लिए कई टीमें गठित की थीं, क्योंकि वह वीडियो वायरल होने के बाद फरार हो गए थे और उनका फोन बंद था। 25 मई को पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और पूछताछ के लिए भानपुरा थाने लाया गया, जहां उनका चेहरा काले कपड़े से ढका हुआ था। रतलाम रेंज के डीआईजी मनोज सिंह ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा, "सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी हरकतें सामाजिक मर्यादा और कानून का उल्लंघन करती हैं। पुलिस इस मामले में सख्त कार्रवाई कर रही है।" पुलिस ने वीडियो को लीक करने के लिए जिम्मेदार एनएचएआई के तीन कर्मचारियों को भी नौकरी से निकाल दिया और कंट्रोल रूम मैनेजर को नोटिस जारी किया।
वीडियो के वायरल होने के बाद बीजेपी पर विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस, ने तीखा हमला बोला। कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने कटाक्ष करते हुए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को धन्यवाद दिया कि उनके लगाए हाई-क्वालिटी सीसीटीवी कैमरों ने इस घटना को कैद किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गरोठ में टोल प्लाजा पर गायत्री मंत्र का जाप और गंगाजल से हाईवे का "शुद्धिकरण" कर विरोध जताया। मंदसौर बीजेपी जिलाध्यक्ष राजेश दीक्षित ने सफाई देते हुए कहा, "मनोहर लाल धाकड़ बीजेपी के प्राथमिक सदस्य नहीं हैं। उनकी पत्नी सोहन बाई जरूर जिला पंचायत की सदस्य हैं, लेकिन धाकड़ का पार्टी से कोई सीधा संबंध नहीं है।" बीजेपी प्रवक्ता यशपाल सिंह सिसोदिया ने भी कहा कि यदि कोई कार्यकर्ता पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। हालांकि, सोशल मीडिया पर धाकड़ की तस्वीरें, जिसमें वह उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को पुष्पगुच्छ भेंट करते हुए बीजेपी का पट्टा पहने दिख रहे हैं, ने इन दावों पर सवाल उठाए। मनोहर धाकड़ उज्जैन में रजिस्टर्ड धाकड़ महासभा के राष्ट्रीय सचिव थे। वीडियो वायरल होने के बाद महासभा ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें पद से हटा दिया। धाकड़ की पत्नी, सोहन बाई, मंदसौर जिला पंचायत के वार्ड नंबर 8 से बीजेपी समर्थित सदस्य हैं। इस घटना ने जिला पंचायत की राजनीति को भी प्रभावित किया है, क्योंकि चर्चा है कि सोहन बाई इस कार्रवाई के बाद बीजेपी छोड़ सकती हैं, जिससे जिला पंचायत में बीजेपी की स्थिति कमजोर हो सकती है।
इस घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर नैतिकता और कानून-व्यवस्था के सवाल खड़े किए हैं। भारतीय न्याय संहिता की धारा 296 और 285 के तहत दर्ज एफआईआर इस बात की पुष्टि करती है कि ऐसी हरकतें न केवल सामाजिक मर्यादा का उल्लंघन करती हैं, बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा के लिए भी खतरा हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाईवे जैसे सार्वजनिक स्थानों पर इस तरह की घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और प्रशासन को ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। इसके अलावा, एनएचएआई कर्मचारियों द्वारा वीडियो लीक करने की घटना ने गोपनीयता और ब्लैकमेलिंग के मुद्दों को भी उजागर किया। पुलिस का दावा है कि कर्मचारियों ने धाकड़ को ब्लैकमेल करने की कोशिश की, और बात न बनने पर वीडियो वायरल कर दिया।
मंदसौर जिला पहले भी कई विवादों का केंद्र रहा है, जैसे कि 2017 में किसान आंदोलन के दौरान हुई हिंसा। इस घटना ने बीजेपी की छवि को और नुकसान पहुंचाया है, खासकर तब जब पार्टी "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" जैसे अभियानों को बढ़ावा देती है। विपक्ष ने इस मामले को बीजेपी नेताओं के चरित्र और नैतिकता पर हमले के रूप में इस्तेमाल किया है। यह घटना मध्य प्रदेश में नेताओं के आचरण और सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही की आवश्यकता को रेखांकित करती है। बीजेपी को चाहिए कि वह अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के व्यवहार पर सख्त निगरानी रखे ताकि ऐसी शर्मनाक घटनाएं दोबारा न हों। साथ ही, पुलिस और प्रशासन को हाईवे जैसे सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा और निगरानी बढ़ानी होगी।
मंदसौर में मनोहर लाल धाकड़ का अश्लील वीडियो वायरल होने की घटना ने न केवल बीजेपी की छवि को नुकसान पहुंचाया है, बल्कि समाज में नैतिकता और कानून-व्यवस्था के सवाल भी खड़े किए हैं। धाकड़ की गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई इस दिशा में एक कदम है, लेकिन यह घटना समाज और राजनीतिक दलों के लिए एक चेतावनी है कि सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही और मर्यादा सर्वोपरि होनी चाहिए।
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