कोलकाता में ED की छापेमारी: I-PAC प्रमुख प्रतीक जैन के ठिकानों पर कोयला घोटाले से जुड़ी जांच।
प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता में राजनीतिक परामर्श फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर छापेमारी
- ममता बनर्जी ने ED कार्रवाई को राजनीतिक बदला बताया, हाईकोर्ट पहुंचा मामला
- कोयला तस्करी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग जांच: ED ने प्रतीक जैन के घर और कार्यालय पर की तलाशी, दस्तावेज जब्त
प्रवर्तन निदेशालय ने कोलकाता में राजनीतिक परामर्श फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमिटी के प्रमुख प्रतीक जैन के आवास और कार्यालय पर छापेमारी की जो कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच का हिस्सा थी जिसमें करोड़ों रुपये की हेराफेरी का आरोप है। यह कार्रवाई 8 जनवरी 2026 को सुबह 6 बजे शुरू हुई और 9 घंटे से अधिक समय तक चली जिसमें ईडी अधिकारियों ने प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास और साल्ट लेक सेक्टर 5 स्थित आई-पैक कार्यालय सहित कुल 10 स्थानों पर तलाशी ली। जांच एजेंसी ने दावा किया कि प्रतीक जैन पर कोयला घोटाले से जुड़े हवाला लेनदेन और नकद सौदों के विशिष्ट सबूत हैं जो 2020 के अवैध कोयला खनन घोटाले से जुड़े हैं जिसकी अनुमानित कीमत अरबों रुपये है। ईडी ने मुख्य आरोपी अनूप माझी से जुड़े ठिकानों पर भी छापेमारी की जिसमें दिल्ली के चार स्थानों को शामिल किया गया। अधिकारियों ने आई-पैक कार्यालय से हार्ड डिस्क मोबाइल फोन लैपटॉप और चुनावी रणनीति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए जिनमें तृणमूल कांग्रेस के आईटी सेल से संबंधित सामग्री शामिल थी। प्रतीक जैन आईआईटी बॉम्बे के पूर्व छात्र हैं और आई-पैक के सह-संस्थापक तथा निदेशक हैं जो तृणमूल कांग्रेस की चुनावी रणनीति संभालते हैं। ईडी ने आरोप लगाया कि कोयला घोटाले की आय को हवाला चैनलों के माध्यम से आई-पैक को भेजा गया और इसका उपयोग तृणमूल कांग्रेस की गोवा चुनाव अभियान में किया गया जो 2018 से 2022 के बीच हुआ। छापेमारी के दौरान कोलकाता पुलिस कमिश्नर मनोज वर्मा और पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार मौजूद थे जबकि केंद्रीय बलों ने इमारत के प्रवेश और निकास को सील कर दिया था।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ईडी की इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित और बदले की कार्रवाई करार दिया तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर संवैधानिक एजेंसियों का दुरुपयोग कर विपक्षी दलों को डराने का आरोप लगाया। उन्होंने प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचकर हरे रंग की फाइल और एक मोबाइल फोन लेकर बाहर निकलीं तथा कहा कि ईडी अधिकारियों ने तृणमूल कांग्रेस के दस्तावेजों को जब्त करने का प्रयास किया जिसमें विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की सूची और आंतरिक चुनावी रणनीति से जुड़ी संवेदनशील जानकारी शामिल थी। बनर्जी ने आरोप लगाया कि ईडी ने तलाशी के दौरान दस्तावेज ट्रांसफर किए और मेजें खाली कर दीं जिससे चुनावी रणनीति की जानकारी चोरी हो सकती है। उन्होंने पूछा कि क्या राजनीतिक दलों का डेटा एकत्र करना ईडी का काम है तथा कहा कि तृणमूल कांग्रेस एक पंजीकृत दल है जो नियमित रूप से आयकर अदा करता है और ईडी को जरूरी जानकारी आयकर विभाग से लेनी चाहिए। बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि वे अपने गृह मंत्री पर नियंत्रण रखें तथा ईडी की कार्रवाई को असंवैधानिक बताया। उन्होंने प्रतीक जैन के आवास पर 20 से 25 मिनट रुककर दस्तावेजों की सुरक्षा की और फिर सेक्टर 5 स्थित आई-पैक कार्यालय पहुंची जहां उन्होंने सामान्य लिफ्ट से 11वीं मंजिल पर जाकर कार्यालय में रहने का फैसला किया। बनर्जी ने बताया कि उन्होंने जैन से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन उनका फोन ईडी ने जब्त कर लिया था जिसके बाद वे उनके आवास पर गईं। जैन कार्यालय पहुंचने के बाद बनर्जी शाम 4 बजकर 14 मिनट पर चली गईं।
ईडी ने ममता बनर्जी पर जांच में बाधा डालने और सबूत हटाने का आरोप लगाया तथा कहा कि मुख्यमंत्री ने प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचकर महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लेकर चली गईं जिसमें भौतिक दस्तावेज और मोबाइल फोन शामिल थे। जांच एजेंसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की जिसमें बनर्जी पर जांच में हस्तक्षेप का आरोप लगाया गया तथा कहा गया कि यह कार्रवाई कोयला तस्करी घोटाले की जांच को प्रभावित कर सकती है। ईडी ने दावा किया कि छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों ने तलाशी में बाधा डाली तथा दस्तावेज हटा लिए। अधिकारियों ने कहा कि प्रतीक जैन के खिलाफ कोयला घोटाले से जुड़े हवाला लेनदेन के विशिष्ट सबूत हैं तथा यह जांच 2020 के अवैध कोयला खनन घोटाले से जुड़ी है। ईडी ने ट्वीट कर स्पष्ट किया कि यह मामला कोयला तस्करी से जुड़ा है और तृणमूल कांग्रेस का इससे कोई संबंध नहीं है लेकिन जांच में नए सबूत मिले हैं। हाईकोर्ट में ईडी की याचिका में कहा गया कि बनर्जी ने छापेमारी स्थल पर पहुंचकर सबूतों को हटाया जो जांच की प्रक्रिया का उल्लंघन है। प्रतीक जैन की परिवार ने ईडी के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज कराई जिसमें आरोप लगाया गया कि छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज चोरी किए गए। परिवार ने कहा कि ईडी अधिकारियों ने घर से महत्वपूर्ण सामग्री चुराई तथा यह शिकायत कोलकाता पुलिस में दर्ज की गई। ईडी ने छापेमारी के दौरान आई-पैक कार्यालय से चुनावी रणनीति से जुड़े दस्तावेज जब्त किए जिनमें उम्मीदवारों की सूची और आंतरिक जानकारी शामिल थी। प्रतीक जैन तृणमूल कांग्रेस के आईटी सेल के प्रमुख हैं और आई-पैक पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी की चुनावी रणनीति संभालता है। ईडी ने आरोप लगाया कि कोयला घोटाले की आय को आई-पैक के माध्यम से तृणमूल कांग्रेस के गोवा अभियान में इस्तेमाल किया गया।
छापेमारी के दौरान उच्च स्तरीय नाटकीय घटनाक्रम हुआ जिसमें तृणमूल कांग्रेस के नेता जैसे बिधाननगर मेयर कृष्णा चक्रवर्ती और राज्य मंत्री सुजीत बोस मौजूद थे तथा बिधाननगर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। ममता बनर्जी ने पार्टी कार्यकर्ताओं से हर ब्लॉक में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया तथा कहा कि यदि बीजेपी बंगाल में जीतना चाहती है तो वह राजनीतिक रूप से मुकाबला करके दिखाए। ईडी ने कहा कि यह कार्रवाई कोयला घोटाले की जांच का हिस्सा है और इसमें अनूप माझी मुख्य आरोपी हैं जिनके ठिकानों पर भी तलाशी ली गई। यह मामला अब कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंच गया है जहां ईडी ने बनर्जी के हस्तक्षेप पर याचिका दायर की है तथा जांच में बाधा का आरोप लगाया है। ईडी ने कहा कि छापेमारी से नए सबूत मिले हैं जो कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े हैं। पश्चिम बंगाल में यह घटना चुनाव से पहले राजनीतिक तनाव बढ़ा रही है।
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