चुकंदर का जूस हीमोग्लोबिन लेवल सुधारने में सहायक, एक्सपर्ट से जानें कब कैसे और कितने दिनों तक पीना चाहिए। 

चुकंदर का जूस हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए लोकप्रिय घरेलू उपाय माना जाता है। चुकंदर में आयरन फोलेट पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स

Feb 6, 2026 - 11:28
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चुकंदर का जूस हीमोग्लोबिन लेवल सुधारने में सहायक, एक्सपर्ट से जानें कब कैसे और कितने दिनों तक पीना चाहिए। 
चुकंदर का जूस हीमोग्लोबिन लेवल सुधारने में सहायक, एक्सपर्ट से जानें कब कैसे और कितने दिनों तक पीना चाहिए। 
  • हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए चुकंदर का जूस पीना फायदेमंद, एक्सपर्ट बताते हैं सही समय मात्रा और अवधि
  • खून की कमी दूर करने के लिए चुकंदर जूस का सेवन, डॉक्टर बताते हैं सही तरीका समय और सीमा

चुकंदर का जूस हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए लोकप्रिय घरेलू उपाय माना जाता है। चुकंदर में आयरन फोलेट पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर होते हैं। आयरन हीमोग्लोबिन बनाने के लिए जरूरी तत्व है। कई लोग खून की कमी या एनीमिया में चुकंदर का जूस पीते हैं। एक्सपर्ट्स के अनुसार चुकंदर में आयरन की मात्रा सीमित है लेकिन नियमित सेवन से फायदा हो सकता है। 100 ग्राम चुकंदर में लगभग 0.8 मिलीग्राम आयरन होता है जो दैनिक जरूरत का 4-5 प्रतिशत पूरा करता है। इसे दवा की जगह नहीं बल्कि सपोर्टिव तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए। गंभीर एनीमिया में डॉक्टर की सलाह और आयरन सप्लीमेंट्स जरूरी हैं। चुकंदर का जूस विटामिन सी के साथ मिलाकर पीने से आयरन बेहतर अवशोषित होता है।

  • चुकंदर का जूस पीने का सही समय सुबह खाली पेट, पोषक तत्वों का बेहतर अवशोषण

चुकंदर का जूस पीने का सबसे अच्छा समय सुबह खाली पेट माना जाता है। इस समय शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित करता है। खाली पेट जूस पीना भारी लगे तो नाश्ते के एक घंटे बाद भी लिया जा सकता है। कुछ एक्सपर्ट्स दोपहर या शाम को भी सुझाते हैं लेकिन सुबह का समय सबसे प्रभावी है। खाली पेट पीने से आयरन और अन्य पोषक तत्व जल्दी शरीर में पहुंचते हैं।

  • एक दिन में कितना चुकंदर का जूस पीना चाहिए, 150-200 मिली पर्याप्त मात्रा

रोजाना 150 से 200 मिली चुकंदर का जूस पर्याप्त होता है। एक मध्यम आकार का चुकंदर लगभग 100-150 ग्राम होता है जिससे इतना जूस बन जाता है। ज्यादा पीने से ज्यादा फायदा नहीं बल्कि नुकसान हो सकता है। हफ्ते में 2 से 3 बार भी सेवन किया जा सकता है लेकिन हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए रोजाना पीना बेहतर है। जूस में नींबू मिलाकर पीने से आयरन अब्जॉर्ब होने में मदद मिलती है। गाजर आंवला या अनार के साथ मिलाकर भी पी सकते हैं।

  • कितने दिनों तक चुकंदर का जूस पीना चाहिए, 3-4 हफ्ते से शुरूआत में सुधार

हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए चुकंदर का जूस कम से कम 3 से 4 हफ्तों तक नियमित रूप से पीना चाहिए। इतने समय में खून की रिपोर्ट में हल्का सुधार दिख सकता है। कुछ सुझावों में 21 दिनों या 1 महीने तक पीने की सलाह है। गंभीर एनीमिया में सिर्फ जूस पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाएं जारी रखें।

  • चुकंदर के जूस के मुख्य फायदे हीमोग्लोबिन के लिए

चुकंदर आयरन फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है। आयरन हीमोग्लोबिन निर्माण में मदद करता है। फोलेट लाल रक्त कोशिकाओं के लिए जरूरी है। विटामिन सी के साथ मिलाकर पीने से आयरन बेहतर अब्जॉर्ब होता है। नियमित सेवन से एनीमिया के लक्षण जैसे थकान कम हो सकते हैं। चुकंदर लिवर डिटॉक्स और पाचन में भी सहायक है। खून साफ करने में मदद करता है।

  • चुकंदर जूस बनाने और पीने के तरीके

एक मध्यम चुकंदर लें। छोटे टुकड़ों में काटें। जूसर में डालकर जूस निकालें। थोड़ा पानी मिलाएं। नींबू का रस डालकर मिलाएं। छानकर पीएं। सुबह खाली पेट पिएं। 150-200 मिली मात्रा रखें। गाजर या अनार मिलाकर भी बना सकते हैं।

चुकंदर का जूस हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक है लेकिन आयरन की मात्रा कम होने से अकेला पर्याप्त नहीं। 100 ग्राम में 0.8 मिलीग्राम आयरन है। दैनिक जरूरत का छोटा हिस्सा पूरा करता है। विटामिन सी स्रोत जैसे नींबू मिलाकर पीने से फायदा बढ़ता है। सुबह खाली पेट 150-200 मिली पीना सुझाया जाता है। 3-4 हफ्ते तक नियमित सेवन से सुधार दिख सकता है। ज्यादा पीने से बीटूरिया लो ब्लड प्रेशर या किडनी स्टोन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। किडनी स्टोन वाले कम मात्रा लें। प्रेग्नेंट महिलाएं डॉक्टर से सलाह लें। चुकंदर का जूस अन्य फायदे जैसे रक्तचाप नियंत्रण और ऊर्जा बढ़ाने में भी मदद करता है।

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