पेट्रोल-डीजल कीमतें स्थिर, 13 अप्रैल 2026 को इन शहरों में कितना है भाव?
ये कीमतें आम आदमी, व्यापारियों, किसानों और उद्योगपतियों को सीधे प्रभावित करती हैं। दिल्ली-NCR में कम पेट्रोल-डीजल कीमतों से ट्रांसपोर्ट और दैनिक यात्रा सस्ती होती है। नोएडा और दिल्ली के बीच आवागमन करने वाले लोगों को फायदा है। उत्तर प्रदेश के शहरों
आज 13 अप्रैल 2026 को देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं। तेल कंपनियों ने आज कोई बड़ा बदलाव नहीं किया है। अंतरराष्ट्रीय क्रूड ऑयल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू बाजार में स्थिरता बरकरार है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों, कोलकाता, पुणे, मुंबई, असम, चेन्नई, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और राजस्थान समेत सभी जगहों पर भावों की सटीक जानकारी नीचे दी गई है। ये भाव भरोसेमंद स्रोतों से सत्यापित हैं और आज सुबह 6 बजे के बाद लागू हुए हैं।
नीचे सभी जगहों के पेट्रोल और डीजल के भाव तालिका के रूप में दिए गए हैं (प्रति लीटर रुपये में):
| जगह | पेट्रोल (₹/लीटर) | डीजल (₹/लीटर) |
|---|---|---|
| दिल्ली | 94.77 | 87.67 |
| नोएडा | 94.77 | 88.29 |
| लखनऊ | 94.73 | 87.81 |
| कानपुर | 94.80 | 87.49 |
| बरेली | 94.85 | 88.21 |
| शाहजहांपुर | 94.90 | 87.95 |
| बाराबंकी | 94.75 | 88.47 |
| मुरादाबाद | 94.89 | 88.03 |
| आगरा | 94.51 | 87.56 |
| हरदोई | 94.80 | 87.99 |
| कोलकाता | 105.41 | 92.02 |
| पुणे | 104.39 | 90.20 |
| मुंबई | 103.54 | 90.03 |
| असम (गुवाहाटी) | 98.24 | 89.42 |
| चेन्नई (तमिलनाडु) | 100.93 | 92.39 |
| मध्य प्रदेश (भोपाल) | 106.79 | 91.88 |
| राजस्थान (जयपुर) | 105.21 | 90.65 |
उत्तर प्रदेश के इन सभी शहरों में भाव लगभग एक जैसे हैं क्योंकि राज्य स्तर पर वैट और अन्य टैक्स समान हैं। छोटे शहरों में डिपो के आधार पर कुछ पैसे का अंतर हो सकता है, लेकिन आज कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ। कोलकाता में पेट्रोल 105.41 रुपये और डीजल 92.02 रुपये है, जो पूर्वी भारत में सबसे ऊंचा है। पश्चिम बंगाल में टैक्स की वजह से यहां कीमतें ज्यादा हैं। पुणे में पेट्रोल 104.39 रुपये और डीजल 90.20 रुपये है। मुंबई में पेट्रोल 103.54 रुपये और डीजल 90.03 रुपये है। महाराष्ट्र में भी टैक्स स्ट्रक्चर की वजह से कीमतें ऊंची हैं।
असम में गुवाहाटी के लिए पेट्रोल 98.24 रुपये और डीजल 89.42 रुपये है। पूर्वोत्तर राज्यों में कुछ राहत मिलती है क्योंकि क्रूड पाइपलाइन और लोकल फैक्टर्स से प्रभावित होता है। चेन्नई और पूरे तमिलनाडु में पेट्रोल 100.93 रुपये और डीजल 92.39 रुपये है। दक्षिण भारत में तमिलनाडु की कीमतें मध्यम स्तर पर हैं। मध्य प्रदेश के भोपाल में पेट्रोल 106.79 रुपये और डीजल 91.88 रुपये है। राजस्थान के जयपुर में पेट्रोल 105.21 रुपये और डीजल 90.65 रुपये है। इन राज्यों में भी टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट का असर दिखता है।
ये कीमतें आम आदमी, व्यापारियों, किसानों और उद्योगपतियों को सीधे प्रभावित करती हैं। दिल्ली-NCR में कम पेट्रोल-डीजल कीमतों से ट्रांसपोर्ट और दैनिक यात्रा सस्ती होती है। नोएडा और दिल्ली के बीच आवागमन करने वाले लोगों को फायदा है। उत्तर प्रदेश के शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा और हरदोई में कीमतें लगभग समान होने से राज्य के अंदर माल ढुलाई और बस-ट्रक सर्विस पर बोझ कम है। किसान डीजल से चलने वाले ट्रैक्टर और पंपसेट का इस्तेमाल करते हैं, इसलिए 87-88 रुपये का डीजल उनके लिए राहत है। लेकिन अगर कीमतें बढ़ीं तो खेती की लागत बढ़ जाएगी। कोलकाता में ऊंची कीमतें ट्रांसपोर्ट और उद्योग को प्रभावित करती हैं। पुणे और मुंबई में महंगे ईंधन से ऑटो इंडस्ट्री और लॉजिस्टिक्स पर असर पड़ता है। असम में सस्ते भाव से लोकल ट्रांसपोर्ट और कृषि को फायदा है। चेन्नई और तमिलनाडु में मध्यम कीमतें मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बैलेंस करती हैं। मध्य प्रदेश और राजस्थान में ऊंचे भाव किसानों और ट्रांसपोर्टर्स के लिए चुनौती हैं, जहां डीजल पर निर्भरता ज्यादा है। राजस्थान में जयपुर के आसपास कीमतें ऊंची होने से पर्यटन और रोड ट्रांसपोर्ट प्रभावित होता है।
पेट्रोल और डीजल की कीमतें कई फैक्टर्स पर निर्भर करती हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रूड ऑयल की कीमत आज लगभग 100-102 डॉलर प्रति बैरल के आसपास है। रुपये की वैल्यू, सरकार की एक्साइज ड्यूटी, राज्य स्तर पर वैट और डीलर कमीशन सभी मिलकर फाइनल रेट तय करते हैं। 2017 से दैनिक मूल्य संशोधन सिस्टम शुरू होने के बाद कीमतें हर दिन 6 बजे सुबह अपडेट होती हैं। आज कोई बदलाव नहीं हुआ, जो पिछले 10-12 दिनों की स्थिरता को दर्शाता है। पिछले साल की तुलना में कीमतें ज्यादा नहीं बढ़ी हैं, लेकिन महंगाई के दौर में हर रुपये का फर्क आम जनता महसूस करती है। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में जहां लाखों वाहन रोज चलते हैं, इन कीमतों का सीधा असर बस किराए, टैक्सी फेयर और माल ढुलाई पर पड़ता है। दिल्ली से लखनऊ या कानपुर जाने वाले यात्रियों को थोड़ी राहत मिल सकती है। छोटे शहरों जैसे शाहजहांपुर, बाराबंकी, हरदोई में लोकल ट्रांसपोर्ट सस्ता रहने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सपोर्ट मिलता है। कोलकाता में ऊंचे भाव से पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर दबाव बढ़ता है। मुंबई और पुणे जैसे महानगरों में ऑफिस कम्यूटर्स को ज्यादा खर्च करना पड़ता है। असम, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और राजस्थान में राज्य सरकारों की टैक्स पॉलिसी अलग-अलग होने से अंतर आता है।
सरकार समय-समय पर सब्सिडी या राहत पैकेज देती है, लेकिन फिलहाल कोई बड़ा ऐलान नहीं है। उपभोक्ता को सलाह है कि रोजाना अपने शहर का भाव चेक करें क्योंकि छोटे बदलाव होते रहते हैं। कारपूलिंग, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और फ्यूल एफिशिएंट वाहनों का इस्तेमाल करके खर्च बचाया जा सकता है। लंबे समय में इलेक्ट्रिक वाहनों की तरफ शिफ्ट होने से फ्यूल डिपेंडेंसी कम होगी। आर्थिक नजरिए से देखें तो स्थिर ईंधन कीमतें महंगाई को कंट्रोल करती हैं। ट्रांसपोर्ट कॉस्ट कम होने से सामान की कीमतें स्थिर रहती हैं। कृषि, उद्योग और सर्विस सेक्टर सभी इससे जुड़े हैं। उत्तर प्रदेश के शहरों में जहां औद्योगिक गतिविधि बढ़ रही है, सस्ता डीजल माल ढुलाई को आसान बनाता है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में डीजल महंगा होने से खेती की लागत बढ़ सकती है, लेकिन राजस्थान सरकार कभी-कभी किसानों को राहत देती है। तमिलनाडु और असम में बैलेंस्ड भाव आर्थिक विकास को सपोर्ट करते हैं।
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