बरेली में इंस्टाग्राम कमेंट का खूनी अंजाम: दोस्त ने ही ईंट से कुचलकर ली जान, सनक की भेंट चढ़ी 24 साल के युवक की जिंदगी।
हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपी ने बहुत ही शातिर तरीका अपनाया। 8 अप्रैल की शाम को उसने अमन को विश्वास में लेकर सुनसान खंडहर वाले घर में बुलाया, जहाँ आमतौर पर लोगों की आवाजाही न के बराबर होती है। जैसे ही अमन
- सोशल मीडिया की रंजिश ने उजाड़ा परिवार: बरेली पुलिस ने 36 घंटे में सुलझाई अमन रजा की हत्या की गुत्थी, आरोपी समद मूसा गिरफ्तार।
- सिटी रेलवे स्टेशन के पास खंडहर में मिला था सैलून कर्मी का शव: भद्दे कमेंट्स से नाराज दोस्त ने रची थी मौत की साजिश, सीसीटीवी ने खोला राज।
उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में सोशल मीडिया के दौर में उपजी एक छोटी सी रंजिश ने इतना भयानक रूप ले लिया कि एक युवक को अपनी जान गंवानी पड़ी। शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिटी रेलवे स्टेशन के पास एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक दोस्त ने अपने ही साथी की ईंट से कुचलकर बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक की पहचान 24 वर्षीय अमन रजा के रूप में हुई है, जो बरेली के मलूकपुर इलाके का रहने वाला था और पेशे से एक सैलून में काम करता था। घटना की सूचना तब मिली जब 8 अप्रैल को सिटी रेलवे स्टेशन के समीप स्थित एक पुराने और खंडहर हो चुके मकान में अमन का लथपथ शव बरामद हुआ। इस घटना ने पूरे शहर में सनसनी फैला दी और पुलिस प्रशासन के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा, क्योंकि शुरुआती तौर पर हत्या के पीछे का कोई स्पष्ट कारण नजर नहीं आ रहा था।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच की कमान संभाली और घटनास्थल का सूक्ष्मता से निरीक्षण किया। अमन रजा के शव की स्थिति को देखकर यह स्पष्ट था कि हमलावर ने उसके सिर पर भारी वस्तु से कई वार किए थे, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। मृतक के परिजनों ने अपनी शिकायत में अमन के तीन करीबी दोस्तों पर शक जताते हुए उनके खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई थी। हालांकि, पुलिस ने जब उन तीनों दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और उनके घटना के समय की लोकेशन की जांच की, तो वे पूरी तरह निर्दोष पाए गए। इस मोड़ पर आकर जांच एक बार फिर शून्य पर खड़ी हो गई थी, लेकिन बरेली पुलिस ने हार नहीं मानी और दोबारा से घटनास्थल के आसपास के इलाकों को खंगालना शुरू किया ताकि हत्यारे तक पहुंचने का कोई सुराग मिल सके।
जांच के अगले चरण में पुलिस ने अपनी रणनीति बदलते हुए तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। घटनास्थल के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को घंटों तक खंगाला गया और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी गई। साथ ही, मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स रिकॉर्ड (CDR) और सोशल मीडिया गतिविधियों का बारीकी से अध्ययन किया गया। इस प्रक्रिया के दौरान पुलिस को जखीरा इलाके के रहने वाले 19 वर्षीय समद मूसा की गतिविधियों पर शक हुआ। कॉल रिकॉर्ड्स से यह पता चला कि घटना से कुछ समय पहले अमन और समद के बीच संपर्क हुआ था। पुलिस ने जब समद को उठाकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर तक खुद को बचा नहीं पाया और उसने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए पूरी दास्तां सुना दी, जिसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। आरोपी समद मूसा ने बताया कि उसकी और अमन की दोस्ती कुछ महीने पहले इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। दोनों अक्सर एक-दूसरे की पोस्ट देखते थे। विवाद तब शुरू हुआ जब अमन ने समद की एक इंस्टाग्राम पोस्ट पर कुछ भद्दे और आपत्तिजनक कमेंट्स कर दिए। समद को यह बात नागवार गुजरी और उसने इसे अपना अपमान समझा। इसी डिजिटल रंजिश का बदला लेने के लिए उसने अमन को ठिकाने लगाने की योजना बनाई और उसे मिलने के बहाने सिटी रेलवे स्टेशन के पास के खंडहर में बुलाया।
हत्या की साजिश को अंजाम देने के लिए आरोपी ने बहुत ही शातिर तरीका अपनाया। 8 अप्रैल की शाम को उसने अमन को विश्वास में लेकर सुनसान खंडहर वाले घर में बुलाया, जहाँ आमतौर पर लोगों की आवाजाही न के बराबर होती है। जैसे ही अमन वहां पहुंचा, दोनों के बीच फिर से बहस शुरू हुई और इसी दौरान समद ने पास पड़ी एक ईंट उठाकर अमन के सिर पर दे मारी। जब अमन जमीन पर गिरकर तड़पने लगा, तो आरोपी ने लगातार कई बार ईंट से उसके चेहरे और सिर को कुचल दिया ताकि उसकी पहचान मिटाई जा सके और उसकी मृत्यु सुनिश्चित हो जाए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से चुपचाप फरार हो गया और सामान्य जीवन जीने की कोशिश करने लगा, ताकि किसी को उस पर शक न हो। लेकिन वह यह भूल गया कि आधुनिक पुलिसिंग की नजरों से बचना इतना आसान नहीं है।
बरेली पुलिस ने महज 36 घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल की गुत्थी को सुलझाकर अपनी कार्यक्षमता का परिचय दिया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उसके पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद करने का प्रयास किया जा रहा है जिससे विवाद की शुरुआत हुई थी। इस घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि कैसे सोशल मीडिया पर की गई एक छोटी सी टिप्पणी किसी के भीतर इतनी नफरत भर सकती है कि वह किसी की जान लेने पर उतारू हो जाए। 19 साल के लड़के का इस तरह के जघन्य अपराध में शामिल होना समाज में बढ़ती असहिष्णुता और आपराधिक मानसिकता की ओर संकेत करता है। पुलिस अब आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है ताकि घटना से जुड़े अन्य साक्ष्यों को और अधिक मजबूती से पेश किया जा सके।
मलूकपुर इलाके में अमन रजा की मौत के बाद से मातम पसरा हुआ है। एक मध्यमवर्गीय परिवार का जवान बेटा, जो अपनी मेहनत से घर चलाने में मदद कर रहा था, इस तरह एक सनकी दोस्त की भेंट चढ़ जाएगा, यह किसी ने सोचा नहीं था। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि हत्यारे को फांसी या उम्रकैद जैसी कड़ी सजा मिले। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सिटी रेलवे स्टेशन के पास के खंडहर असामाजिक तत्वों के अड्डे बनते जा रहे हैं, जहाँ इस तरह की घटनाओं को अंजाम देना आसान हो गया है।
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