14 अप्रैल 2026 को देशभर में सोने, चांदी और प्लैटिनम के भाव: अच्छी खबर या चिंता? विस्तृत विश्लेषण
भारत में सोने, चांदी और प्लैटिनम की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की मांग और
आज 14 अप्रैल 2026 को भारत में सोने, चांदी और प्लैटिनम की कीमतें लगभग स्थिर बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमती धातुओं की मांग और सप्लाई के संतुलन के कारण घरेलू स्तर पर कोई बड़ा उछाल या गिरावट नहीं देखी गई। दिल्ली, नोएडा, लखनऊ, कानपुर, बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, आगरा, हरदोई, कोलकाता, पुणे, मुंबई, असम, चेन्नई, तमिलनाडु, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे प्रमुख शहरों व राज्यों में निवेशक, ज्वेलर्स और आम उपभोक्ताओं के लिए भाव पिछले दिनों की तरह ही हैं। यह स्थिरता शादी-ब्याह के सीजन, त्योहारों और निवेश की दृष्टि से राहत दे रही है, क्योंकि कीमती धातुओं में छोटा उतार-चढ़ाव भी लाखों परिवारों के बजट को प्रभावित करता है। कीमतें प्रति 10 ग्राम (सोना और प्लैटिनम) तथा प्रति किलोग्राम (चांदी) में हैं और आज सुबह के नवीनतम अपडेट पर आधारित हैं। छोटे शहरों में जहां सटीक डेटा उपलब्ध नहीं था, वहां राज्य की प्रमुख नगरी या निकटतम शहर के भाव को आधार बनाया गया है, क्योंकि शुद्ध धातु की कीमतें राज्य स्तर पर लगभग समान रहती हैं।
| जगह | 24 कैरेट सोना (₹/10g) | 22 कैरेट सोना (₹/10g) | 18 कैरेट सोना (₹/10g) | चांदी (₹/kg) | प्लैटिनम (₹/10g) |
|---|---|---|---|---|---|
| दिल्ली | 1,52,600 | 1,39,890 | 1,14,480 | 2,54,900 | 61,070 |
| नोएडा | 1,52,600 | 1,39,890 | 1,14,480 | 2,54,900 | 61,070 |
| लखनऊ | 1,54,080 | 1,41,250 | 1,15,600 | 2,55,000 | 61,070 |
| कानपुर | 1,54,080 | 1,41,250 | 1,15,600 | 2,55,000 | 61,070 |
| बरेली | 1,54,080 | 1,41,250 | 1,15,600 | 2,55,000 | 61,070 |
| शाहजहांपुर | 1,54,080 | 1,41,250 | 1,15,600 | 2,55,000 | 61,070 |
| बाराबंकी | 1,54,080 | 1,41,250 | 1,15,600 | 2,55,000 | 61,070 |
| मुरादाबाद | 1,54,080 | 1,41,250 | 1,15,600 | 2,55,000 | 61,070 |
| आगरा | 1,54,080 | 1,41,250 | 1,15,600 | 2,55,000 | 61,070 |
| हरदोई | 1,54,080 | 1,41,250 | 1,15,600 | 2,55,000 | 61,070 |
| कोलकाता | 1,53,930 | 1,41,100 | 1,15,450 | 2,55,000 | 61,070 |
| पुणे | 1,53,930 | 1,41,100 | 1,15,450 | 2,55,000 | 61,070 |
| मुंबई | 1,53,930 | 1,41,100 | 1,15,450 | 2,55,000 | 61,070 |
| असम (गुवाहाटी) | 1,53,930 | 1,41,100 | 1,15,450 | 2,55,000 | 61,070 |
| चेन्नई | 1,53,930 | 1,41,100 | 1,15,450 | 2,65,000 | 61,070 |
| तमिलनाडु | 1,53,930 | 1,41,100 | 1,15,450 | 2,65,000 | 61,070 |
| मध्य प्रदेश | 1,53,930 | 1,41,100 | 1,15,450 | 2,55,000 | 61,070 |
| राजस्थान | 1,53,930 | 1,41,100 | 1,15,450 | 2,55,000 | 61,070 |
14 अप्रैल 2026 को इन भावों का महत्व क्यों है? पिछले एक महीने से सोने की कीमतें 15,000 रुपये प्रति ग्राम (या 1,50,000 प्रति 10 ग्राम) के स्तर पर स्थिर हैं। अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण बाजार में अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारतीय बाजार में स्थिरता बनी रही। चांदी भी 2,55,000 रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास घूम रही है। प्लैटिनम औद्योगिक मांग के कारण 6,107 रुपये प्रति ग्राम पर टिका हुआ है। यह स्थिति ज्वेलरी कारोबार, निवेशकों और किसानों के लिए सकारात्मक है। उत्तर प्रदेश के शहरों जैसे लखनऊ, कानपुर, आगरा, बरेली, शाहजहांपुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, हरदोई में सोने के भाव लखनऊ के समान हैं। यहां शादी के सीजन में लाखों परिवार सोना खरीदते हैं। अगर कीमतें 2-3 प्रतिशत भी बढ़ जातीं तो बजट प्रभावित होता। लेकिन स्थिरता ने बाजार को संतुलित रखा है। नोएडा और दिल्ली में भाव थोड़े कम हैं क्योंकि एनसीआर क्षेत्र में आयात और वितरण आसान है। दिल्ली में 24 कैरेट सोना 1,52,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर उपलब्ध है जो निवेश के लिए आकर्षक है।
कोलकाता में भाव राष्ट्रीय औसत के करीब हैं। यहां पूर्वी भारत का प्रमुख बाजार होने से चांदी की मांग अधिक है। पुणे और मुंबई महाराष्ट्र के आर्थिक हब हैं जहां आईटी प्रोफेशनल्स और व्यापारी सोने में निवेश करते हैं। मुंबई में 22 कैरेट सोना लगभग 1,41,100 रुपये प्रति 10 ग्राम है। इन शहरों में ऑफिस जाने वाले लोग और छोटे व्यापारी नियमित रूप से भाव चेक करते हैं। असम के गुवाहाटी क्षेत्र में भाव राष्ट्रीय स्तर पर हैं। पूर्वोत्तर में भौगोलिक चुनौतियों के बावजूद कीमतें नियंत्रित हैं। चेन्नई और तमिलनाडु में चांदी थोड़ी महंगी (2,65,000 रुपये प्रति किलोग्राम) है क्योंकि दक्षिण भारत में ज्वेलरी और सिल्वर आर्टिफैक्ट्स की मांग ज्यादा है। मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाव औसत हैं। राजस्थान में जयपुर गोल्ड मार्केट प्रसिद्ध है जहां पर्यटक और स्थानीय दोनों खरीदारी करते हैं।
कीमती धातुओं की कीमतें कैसे तय होती हैं? यह अंतरराष्ट्रीय लंदन मार्केट (LBMA), डॉलर-रुपया एक्सचेंज रेट, वैश्विक मांग और घरेलू टैक्स पर निर्भर करता है। सरकार एक्साइज और जीएसटी लगाती है। ज्वेलर्स मेकिंग चार्जेस अलग से लेते हैं। इसलिए शुद्ध भाव से खरीदने पर 5-10 प्रतिशत अतिरिक्त खर्च हो सकता है। इस बार अंतरराष्ट्रीय कच्चे सोने की कीमत स्थिर रहने से घरेलू बाजार ने राहत दी है। इस स्थिरता का अर्थव्यवस्था पर प्रभाव गहरा है। सोने-चांदी की कीमतें स्थिर रहने से शादी-ब्याह का खर्च कम हुआ। किसान और छोटे व्यापारी अपनी बचत सोने में लगा पा रहे हैं। मुद्रास्फीति नियंत्रित है। लेकिन अगर भविष्य में वैश्विक तनाव बढ़ा तो भाव बढ़ सकते हैं। प्लैटिनम का उपयोग ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स में होता है, इसलिए इसकी स्थिरता उद्योग के लिए अच्छी है।
आम आदमी को क्या सलाह? सोना खरीदते समय हमेशा 22 कैरेट या 24 कैरेट का BIS हॉलमार्क चेक करें। ऑनलाइन या प्रमाणित ज्वेलर्स से खरीदें। चांदी के बर्तन या सिक्के निवेश के लिए अच्छे हैं लेकिन स्टोरेज का ध्यान रखें। प्लैटिनम अभी महंगा है लेकिन लंबे समय में बढ़ोतरी की संभावना है। ई-गोल्ड या सोने के ETF से बिना फिजिकल स्टोरेज के निवेश करें। छोटे बदलाव जैसे पुराना गहना बेचकर नया खरीदना या सिल्वर फ्यूचर्स में ट्रेडिंग से फायदा हो सकता है। इन शहरों में भावों का सामाजिक प्रभाव भी देखने लायक है। दिल्ली-नोएडा में ट्रैफिक और व्यस्त जीवन में लोग डिजिटल गोल्ड ऐप्स से भाव चेक करते हैं। लखनऊ-कानपुर जैसे शहरों में पारंपरिक ज्वेलरी मार्केट सक्रिय हैं। आगरा-बरेली में पर्यटन और स्थानीय हस्तशिल्प सोने-चांदी पर निर्भर हैं। कोलकाता में सिल्वर आर्ट का बाजार बड़ा है। मुंबई-पुणे में कॉर्पोरेट निवेशक सोने को सुरक्षित निवेश मानते हैं। असम और राजस्थान जैसे क्षेत्रों में सांस्कृतिक महत्व के कारण सोना-चांदी की खपत अधिक है। मध्य प्रदेश में कृषि क्षेत्र के लोग चांदी में बचत करते हैं।
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